MP Politics: आरएसएस की बैठक में UCC के ड्राफ्ट पर मंथन, लोकसभा चुनाव के एजेंडे पर भी होगा फोकस
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लोकसभा चुनाव से ठीक पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की सबसे महत्वपूर्ण छोटी टोली की तीन दिवसीय चिंतन बैठक उज्जैन में चल रही है। इसमें समान नागरिक संहिता के ड्राफ्ट पर विचार मंथन महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ड्राफ्ट के सभी पक्षों पर चर्चा के बाद इसे सबसे पहले भाजपा शासित राज्यों में लागू करने का प्लान है। उत्तराखंड के अलावा कई राज्य अपनी से ओर से इस कानून एलान कर चुके हैं।
सूत्रों ने बताया कि इस अहम बैठक में संघ प्रमुख डॉ. मोहन राव भागवत सहित नौ दिग्गज पदाधिकारी यूसीसी पर विचार-विमर्श करेंगे। इस कानून से विभिन्न धर्मों और जनजातियों के वैवाहिक रीति-रिवाजों पर पड़ने वाले असर से लेकर उसके मुख्य फैक्टर्स व संविधान सभा के अभिमत पर भी विचार-विमर्श होगा। यह पहला मौका जब संघ प्रमुख मोहन भागवत की मौजूदगी में भैयाजी जोशी, सुरेश सोनी सहित सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले और पांचों सह सरकार्यवाह अरुण कुमार, रामदत्त चक्रधर, डॉ. कृष्ण गोपाल, डॉ. मनमोहन वैद्य और मुकुंदा इस पर मंथन करेंगे।
डॉ. मोहन भागवत सहित संघ के अन्य प्रमुख पदाधिकारी एक सप्ताह तक मध्यप्रदेश के प्रवास पर रहेंगे। 6 फरवरी से 11 फरवरी तक होने वाली इन बैठकों में संगठन और सियासत से जुड़े मामलों पर मंथन के साथ महत्वपूर्ण मुद्दों पर निर्णय लिए जाएंगे। पहली बैठक 6 से 8 फरवरी तक उज्जैन में होगी। जबकि दूसरी बैठक 9 से 11 फरवरी तक मुरैना में होगी। संघ की हर तीन महीने में छोटी टोली की बैठक आयोजित होती है। इस बैठक में समसामयिक मामलों पर बड़े निर्णय लिए जाते हैं। मध्यप्रदेश में आयोजित होने वाली इस बैठक में आगामी दिनों के लिए संघ का एजेंडा तैयार किया जाएगा।
संघ के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने बताया कि संघ साल भर में एक बार इस तरह की बैठक करता है। इसमें देखा जाता है कि साल भर में जो हमने काम किया है, उसकी क्या स्थिति है और आने वाले समय में देश और हमारे सामने क्या चुनौती रहेंगी। राम मंदिर, ज्ञानवापी और सरकार किस दिशा में जा रही है उसमें हस्तक्षेप की जरूरत है या नहीं। लोकसभा के चुनाव आने वाले हैं उसके बारे में भी बैठक में चर्चा हो सकती है। छोटी टोली की बैठक में संघ आने वाले सालों को लेकर रणनीति बन सकता है।
आरएसएस की बैठक को लेकर कांग्रेस ने संघ पर निशाना साधा है। कांग्रेस नेता जेपी धनोपिया ने कहा कि आरएसएस कंबल ओढ़ कर घी पीने वाली संस्था है। जनता समझ गई है कि आरएसएस भाजपा के लिए काम करती है। भाजपा की इमेज इतनी खराब है कि संघ की ट्रेनिंग भी अब काम नहीं आएगी। इधर, भाजपा प्रवक्ता सत्येंद्र जैन ने कांग्रेस के आरोपों के जवाब में कहा कि इस तरह के संगठन राष्ट्र निर्माण करने का काम करते हैं। कांग्रेस सेवा दल निष्क्रिय रहता है। इसलिए जो राष्ट्र निर्माण के लिए काम कर रहा है, उनके प्रति आपत्ति करते हैं। भारत की जनता जानती है समय आने पर जवाब देगी। संघ से हमें मार्गदर्शन मिलता है।