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मुंबईः दो दिन से ऑटो रिक्शा में बीमार पड़ा व्यक्ति, सामने आई पुलिस और बीएमसी की संवेदनहीनता
Thu, 11 Jun 2020 09:54 PM IST
Rohit Ojha
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
Published by: Rohit Ojha
Updated Thu, 11 Jun 2020 09:54 PM IST
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मुंबई में कोरोना महामारी के चलते स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। सरकारी अस्पतालों से लेकर प्राइवेट अस्पातलों में नित नई लापरवारी के किस्से सामने आ रहे हैं। जो बिचलित करने वाली है। पश्चिमी उपनगर के मलाड इलाके में दो दिन से एक बीमार व्यक्ति ऑटो रिक्शे में पड़ा मिला। कोरोना के लक्षण दिख रहे इस व्यक्ति को देखकर स्थानीय नागरिकों में खौफ फैल गया। हालांकि, भाजपा के नेताओं ने बड़ी मशक्कत के बाद मलाड के एक हास्पिटल में उसे भर्ती कराया।
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ऑटो रिक्शा में पड़े व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती करने के लिए स्थानीय लोगों ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) और पुलिस को सूचित किया, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। व्यक्ति में कोरोना जैसे लक्षण दिखने के कारण कोई उसकी मदद के लिए भी आगे नहीं आया। स्थानीय भाजपा विधायक अतुल भातखलकर और भाजपा दल के नेता व प्रभाग समिति के चेयर मैन विनोद मिश्र ने ऑटो रिक्शे में पड़े मरीज को उठाकर मलाड स्थिति बीएमसी के एम डब्लू देसाई अस्पताल में भर्ती कराया।
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मिश्र ने बताया कि रिक्शे में पड़े व्यक्ति का नाम त्रिलोक सिंह है। जो विक्षिप्त सा हो गया है। पहले तो अस्पताल के मेडिकल ऑफिसर डॉ. प्रशांत मोरे ने भर्ती करने का आश्वासन दिया, लेकिन जब त्रिलोक सिंह को अस्पताल ले जाया गया तो दो घंटे तक बाहर रखा गया और बाद में भर्ती करने से मना कर दिया गया। विधायक अतुल भातखलकर ने कहा कि महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार कोरोना से निपटने में पूरी तरह फेल हो चुकी है। यह फेसबुकिया सरकार है जो निष्क्रिय है और जनता राम भरोसे हो चुकी है।
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