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MP Samwad 2025: 'स्वस्थ भारत ही समृद्ध भारत, विकसित भारत की नींव', 'संवाद' के मंच पर बोलीं अनुप्रिया पटेल
Thu, 26 Jun 2025 05:39 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: पवन पांडेय
Updated Thu, 26 Jun 2025 05:39 PM IST
सार
MP Samwad 2025: अमर उजाला के विशेष कार्यक्रम 'संवाद' का आयोजन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में किया गया। इसमें केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने शिरकत की। जहां उन्होंने देश-प्रदेश में बदली स्वास्थ्य नीति और आमजन को मिल रहे उसके लाभ पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने बताया कि देश में 1 लाख 77 हजार आयुष्मान आरोग्य मंदिर से आम नागरिकों को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा पहुंचाई जा रही है।
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अमर उजाला संवाद में केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री और उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर सीट से सांसद व अपना दल (एस) की मुखिया अनुप्रिया पटेल ने भी अमर उजाला के मध्य प्रदेश संवाद 2025 में शिरकत की है। वे इस कार्यक्रम में विशेष अतिथि के तौर पर शामिल हुई हैं। इस दौरान उन्होंने देश के साथ-साथ राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं पर चर्चा की है।
अमर उजाला का अभिनंदन- अनुप्रिया पटेल
अपने संबोधन में केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा- सबसे पहले अमर उजाला का अभिनंदन, मध्य प्रदेश के दिल भोपाल में देश और प्रदेश की सेहत की बात करने के लिए संवाद का आयोजन किया। अमर उजाला का शुक्रिया, आपने मुझे इस मंच पर भारत सरकार का दृष्टिकोण रखने का मौका दिया। देश की स्वास्थ्य सेवा में एक नए युग की शुरुआत हुई है। हमारी सरकार ने, देश के प्रधानमंत्री ने 2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प इस देश के करोड़ों देशवासियों के साथ लिया है।
'स्वस्थ्य भारत ही समृद्ध भारत, विकसित भारत की नींव'
जब 2047 में हम विकसित भारत की बात करते हैं, तो हमारे मन में ये सवाल लाजिमी हो जाता है। कि जब देश अपनी आजादी के 100 वर्ष पूरे करेगा, तब देश की सेहत कैसी होनी चाहिए, मध्य प्रदेश की सेहत कैसी होनी चाहिए? और मैं ये मानती हूं कि, स्वस्थ्य भारत ही समृद्ध भारत, विकसित भारत की नींव है। हमारी सरकार ने देश की सेहत दुरुस्त करने का काम 11 वर्षों से तेजी से बढ़ाया है।
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'हमने देश को नई स्वास्थ्य नीति देने का काम किया'
2014 में जब हमारी सरकार बनीं तो सबसे पहला काम जो हमने किया, दशकों पुरानी स्वास्थ्य नीति को बदलने का, 2017 में हमने नई स्वास्थ्य नीति देश को सौंपी, ये दशकों पुरानी स्वास्थ्य नीति से भिन्न है, ये समझना जरूरी है। हम पहले क्यूरेटिव हेल्थ की बात करते थे, लेकिन आज जो हमारी नई स्वास्थ्य नीति है, वो निवारक, संवर्धनात्मक, उपचारात्मक, पुर्नवास और उपषामक। इस समग्र दृष्टिकोण के साथ देश के स्वास्थ्य के ढांचे को मजबूत करने में लगी हुई है। हमारी नई स्वास्थ्य नीति के केंद्र में है, यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज, यानी देश के एक-एक नागरिक के लिए स्वास्थ्य सेवा न केवल सुलभ हो, बल्कि किफायती भी हो, गुणवत्तापूर्ण हो। और इसके लिए जरूर है कि स्वास्थ्य का पूरा जो पिरामिड है, यानी प्राइमरी, सेकेंडरी, टर्शरी- इन तीनों पर हम ध्यान दें और मजबूत करें।
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अमर उजाला का अभिनंदन- अनुप्रिया पटेल
अपने संबोधन में केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा- सबसे पहले अमर उजाला का अभिनंदन, मध्य प्रदेश के दिल भोपाल में देश और प्रदेश की सेहत की बात करने के लिए संवाद का आयोजन किया। अमर उजाला का शुक्रिया, आपने मुझे इस मंच पर भारत सरकार का दृष्टिकोण रखने का मौका दिया। देश की स्वास्थ्य सेवा में एक नए युग की शुरुआत हुई है। हमारी सरकार ने, देश के प्रधानमंत्री ने 2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प इस देश के करोड़ों देशवासियों के साथ लिया है।
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'स्वस्थ्य भारत ही समृद्ध भारत, विकसित भारत की नींव'
