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हाथ में तिरंगा, शौर्य चक्र देने की मांग: यात्रियों की जान बचाने वाले कैप्टन स्मित के घर उमड़ा जनसैलाब; क्यों?
Thu, 01 Oct 2026 04:55 PM IST
राकेश कुमार
पीटीआई, मुंबई।
पीटीआई, मुंबई।
Published by: राकेश कुमार
Updated Thu, 01 Oct 2026 04:55 PM IST
सार
मुंबई के तिलकनगर में कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी के सम्मान में सैकड़ों लोग उनके घर के बाहर जुटे। फ्लाईदुबई की उड़ान में सह-पायलट के कथित हमले के दौरान विमान तेजी से नीचे आया था, लेकिन बड़ी त्रासदी टल गई। लोगों ने उनके लिए वीरता पुरस्कार की मांग की और जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना की। भारतीय दूतावास के अनुसार, स्मित का सऊदी अरब के तबुक शहर में इलाज चल रहा है और अधिकारी उनके परिवार के संपर्क में हैं।
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कैप्टन स्मित मच्छार को सलाम!
- फोटो : @AI/अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
मुंबई के तिलकनगर में गुरुवार को कैप्टन स्मित मच्छार के घर के बाहर सैकड़ों लोग जुटे। हाथों में तिरंगा और उनकी तस्वीरें लेकर पहुंचे लोगों ने उनकी बहादुरी को सलाम किया और जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना की। लोगों ने ‘भारत माता की जय’ के नारे भी लगाए। इस दौरान कई लोगों ने स्मित को शौर्य चक्र और कुछ ने देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न देने की मांग भी की।
कैप्टन स्मित मच्छार ने ऐसा क्या किया?
कैप्टन स्मित मच्छार फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड1073 के पायलट थे। यह विमान संयुक्त अरब अमीरात से इस्राइल के तेल अवीव जा रहा था और इसमें 174 लोग सवार थे। बुधवार को विमान के कॉकपिट में उनके सह-पायलट ने कथित तौर पर उन पर चाकू से हमला किया। इस घटना के दौरान विमान 30 सेकंड से भी कम समय में करीब 14 हजार फुट नीचे आ गया। खबर के मुताबिक, कैप्टन स्मित की बहादुरी और सूझबूझ से विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने की कोशिश नाकाम हुई और एक बड़ी त्रासदी टल गई।
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उनके पड़ोसी और बचपन के दोस्त ने कही यह बड़ी बात
कैप्टन स्मित के पड़ोसी दौलतभाई वोरा ने कहा कि वह उन्हें बचपन से जानते हैं और उनका परिवार उनके बेहद करीब है। उन्होंने कुछ समय तक स्मित के पिता के साथ कारोबार भी किया था। वोरा ने कहा कि स्मित के पिता ने अपने दोनों बेटों की अच्छी परवरिश दी है और उन्हें स्मित की उपलब्धि पर गर्व है। उनके मुताबिक, स्मित के धैर्य और सूझबूझ ने बड़ी दुर्घटना टालने में अहम भूमिका निभाई।
स्मित के बचपन के दोस्त प्रतीक गांधी ने उन्हें महत्वाकांक्षी, लेकिन जमीन से जुड़ा इंसान बताया। उन्होंने कहा कि दोनों साथ क्रिकेट खेलते थे और उनके बीच करियर तथा आगे बढ़ने को लेकर अक्सर बातचीत होती थी। प्रतीक के मुताबिक, स्मित दबाव की स्थिति में भी शांत रहते हैं और अपना संयम बनाए रखते हैं। एक अन्य दोस्त अमित सोनी ने उन्हें खुशमिजाज और जिंदादिल बताया। उन्होंने कहा, 'हम उनकी सेहत को लेकर बहुत चिंतित हैं। उन्हें जानने वाले ही नहीं, बल्कि मुंबई का हर नागरिक उन पर गर्व करता है।'
यह भी पढ़ें: एक्सप्लेनर: हाईजैक से इंजन फेल होने तक, बड़े विमान संकट के वक्त पायलट और क्रू ने कब-कब बचाई यात्रियों की जान?
कहां है कैप्टन स्मित मच्छार का परिवार?
