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महाराष्ट्र: बसों की हड़ताल को बॉम्बे हाई कोर्ट ने बताया 'अवैध', तुरंत वापस लेने का दिया ऑर्डर
टीम डिजिटल/ अमर उजाला
Updated Fri, 20 Oct 2017 09:44 PM IST
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MSRTC की हड़ताल के बाद खड़ी बसें
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महाराष्ट्र स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (MSRTC) द्वारा की जा रही बसों की हड़ताल को बॉम्बे हाईकोर्ट ने 'अवैध' करार देते हुए तुरंत प्रभाव से उसे वापस लेने का ऑर्डर जारी किया है। MSRTC के कर्मचारी वेतन बढ़ोतरी की मांग लेकर चार दिन (16 अक्टूबर) से हड़ताल पर थे। परिवहन मंत्री दिवाकर रावते और MSRTC के अधिकारियों ने यूनियनों के साथ बातचीत के प्रयास किए थे जो कि विफल रहे।
यूनियन से बातचीत के बाद रावते ने कहा था कि यूनियन के पदाधिकारियों ने अबतक की सबसे ज्यादा सैलरी की बढ़ोतरी की मांग की थी जिसको MSRTC द्वारा नहीं माना जा सकता था। उन्होंने कर्मचारियों से हड़ताल को खत्म करने की गुजारिश भी की थी।
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बसों की हड़ताल से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, लोग सफर के लिए ट्रेनों का सहारा ले रहे हैं जिसके चलते रेल प्रशासन को कुछ ट्रेनों में फालतू डिब्बे लगाने पड़े।
यात्रियों को हो रही परेशानी के लिए कर्मचारियों की यूनियन MSTRC प्रशासन को जिम्मेदार ठहरा रही है। एक कर्मचारी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उन्होंने हड़ताल का नोटिस 40 दिन पहले दे दिया था। वहीं MSTRC प्रशासन का कहना है कि 40 दिन पहले नोटिस मिलने के बाद यूनियन से लगातार मीटिंग जारी थीं लेकिन इसी बीच कर्मचारियों ने हड़ताल पर जाने का फैसला कर लिया।
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यूनियन से बातचीत के बाद रावते ने कहा था कि यूनियन के पदाधिकारियों ने अबतक की सबसे ज्यादा सैलरी की बढ़ोतरी की मांग की थी जिसको MSRTC द्वारा नहीं माना जा सकता था। उन्होंने कर्मचारियों से हड़ताल को खत्म करने की गुजारिश भी की थी।
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यात्रियों को हो रही परेशानी के लिए कर्मचारियों की यूनियन MSTRC प्रशासन को जिम्मेदार ठहरा रही है। एक कर्मचारी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उन्होंने हड़ताल का नोटिस 40 दिन पहले दे दिया था। वहीं MSTRC प्रशासन का कहना है कि 40 दिन पहले नोटिस मिलने के बाद यूनियन से लगातार मीटिंग जारी थीं लेकिन इसी बीच कर्मचारियों ने हड़ताल पर जाने का फैसला कर लिया।
#FLASH: Bombay High Court terms #MSRTC strike 'illegal' & orders to call it off with Immediate effect pic.twitter.com/tl4bjiDibC
— ANI (@ANI) October 20, 2017