जब 2047 में हम विकसित भारत की बात करते हैं, तो हमारे मन में ये सवाल लाजिमी हो जाता है। कि जब देश अपनी आजादी के 100 वर्ष पूरे करेगा, तब देश की सेहत कैसी होनी चाहिए, मध्य प्रदेश की सेहत कैसी होनी चाहिए? और मैं ये मानती हूं कि, स्वस्थ्य भारत ही समृद्ध भारत, विकसित भारत की नींव है। हमारी सरकार ने देश की सेहत दुरुस्त करने का काम 11 वर्षों से तेजी से बढ़ाया है।
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'हमने देश को नई स्वास्थ्य नीति देने का काम किया'
2014 में जब हमारी सरकार बनीं तो सबसे पहला काम जो हमने किया, दशकों पुरानी स्वास्थ्य नीति को बदलने का, 2017 में हमने नई स्वास्थ्य नीति देश को सौंपी, ये दशकों पुरानी स्वास्थ्य नीति से भिन्न है, ये समझना जरूरी है। हम पहले क्यूरेटिव हेल्थ की बात करते थे, लेकिन आज जो हमारी नई स्वास्थ्य नीति है, वो निवारक, संवर्धनात्मक, उपचारात्मक, पुर्नवास और उपषामक। इस समग्र दृष्टिकोण के साथ देश के स्वास्थ्य के ढांचे को मजबूत करने में लगी हुई है। हमारी नई स्वास्थ्य नीति के केंद्र में है, यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज, यानी देश के एक-एक नागरिक के लिए स्वास्थ्य सेवा न केवल सुलभ हो, बल्कि किफायती भी हो, गुणवत्तापूर्ण हो। और इसके लिए जरूर है कि स्वास्थ्य का पूरा जो पिरामिड है, यानी प्राइमरी, सेकेंडरी, टर्शरी- इन तीनों पर हम ध्यान दें और मजबूत करें।
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अमर उजाला संवाद में केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल
- फोटो : अमर उजाला
'आयुष्मान आरोग्य मंदिर में 12 प्राथमिक सेवाएं शामिल'
इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने कहा- आज देश में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा 1 लाख 77 हजार आयुष्मान आरोग्य मंदिर के द्वारा देश के आम नागरिक को पहुंचाई जा रही है। ये पहले भी थे, लेकिन अंतर क्या है? आज ये नए स्वरूप में हैं। आयुष्मान आरोग्य मंदिर आज केवल पुरानी पद्धति पर चलकर जो मातृत्व और बच्चों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं तक सीमित नहीं है। बल्कि इन आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में आज 12 प्राथमिक सेवाओं का पैकेज इस देश के हर नागरिक को उपलब्ध कराया जा रहा है। और जब हम 12 सेवाओं की जब हम बात करते हैं तो सभी जरूरी सेवाएं इसमें आ जाती है।
12 प्राथमिक सेवाओं के पैकेज में क्या-क्या सुविधाएं?
यानी गैर संचारी रोगों से बचाव की भी इसमें चिंता की गई है। मानसिक और मौखिक स्वास्थ्य, ईएनटी हो, आई केयर हो, फर्स्ट लेवल ट्रॉमा और इमरजेंसी केयर या टेली कंसल्टेंसन की सेवाएं हो। सारे प्रबंध इन 12 सेवाओं के पैकेज में हैं। ये सब कुछ किसी भी सामान्य नागरिक के लिए सबसे बुनियादी स्तर पर एक स्वास्थ्य केंद्र होता है, आयुष्मान आरोग्य मंदिर में हैं। ये अंतर है आज के आज के हमारे आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में। मुझे ये कहते हुए खुशी है कि 12 हजार ऐसे आयुष्मान आरोग्य मंदिर मध्य प्रदेश में हैं। और 20 करोड़ 13 लाख से अधिक लोग आज इन बुनियादी सुविधाओं का 12 सेवाओं के पैकेज, जबसे हमने इस योजना को लॉन्च किया है, तब से इसका लाभ उठा चुके हैं।
फ्यूचर ऑफ हेल्थ इज प्रिवेंटिव- अनुप्रिया पटेल
जब हम देश की सेहत करते हैं, जब हम प्रदेश की सेहत की बात करते हैं, तो हम कहते हैं कि फ्यूचर ऑफ हेल्थ इज प्रिवेंटिव, रोग के उपचार से अधिक हमें रोग के बचाव पर ध्यान देने की आवश्यकता है। यानी बिमारी होने से पहले हमें ध्यान देने की आवश्यकता है। और कोई बीमारी गंभीर रूप धारण न करे इसके प्रबंध करने है। इसलिए प्रिवेंटिव पर हमारी सरकार ने बहुत काम किया है। और प्रिवेंटिव हेल्थ की मैं बात करती हूं, तो इसमें हमारे जमीनी स्तर पर आयुष्मान आरोग्य मंदिर बने हुए हैं ये एक बहुत महत्व भूमिका निभा रहे हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि आज देश के अंदर हमारा खराब खान-पान, हमारी जीवनशैली इतनी अनियमित है। जिसके चलते गैर-संचारी रोग बहुत बढ़ रहे हैं। डायबिटीज, हाइपरटेंशन, कैंसर, ह्रदय रोग ये बहुत आम हो चुका है। मुझे ये कहते हुए ये खुशी है, देश के नागरिक डायबिटीज, हाइपरटेंशन, ह्रदय रोग, कैंसर इन सबकी गिरफ्त में आने से बच जाएं, इसके प्रबंध हमने आयुष्मान आरोग्य मंदिर में किए हैं। क्योंकि आज, हर व्यक्ति 30 वर्ष और उससे अधिक उम्र का है उसकी डायबिटीज की, हाइपरटेंशन की और तीन तरह की कॉमन कैंसर, ओरल कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर, सर्विक्स कैंसर इसकी जांच आज इन आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में की जा रही है।
