{"_id":"5b87d4ee42c79246716649fe","slug":"mukhtar-abbas-naqvi-said-successful-and-economical-this-year-after-the-haj-subsidy-is-over","type":"story","status":"publish","title_hn":"हज की सब्सिडी खत्म होने के बाद भी सफल और किफायती रहा यह साल : नकवी","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
हज की सब्सिडी खत्म होने के बाद भी सफल और किफायती रहा यह साल : नकवी
भाषा, नई दिल्ली
Updated Thu, 30 Aug 2018 04:58 PM IST
विज्ञापन
हज यात्रा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हज की सब्सिडी खत्म किए जाने के बाद भी इस साल हज यात्रियों की संख्या में भारी बढ़ोतरी हुई है। यही नहीं 973 करोड़ रुपये की कमाई भी हुई है। केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने गुरुवार को कहा कि इस साल का हज बहुत सफल रहा और सब्सिडी खत्म होने के बावजूद हाजियों पर कोई अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ा।
नकवी ने संवाददाताओं से कहा, ‘इस साल का हज बहुत सफल रहा। बिचौलियों पर अंकुश लगाने और चीजों को दुरुस्त करने की वजह से सब्सिडी के बिना भी हज-2018 को महंगा नहीं होने दिया गया।’
उन्होंने कहा कि साल 2017 में सब्सिडी होने के बावजूद 1,24,828 हाजियों के लिए हवाई किराये के तौर पर 1030 करोड़ रुपये दिए गए थे, लेकिन साल 2018 में 1,28,702 हाजियों के लिए 973 करोड़ रुपये दिए गए ।’
विज्ञापन
मंत्री ने कहा कि भारतीय हाजियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए थे। उन्होंने कहा कि इस साल 1308 महिलाएं ‘मेहरम’ (पुरुष अभिभावक) के बिना हज पर गई थीं और उनके रहने तथा सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे।
नकवी ने कहा कि निजी टूर ऑपरेटरों पर भी सख्ती की गई थी जिसके फलस्वरूप वहां भी पारदर्शिता देखने को मिली।
मंत्री ने कहा, ‘लोगों की गुमशुदगी को रोकने लिए एक विशेष ऐप तैयार किया गया था जिससे काफी मदद मिली। पिछले साल 400 लोगों की गुमशुदगी की बात सामने आई थी। इस साल सिर्फ 37 लोग गुमशुदा हुए और उनका भी पता लगा लिया गया।’
विज्ञापन
नकवी ने संवाददाताओं से कहा, ‘इस साल का हज बहुत सफल रहा। बिचौलियों पर अंकुश लगाने और चीजों को दुरुस्त करने की वजह से सब्सिडी के बिना भी हज-2018 को महंगा नहीं होने दिया गया।’
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि साल 2017 में सब्सिडी होने के बावजूद 1,24,828 हाजियों के लिए हवाई किराये के तौर पर 1030 करोड़ रुपये दिए गए थे, लेकिन साल 2018 में 1,28,702 हाजियों के लिए 973 करोड़ रुपये दिए गए ।’
विज्ञापन
मंत्री ने कहा कि भारतीय हाजियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए थे। उन्होंने कहा कि इस साल 1308 महिलाएं ‘मेहरम’ (पुरुष अभिभावक) के बिना हज पर गई थीं और उनके रहने तथा सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे।
नकवी ने कहा कि निजी टूर ऑपरेटरों पर भी सख्ती की गई थी जिसके फलस्वरूप वहां भी पारदर्शिता देखने को मिली।
मंत्री ने कहा, ‘लोगों की गुमशुदगी को रोकने लिए एक विशेष ऐप तैयार किया गया था जिससे काफी मदद मिली। पिछले साल 400 लोगों की गुमशुदगी की बात सामने आई थी। इस साल सिर्फ 37 लोग गुमशुदा हुए और उनका भी पता लगा लिया गया।’