{"_id":"599868fc4f1c1b96658b4b0d","slug":"mp-suspended-judge-r-k-srivastava-is-on-a-700-km-bicycle-journey-to-seek-justice","type":"story","status":"publish","title_hn":"मध्य प्रदेशः न्याय पाने को 700 किमी की साइकिल यात्रा पर निकले निलंबित जज","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
मध्य प्रदेशः न्याय पाने को 700 किमी की साइकिल यात्रा पर निकले निलंबित जज
एजेंसी, रतलाम
Updated Sat, 19 Aug 2017 10:06 PM IST
विज्ञापन
- फोटो : Google
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मध्य प्रदेश के एक निलंबित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश शनिवार को नीमच से जबलपुर के लिए 700 किमी की सड़क यात्रा पर निकले। निलंबित जज आर के श्रीवास ने कहा कि अपने साथ हुए अन्याय से मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय को अवगत कराने के लिए वह जबलपुर में सत्याग्रह करेंगे।
विज्ञापन
गौरतलब कि लगातार हो रहे तबादले के विरोध में पिछले दिनों जबलपुर में उच्च न्यायालय परिसर में वह धरने पर बैठ गए थे। श्रीवास ने कहा कि जबलपुर पहुंचकर मैं अपने तबादले और निलंबन के फैसले के विरोध में सत्याग्रह करूंगा। उन्होंने कहा कि वह हर दिन 100 किलोमीटर साइकिल चलाने की कोशिश करेंगे और सात दिन में उज्जैन, सीहोर, मंडीदीप, बरेला, गाडरवाड़ा, नरसिंहपुरा के रास्ते जबलपुर पहुंचेंगे।
विज्ञापन
पढ़ें- मध्यप्रदेशः 2,48,800 रुपयों के जाली नोटों के साथ 3 लोग गिरफ्तार
विज्ञापन
श्रीवास ने मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका भी दायर की है। श्रीवास ने कथित तौर पर आरोप लगाया कि ट्रांसफर पॉलिसी का उल्लंघन कर महज 15 महीने में उनका चार बार तबादला किया गया और उसके बाद नीमच में नियुक्ति के बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया। श्रीवास ने वर्ष 2000 में न्यायिक मजिस्ट्रेट-प्रथ श्रेणी के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी। तीन साल बाद उन्हें अतिरिक्त जिला न्यायाधीश बनाया गया था।