'मध्य प्रदेश में आयुष्मान आरोग्य मंदिर से मिला लाभ'
मध्य प्रदेश की जनता ने भी इसका लाभ उठाया है। यानी 12000 हजार आयुष्मान आरोग्य मंदिर, जिनका मैंने जिक्र किया आपसे अभी तक के आंकड़ा की बात करें तो, जब से आयु्ष्मान आरोग्य योजना को लॉन्च करने के बाद आयुष्मान आरोग्य मंदिर की अवधारणा को देश की जनता के बीच में लेकर आए, तबसे लेकर 28 लाख से ज्यादा ऐसे लोग हैं, जिनकी हमने हाइपरटेंशन की समय रहते जांच करके उनका इलाज किया। 18 लाख से ज्यादा लोग मध्य प्रदेश में हैं, जिनकी डायबिटीज की समय से जांच हुई है और आज वो उपचार पर हैं। आज प्रदेश के अंदर नौ हजार से ज्यादा ऐसे मरीज हैं, जिनकी हमने ओरल कैंसर की जांच समय से करके इलाज पर रखा है। ढाई हजार से ज्यादा हमारी बहनें, जिनकी ब्रेस्ट कैंसर की समय से जांच हुई हैं और 12 हजार से अधिक ऐसी महिलाएं हैं जिनकी सर्विक्स कैंसर की जांच हुई है। तो प्रिवेंटिव हेल्थ की दिशा में बहुत बड़ा कदम आज हमारे आयुष्मान आरोग्य मंदिर उठाने काम कर रहे हैं।
देश में टीकाकरण 94 फीसदी तक पहुंचा- अनुप्रिया पटेल
हम लगातार कहते हैं, आज 11 वर्षों से देश के आम जन मानस को एक स्वस्थ्य जीवन शैली के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसमें भी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की भूमिका है। इन मंदिरों पर योगा और वेलनेस सत्र हो रहे हैं। आम जन मानस को अच्छा पोषण क्या होता हैं? स्वच्छता का हमारे स्वास्थ्य पर क्या असर है, इसके बारे में काउंसिलिंग की जा रही है। उन्हें बताया जा रहा है कि अपनी सेहत का ख्याल कैसे रखना है, रोगों से बचाव समय रहते कैसे करना है। तो प्रिवेंटिव हेल्थ की दिशा में आयुष्मान आरोग्य मंदिर बड़ा काम कर रहे हैं। और हमारा सबसे बड़ा कदम प्रिवेंटिव हेल्थ की दिशा में है, वो हमारा राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम, जिसमें प्रतिवर्ष 2.6 करोड़ नवजात शिशुओं, 2.9 करोड़ गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण करते हैं। इस कार्यक्रम के चलते हमने आज बहुत सारे नवजात शिशुओं और माताओं का जीवन बचाया है। पहले टीकाकरण में जितने वैक्सीन होते थे, हमने उसमें छह और नए वैक्सीन जोड़े हैं। जब हमारी सरकार ने कार्यभार संभाला, तब पूर्ण टीकाकरण का जो प्रतिशत होता था, वो 85 फीसदी होता था। लेकिन हमने तेजी से काम किया और आज 94 फीसदी से ज्यादा बढ़ चुका है।
'मध्य प्रदेश की सरकार टीकाकरण में बेहतरीन काम किया'
मध्य प्रदेश के अंदर यहां की सरकार ने बेहतरीन काम काम किया, राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम के अंतर्गत और यहां पर संपूर्ण टीकाकरण कवरेज 93 फीसदी से ज्यादा हो चुका है। कितनी मां और बच्चों का जीवन बचा रहे हैं, आज इसके कारण। ये हमारे प्रिवेंटिव हेल्थ की दिशा में उठाए गए कदम हैं। हमारा मंत्रालय इट राइट इंडिया कार्यक्रम चलाता है। इसके माध्यम से देश भर के नागरिकों को हम जागरुक करने की कोशिश कर रहे हैं कि उनके लिए सही आहार क्या है? उन्हें ऐसा आहार लेने की जरुरत जो स्वच्छ है, सुरक्षित है, जो स्थानीय रूप से उपलब्ध, जो मौसमी, जो पोषणयुक्त और जो टिकाऊ है। ऐसा आहार लेने के लिए हम देश के कोने-कोने में लोगों को जागरुक कर रहे हैं। इसके लिए हमें एक व्यापक संदेश लेकर जा रहे हैं आम जनता के बीच है।
मोटापे के खिलाफ केंद्रीय मंत्री ने दिया मंत्र
आज भी आप सब जो यहां अतिथि बैठे हुए हैं, श्रोता बैठे हुए हैं, उनको भी मैं कहना चाहती हूं कि आप भी अपने जीवन में इस मंत्र को लागू किजिए। वो मंत्र हैं, आज से थोड़ा कम, आज थोड़ा तेल कम, थोड़ा चीनी कम, थोड़ा नमक कम। ये संदेश आज हम देश की जनता को देने की कोशिश कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने भी मोटापे के खिलाफ आह्वान किया है। पूरी दुनिया के लिए मोटापा सार्वजनिक स्वास्थ्य की बहुत बड़ी चुनौती बन गई है। हमारे देश के लिए भी। यानी 2050 तक 44 करोड़ लोग मोटापे के शिकार होने जा रहे हैं। ये हमारा अनुमान है। आज देश के अंदर 24 फीसदी महिलाएं मोटापे से ग्रसित हैं। 23 पुरुष मोटापे से ग्रसित हैं। इसके खिलाफ लड़ाई को हम सबको मिलकर लड़ना है। इसलिए प्रधानमंत्री ने कहा है कि 10 फीसदी हमारे दैनिक आहार में हम तेल कम कर लें, तो मोटापे के खिलाफ जो संकल्प देश ने लिया है, उसको हम सब मिलकर पूरा कर सकते हैं। मैं मध्य प्रदेश की जनता से अपील करती हूं, कि मोटापे के खिलाफ इस लड़ाई में आप सब हमारा साथ दें। अपने आहार को संतुलित रखें।