अमित सोनी के मुताबिक, स्मित के माता-पिता मुंबई के तिलकनगर स्थित आवासीय परिसर में रहते हैं। वहीं, स्मित अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ दुबई में रहते हैं। वे अक्सर मुंबई आते हैं। सोनी ने कहा कि अगली बार मुंबई आने पर स्मित का भव्य स्वागत किया जाएगा। इस बीच, रियाद स्थित भारतीय दूतावास ने बताया कि कैप्टन स्मित उत्तर-पश्चिमी सऊदी अरब के तबुक शहर के एक अस्पताल में भर्ती हैं और उन्हें जरूरी चिकित्सा सहायता दी जा रही है।
भारतीय दूतावास ने बताया कि कैप्टन स्मित का अस्पताल में इलाज चल रहा है। रियाद स्थित भारतीय दूतावास और जेद्दा स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास उनके स्वास्थ्य पर करीबी नजर रख रहे हैं। दोनों कार्यालय उनके परिवार के संपर्क में भी हैं। हालांकि, जारी जानकारी में उनकी सेहत को लेकर कोई विस्तृत चिकित्सकीय विवरण नहीं दिया गया है।
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कैप्टन स्मित मच्छार ने ऐसा क्या किया?
कैप्टन स्मित मच्छार फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड1073 के पायलट थे। यह विमान संयुक्त अरब अमीरात से इस्राइल के तेल अवीव जा रहा था और इसमें 174 लोग सवार थे। बुधवार को विमान के कॉकपिट में उनके सह-पायलट ने कथित तौर पर उन पर चाकू से हमला किया। इस घटना के दौरान विमान 30 सेकंड से भी कम समय में करीब 14 हजार फुट नीचे आ गया। खबर के मुताबिक, कैप्टन स्मित की बहादुरी और सूझबूझ से विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने की कोशिश नाकाम हुई और एक बड़ी त्रासदी टल गई।
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उनके पड़ोसी और बचपन के दोस्त ने कही यह बड़ी बात
कैप्टन स्मित के पड़ोसी दौलतभाई वोरा ने कहा कि वह उन्हें बचपन से जानते हैं और उनका परिवार उनके बेहद करीब है। उन्होंने कुछ समय तक स्मित के पिता के साथ कारोबार भी किया था। वोरा ने कहा कि स्मित के पिता ने अपने दोनों बेटों की अच्छी परवरिश दी है और उन्हें स्मित की उपलब्धि पर गर्व है। उनके मुताबिक, स्मित के धैर्य और सूझबूझ ने बड़ी दुर्घटना टालने में अहम भूमिका निभाई।
स्मित के बचपन के दोस्त प्रतीक गांधी ने उन्हें महत्वाकांक्षी, लेकिन जमीन से जुड़ा इंसान बताया। उन्होंने कहा कि दोनों साथ क्रिकेट खेलते थे और उनके बीच करियर तथा आगे बढ़ने को लेकर अक्सर बातचीत होती थी। प्रतीक के मुताबिक, स्मित दबाव की स्थिति में भी शांत रहते हैं और अपना संयम बनाए रखते हैं। एक अन्य दोस्त अमित सोनी ने उन्हें खुशमिजाज और जिंदादिल बताया। उन्होंने कहा, 'हम उनकी सेहत को लेकर बहुत चिंतित हैं। उन्हें जानने वाले ही नहीं, बल्कि मुंबई का हर नागरिक उन पर गर्व करता है।'
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कहां है कैप्टन स्मित मच्छार का परिवार?
अमित सोनी के मुताबिक, स्मित के माता-पिता मुंबई के तिलकनगर स्थित आवासीय परिसर में रहते हैं। वहीं, स्मित अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ दुबई में रहते हैं। वे अक्सर मुंबई आते हैं। सोनी ने कहा कि अगली बार मुंबई आने पर स्मित का भव्य स्वागत किया जाएगा। इस बीच, रियाद स्थित भारतीय दूतावास ने बताया कि कैप्टन स्मित उत्तर-पश्चिमी सऊदी अरब के तबुक शहर के एक अस्पताल में भर्ती हैं और उन्हें जरूरी चिकित्सा सहायता दी जा रही है।
भारतीय दूतावास ने बताया कि कैप्टन स्मित का अस्पताल में इलाज चल रहा है। रियाद स्थित भारतीय दूतावास और जेद्दा स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास उनके स्वास्थ्य पर करीबी नजर रख रहे हैं। दोनों कार्यालय उनके परिवार के संपर्क में भी हैं। हालांकि, जारी जानकारी में उनकी सेहत को लेकर कोई विस्तृत चिकित्सकीय विवरण नहीं दिया गया है।