आयुष्मान भारत योजना समेत कई योजनाएं- अनुप्रिया पटेल
जहां एक ओर हम प्रिवेंटिव हेल्थ की बात करते हैं, वहीं जब देश की सेहत की बात आती हैं कि 2047 में देश की सेहत कैसी हो? तो हमारी सरकार ने ये भी प्रयास किया है कि देश के आम नागरिक के लिए स्वास्थ्य सस्ती और किफायती हो। एक आम नागरिक का स्वास्थ्य सेवा के लिए जेब से होने वाला जो खर्च है, उसमें कमी और गिरावट आए। और 2047 का का ऐसा भारत बनाने के लिए एक नहीं अनेक प्रयास किए गए हैं। आयुष्मान भारत योजना और आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना के तहत हमारी सरकार ने प्रयास किया है कि एक आम नागरिक, एक गरीब व्यक्ति जेब से होने वाला खर्च कम हो। और इस देश का कोई भी नागरिक पैसे के अभाव में इलाज से वंचित न रहने पाए। इसके लिए पांच लाख रुपये स्वास्थ्य का कवर दिया गया। इसमें सबसे गरीब-वंचित 40 फीसदी आबादी को शामिल किया। इसमें एक और कड़ी जोड़ते हुए 37 लाख फ्रंटलाइन वर्कर्स को शामिल किया गया।
'तीसरे कार्यकाल में हमने तमाम वर्गों को लाभ दिया'
2024 का चुनाव जब हम लड़ने जा रहे थे, प्रधानमंत्री ने वादा किया कि बुजुर्गों की भी चिंता हमारी सरकार करेगी और तीसरे क्रम में, तो आयुष्मान भारत योजना के पांच लाख रुपये का मुफ्त इलाज की सुविधा का दायरा बुजुर्गों को 70 वर्ष और उसके अधिक उम्र के हैं, उनकों भी लाने का काम किया। अब साढ़े चार करोड़ बुजुर्ग इसका लाभ ले रहे हैं। और बढ़ी तेजी से इसमें बुजुर्ग आयुष्मान वयवृद्ध योजना कार्ड बना रहे हैं। और बिना चिंता, बिना फिक्र के इलाज हो रहा हैं। चौथे क्रम में हमने एक और कड़ी जोड़ी है और हमारी सरकार ने चिंता की है ऐसे लोगों की जो सबसे ज्यादा कहते हैं कि सोशल सिक्योरिटी जिनके पास कम है। हमारे गिग वर्कर्स, एक करोड़ ऐसे गिग वर्कर्स को पांच लाख रुपये के स्कीम के दायरे में लाने का फैसला किया है। अभी तक साढ़े नौ करोड़ लोग हैं जिन्हें अस्पताल भर्ती इस योजना के तहत किए गए हैं और सरकार ने उसके लिए एक लाख 33 हजार करोड़ रुपये का खर्च वहन किया है। मध्य प्रदेश के अंदर चार करोड़ ऐसे हमारे आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के लाभार्थी है।
'हमारे लिए स्वास्थ्य कोई कम महत्वपूर्ण विषय नहीं है'
इसके अलावा प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र, अमृत फार्मेसी, जिला अस्पताल, पीएचसी, सीएचसी में तमाम मुफ्त दवा और इलाज चलाते हैं। इन तमाम योजनाओं से आम आदमी का जेब से होने से वाला खर्च काफी कम हुआ है। जब हमने 2014 में सरकार संभाली, तो ये खर्च 63 फीसदी थे और आज ये 39 फीसदी पर पहुंच गया है। 2047 के भारत के लिए काम अभी से हमने शुरू कर दिया है। उस वक्त डॉक्टरों की कमी न हो, विषेशज्ञ डॉक्टर हो और सभी को इलाज मिले इसकी चिंता हमारी सरकार ने की है। 2014 में देश में 387 मेडिकल कॉलेज थे आज हमारे पास 780 से अधिक मेडिकल कॉलेज हैं जो 101 फीसदी है। मध्य प्रदेश अंदर 14 नए मेडिकल कॉलेज हमारी सरकार ने बनाए हैं। इनके साथ नर्सिंग कॉलेज बनाने का भी काम किया जा रहा है। आज देश के अंदर एक ऐसी सरकार है जिसकी प्राथमिकता है, स्वास्थ्य, हमारे लिए स्वास्थ्य कोई कम महत्वपूर्ण विषय नहीं है।
इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने कहा- आज देश में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा 1 लाख 77 हजार आयुष्मान आरोग्य मंदिर के द्वारा देश के आम नागरिक को पहुंचाई जा रही है। ये पहले भी थे, लेकिन अंतर क्या है? आज ये नए स्वरूप में हैं। आयुष्मान आरोग्य मंदिर आज केवल पुरानी पद्धति पर चलकर जो मातृत्व और बच्चों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं तक सीमित नहीं है। बल्कि इन आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में आज 12 प्राथमिक सेवाओं का पैकेज इस देश के हर नागरिक को उपलब्ध कराया जा रहा है। और जब हम 12 सेवाओं की जब हम बात करते हैं तो सभी जरूरी सेवाएं इसमें आ जाती है।
12 प्राथमिक सेवाओं के पैकेज में क्या-क्या सुविधाएं?
यानी गैर संचारी रोगों से बचाव की भी इसमें चिंता की गई है। मानसिक और मौखिक स्वास्थ्य, ईएनटी हो, आई केयर हो, फर्स्ट लेवल ट्रॉमा और इमरजेंसी केयर या टेली कंसल्टेंसन की सेवाएं हो। सारे प्रबंध इन 12 सेवाओं के पैकेज में हैं। ये सब कुछ किसी भी सामान्य नागरिक के लिए सबसे बुनियादी स्तर पर एक स्वास्थ्य केंद्र होता है, आयुष्मान आरोग्य मंदिर में हैं। ये अंतर है आज के आज के हमारे आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में। मुझे ये कहते हुए खुशी है कि 12 हजार ऐसे आयुष्मान आरोग्य मंदिर मध्य प्रदेश में हैं। और 20 करोड़ 13 लाख से अधिक लोग आज इन बुनियादी सुविधाओं का 12 सेवाओं के पैकेज, जबसे हमने इस योजना को लॉन्च किया है, तब से इसका लाभ उठा चुके हैं।
फ्यूचर ऑफ हेल्थ इज प्रिवेंटिव- अनुप्रिया पटेल
जब हम देश की सेहत करते हैं, जब हम प्रदेश की सेहत की बात करते हैं, तो हम कहते हैं कि फ्यूचर ऑफ हेल्थ इज प्रिवेंटिव, रोग के उपचार से अधिक हमें रोग के बचाव पर ध्यान देने की आवश्यकता है। यानी बिमारी होने से पहले हमें ध्यान देने की आवश्यकता है। और कोई बीमारी गंभीर रूप धारण न करे इसके प्रबंध करने है। इसलिए प्रिवेंटिव पर हमारी सरकार ने बहुत काम किया है। और प्रिवेंटिव हेल्थ की मैं बात करती हूं, तो इसमें हमारे जमीनी स्तर पर आयुष्मान आरोग्य मंदिर बने हुए हैं ये एक बहुत महत्व भूमिका निभा रहे हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि आज देश के अंदर हमारा खराब खान-पान, हमारी जीवनशैली इतनी अनियमित है। जिसके चलते गैर-संचारी रोग बहुत बढ़ रहे हैं। डायबिटीज, हाइपरटेंशन, कैंसर, ह्रदय रोग ये बहुत आम हो चुका है। मुझे ये कहते हुए ये खुशी है, देश के नागरिक डायबिटीज, हाइपरटेंशन, ह्रदय रोग, कैंसर इन सबकी गिरफ्त में आने से बच जाएं, इसके प्रबंध हमने आयुष्मान आरोग्य मंदिर में किए हैं। क्योंकि आज, हर व्यक्ति 30 वर्ष और उससे अधिक उम्र का है उसकी डायबिटीज की, हाइपरटेंशन की और तीन तरह की कॉमन कैंसर, ओरल कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर, सर्विक्स कैंसर इसकी जांच आज इन आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में की जा रही है।
'मध्य प्रदेश में आयुष्मान आरोग्य मंदिर से मिला लाभ'
मध्य प्रदेश की जनता ने भी इसका लाभ उठाया है। यानी 12000 हजार आयुष्मान आरोग्य मंदिर, जिनका मैंने जिक्र किया आपसे अभी तक के आंकड़ा की बात करें तो, जब से आयु्ष्मान आरोग्य योजना को लॉन्च करने के बाद आयुष्मान आरोग्य मंदिर की अवधारणा को देश की जनता के बीच में लेकर आए, तबसे लेकर 28 लाख से ज्यादा ऐसे लोग हैं, जिनकी हमने हाइपरटेंशन की समय रहते जांच करके उनका इलाज किया। 18 लाख से ज्यादा लोग मध्य प्रदेश में हैं, जिनकी डायबिटीज की समय से जांच हुई है और आज वो उपचार पर हैं। आज प्रदेश के अंदर नौ हजार से ज्यादा ऐसे मरीज हैं, जिनकी हमने ओरल कैंसर की जांच समय से करके इलाज पर रखा है। ढाई हजार से ज्यादा हमारी बहनें, जिनकी ब्रेस्ट कैंसर की समय से जांच हुई हैं और 12 हजार से अधिक ऐसी महिलाएं हैं जिनकी सर्विक्स कैंसर की जांच हुई है। तो प्रिवेंटिव हेल्थ की दिशा में बहुत बड़ा कदम आज हमारे आयुष्मान आरोग्य मंदिर उठाने काम कर रहे हैं।
देश में टीकाकरण 94 फीसदी तक पहुंचा- अनुप्रिया पटेल
हम लगातार कहते हैं, आज 11 वर्षों से देश के आम जन मानस को एक स्वस्थ्य जीवन शैली के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसमें भी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की भूमिका है। इन मंदिरों पर योगा और वेलनेस सत्र हो रहे हैं। आम जन मानस को अच्छा पोषण क्या होता हैं? स्वच्छता का हमारे स्वास्थ्य पर क्या असर है, इसके बारे में काउंसिलिंग की जा रही है। उन्हें बताया जा रहा है कि अपनी सेहत का ख्याल कैसे रखना है, रोगों से बचाव समय रहते कैसे करना है। तो प्रिवेंटिव हेल्थ की दिशा में आयुष्मान आरोग्य मंदिर बड़ा काम कर रहे हैं। और हमारा सबसे बड़ा कदम प्रिवेंटिव हेल्थ की दिशा में है, वो हमारा राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम, जिसमें प्रतिवर्ष 2.6 करोड़ नवजात शिशुओं, 2.9 करोड़ गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण करते हैं। इस कार्यक्रम के चलते हमने आज बहुत सारे नवजात शिशुओं और माताओं का जीवन बचाया है। पहले टीकाकरण में जितने वैक्सीन होते थे, हमने उसमें छह और नए वैक्सीन जोड़े हैं। जब हमारी सरकार ने कार्यभार संभाला, तब पूर्ण टीकाकरण का जो प्रतिशत होता था, वो 85 फीसदी होता था। लेकिन हमने तेजी से काम किया और आज 94 फीसदी से ज्यादा बढ़ चुका है।
'मध्य प्रदेश की सरकार टीकाकरण में बेहतरीन काम किया'
मध्य प्रदेश के अंदर यहां की सरकार ने बेहतरीन काम काम किया, राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम के अंतर्गत और यहां पर संपूर्ण टीकाकरण कवरेज 93 फीसदी से ज्यादा हो चुका है। कितनी मां और बच्चों का जीवन बचा रहे हैं, आज इसके कारण। ये हमारे प्रिवेंटिव हेल्थ की दिशा में उठाए गए कदम हैं। हमारा मंत्रालय इट राइट इंडिया कार्यक्रम चलाता है। इसके माध्यम से देश भर के नागरिकों को हम जागरुक करने की कोशिश कर रहे हैं कि उनके लिए सही आहार क्या है? उन्हें ऐसा आहार लेने की जरुरत जो स्वच्छ है, सुरक्षित है, जो स्थानीय रूप से उपलब्ध, जो मौसमी, जो पोषणयुक्त और जो टिकाऊ है। ऐसा आहार लेने के लिए हम देश के कोने-कोने में लोगों को जागरुक कर रहे हैं। इसके लिए हमें एक व्यापक संदेश लेकर जा रहे हैं आम जनता के बीच है।
मोटापे के खिलाफ केंद्रीय मंत्री ने दिया मंत्र
आज भी आप सब जो यहां अतिथि बैठे हुए हैं, श्रोता बैठे हुए हैं, उनको भी मैं कहना चाहती हूं कि आप भी अपने जीवन में इस मंत्र को लागू किजिए। वो मंत्र हैं, आज से थोड़ा कम, आज थोड़ा तेल कम, थोड़ा चीनी कम, थोड़ा नमक कम। ये संदेश आज हम देश की जनता को देने की कोशिश कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने भी मोटापे के खिलाफ आह्वान किया है। पूरी दुनिया के लिए मोटापा सार्वजनिक स्वास्थ्य की बहुत बड़ी चुनौती बन गई है। हमारे देश के लिए भी। यानी 2050 तक 44 करोड़ लोग मोटापे के शिकार होने जा रहे हैं। ये हमारा अनुमान है। आज देश के अंदर 24 फीसदी महिलाएं मोटापे से ग्रसित हैं। 23 पुरुष मोटापे से ग्रसित हैं। इसके खिलाफ लड़ाई को हम सबको मिलकर लड़ना है। इसलिए प्रधानमंत्री ने कहा है कि 10 फीसदी हमारे दैनिक आहार में हम तेल कम कर लें, तो मोटापे के खिलाफ जो संकल्प देश ने लिया है, उसको हम सब मिलकर पूरा कर सकते हैं। मैं मध्य प्रदेश की जनता से अपील करती हूं, कि मोटापे के खिलाफ इस लड़ाई में आप सब हमारा साथ दें। अपने आहार को संतुलित रखें।
आयुष्मान भारत योजना समेत कई योजनाएं- अनुप्रिया पटेल
जहां एक ओर हम प्रिवेंटिव हेल्थ की बात करते हैं, वहीं जब देश की सेहत की बात आती हैं कि 2047 में देश की सेहत कैसी हो? तो हमारी सरकार ने ये भी प्रयास किया है कि देश के आम नागरिक के लिए स्वास्थ्य सस्ती और किफायती हो। एक आम नागरिक का स्वास्थ्य सेवा के लिए जेब से होने वाला जो खर्च है, उसमें कमी और गिरावट आए। और 2047 का का ऐसा भारत बनाने के लिए एक नहीं अनेक प्रयास किए गए हैं। आयुष्मान भारत योजना और आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना के तहत हमारी सरकार ने प्रयास किया है कि एक आम नागरिक, एक गरीब व्यक्ति जेब से होने वाला खर्च कम हो। और इस देश का कोई भी नागरिक पैसे के अभाव में इलाज से वंचित न रहने पाए। इसके लिए पांच लाख रुपये स्वास्थ्य का कवर दिया गया। इसमें सबसे गरीब-वंचित 40 फीसदी आबादी को शामिल किया। इसमें एक और कड़ी जोड़ते हुए 37 लाख फ्रंटलाइन वर्कर्स को शामिल किया गया।
'तीसरे कार्यकाल में हमने तमाम वर्गों को लाभ दिया'
2024 का चुनाव जब हम लड़ने जा रहे थे, प्रधानमंत्री ने वादा किया कि बुजुर्गों की भी चिंता हमारी सरकार करेगी और तीसरे क्रम में, तो आयुष्मान भारत योजना के पांच लाख रुपये का मुफ्त इलाज की सुविधा का दायरा बुजुर्गों को 70 वर्ष और उसके अधिक उम्र के हैं, उनकों भी लाने का काम किया। अब साढ़े चार करोड़ बुजुर्ग इसका लाभ ले रहे हैं। और बढ़ी तेजी से इसमें बुजुर्ग आयुष्मान वयवृद्ध योजना कार्ड बना रहे हैं। और बिना चिंता, बिना फिक्र के इलाज हो रहा हैं। चौथे क्रम में हमने एक और कड़ी जोड़ी है और हमारी सरकार ने चिंता की है ऐसे लोगों की जो सबसे ज्यादा कहते हैं कि सोशल सिक्योरिटी जिनके पास कम है। हमारे गिग वर्कर्स, एक करोड़ ऐसे गिग वर्कर्स को पांच लाख रुपये के स्कीम के दायरे में लाने का फैसला किया है। अभी तक साढ़े नौ करोड़ लोग हैं जिन्हें अस्पताल भर्ती इस योजना के तहत किए गए हैं और सरकार ने उसके लिए एक लाख 33 हजार करोड़ रुपये का खर्च वहन किया है। मध्य प्रदेश के अंदर चार करोड़ ऐसे हमारे आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के लाभार्थी है।
'हमारे लिए स्वास्थ्य कोई कम महत्वपूर्ण विषय नहीं है'
इसके अलावा प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र, अमृत फार्मेसी, जिला अस्पताल, पीएचसी, सीएचसी में तमाम मुफ्त दवा और इलाज चलाते हैं। इन तमाम योजनाओं से आम आदमी का जेब से होने से वाला खर्च काफी कम हुआ है। जब हमने 2014 में सरकार संभाली, तो ये खर्च 63 फीसदी थे और आज ये 39 फीसदी पर पहुंच गया है। 2047 के भारत के लिए काम अभी से हमने शुरू कर दिया है। उस वक्त डॉक्टरों की कमी न हो, विषेशज्ञ डॉक्टर हो और सभी को इलाज मिले इसकी चिंता हमारी सरकार ने की है। 2014 में देश में 387 मेडिकल कॉलेज थे आज हमारे पास 780 से अधिक मेडिकल कॉलेज हैं जो 101 फीसदी है। मध्य प्रदेश अंदर 14 नए मेडिकल कॉलेज हमारी सरकार ने बनाए हैं। इनके साथ नर्सिंग कॉलेज बनाने का भी काम किया जा रहा है। आज देश के अंदर एक ऐसी सरकार है जिसकी प्राथमिकता है, स्वास्थ्य, हमारे लिए स्वास्थ्य कोई कम महत्वपूर्ण विषय नहीं है।
भारतीय राजनीति का जाना-माना चेहरा
अनुप्रिया सिंह पटेल का जन्म 28, अप्रैल 1981 को कानपुर, उत्तर प्रदेश में हुआ था। वे भारतीय राजनीति का जाना-माना चेहरा हैं। उनके पिता स्वर्गीय डॉ. सोने लाल पटेल अपना दल के संस्थापक थे, जिनकी सड़क दुर्घटना में असामयिक मृत्यु हो गई थी। इसके बाद अनुप्रिया पटेल को अचानक राजनीतिक सफर की ओर मुड़ना पड़ा। वे बेहतरीन वक्ता हैं। वे सदन में हमेशा जोरदार तरीके से अपनी बात रखती हैं। सांसद के तौर पर उन्होंने संसदीय बहसों और चर्चाओं में अपने सार्थक हस्तक्षेप से अपनी छाप छोड़ी है।
उत्तर प्रदेश की मिर्जापुर सीट से सांसद
उत्तर प्रदेश की मिर्जापुर सीट से संसद के निचले सदन की सदस्य और अपना दल (सोनेलाल) की नेता अनुप्रिया पटेल की बतौर लोकसभा सांसद यह तीसरी पारी है। सामाजिक न्याय की विचारधारा को मजबूत करने की दिशा में उनके काम की बड़े पैमाने पर प्रशंसा की जाती है।
मोदी 1.0 की सबसे युवा मंत्री
35 वर्ष की आयु में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पहले कार्यकाल में सबसे युवा मंत्री के रूप में शपथ ली और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री के रूप में कार्य किया। उन्होंने मोदी-2.0 सरकार में वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री के रूप में मंत्रिपरिषद में अपनी दूसरी शुरुआत की। इसके बाद वे लगातार तीसरी बार संसद सदस्य (18वीं लोकसभा) के रूप में पुनः निर्वाचित हुईं। 9 जून, 2024 को मोदी-3.0 सरकार में केंद्रीय राज्य मंत्री के रूप में शामिल हुईं। 11 जून, 2024 को केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय में राज्य मंत्री बनीं।
सियासी सफर
अनुप्रिया सिंह पटेल का जन्म 28, अप्रैल 1981 को कानपुर, उत्तर प्रदेश में हुआ था। वे भारतीय राजनीति का जाना-माना चेहरा हैं। उनके पिता स्वर्गीय डॉ. सोने लाल पटेल अपना दल के संस्थापक थे, जिनकी सड़क दुर्घटना में असामयिक मृत्यु हो गई थी। इसके बाद अनुप्रिया पटेल को अचानक राजनीतिक सफर की ओर मुड़ना पड़ा। वे बेहतरीन वक्ता हैं। वे सदन में हमेशा जोरदार तरीके से अपनी बात रखती हैं। सांसद के तौर पर उन्होंने संसदीय बहसों और चर्चाओं में अपने सार्थक हस्तक्षेप से अपनी छाप छोड़ी है।
उत्तर प्रदेश की मिर्जापुर सीट से सांसद
उत्तर प्रदेश की मिर्जापुर सीट से संसद के निचले सदन की सदस्य और अपना दल (सोनेलाल) की नेता अनुप्रिया पटेल की बतौर लोकसभा सांसद यह तीसरी पारी है। सामाजिक न्याय की विचारधारा को मजबूत करने की दिशा में उनके काम की बड़े पैमाने पर प्रशंसा की जाती है।
मोदी 1.0 की सबसे युवा मंत्री
35 वर्ष की आयु में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पहले कार्यकाल में सबसे युवा मंत्री के रूप में शपथ ली और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री के रूप में कार्य किया। उन्होंने मोदी-2.0 सरकार में वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री के रूप में मंत्रिपरिषद में अपनी दूसरी शुरुआत की। इसके बाद वे लगातार तीसरी बार संसद सदस्य (18वीं लोकसभा) के रूप में पुनः निर्वाचित हुईं। 9 जून, 2024 को मोदी-3.0 सरकार में केंद्रीय राज्य मंत्री के रूप में शामिल हुईं। 11 जून, 2024 को केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय में राज्य मंत्री बनीं।
सियासी सफर
- 2012-2014: उत्तर प्रदेश विधान सभा के सदस्य चुनीं गईं
- मई, 2014: 16वीं लोकसभा में सदस्य के रूप में निर्वाचित
- 1 सितंबर, 2014: 5 जुलाई, 2016: सदस्य, महिला सशक्तिकरण संबंधी समिति; पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस संबंधी स्थायी समिति और परामर्शदात्री समिति, सड़क परिवहन और राजमार्ग और जहाजरानी मंत्रालय
- 1 सितंबर, 2014 से 05 जुलाई, 2016: सदस्य, परामर्शदात्री समिति, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय
- 12 सितंबर, 2014 - 5 जुलाई, 2016: सदस्य, अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण समिति
- 27 अप्रैल, 2015- 20 सितंबर, 2016: सदस्य, रेलवे कन्वेंशन समिति
- 5 जुलाई, 2016- 29 मई, 2019: केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में राज्य मंत्री
- 13 सितंबर, 2019- 6 जुलाई, 2021: सदस्य, ऊर्जा संबंधी स्थायी समिति
- 9 अक्तूबर, 2019- 6 जुलाई, 2021: सदस्य, याचिका समिति
- मई, 2019: 17वीं लोकसभा में सदस्य निर्वाचित
- 7 जुलाई, 2021- 9 जून, 2024: केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री
- जून, 2024: 18वीं लोकसभा में सदस्य निर्वाचित
- 10 जून, 2024 से...: स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय में केंद्रीय राज्य मंत्री