फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Motor Vehicle Amendment Bill 2007 aim of better regulation of traffic systems

संसद के मानसून सत्र में अगर ये बिल पास हो गया तो ड्राइविंग के दौरान लापरवाही बरतना पड़ेगा महंगा 

Wed, 11 Jul 2018 09:40 PM IST
जितेंद्र भारद्वाज, नई दिल्ली 
जितेंद्र भारद्वाज, नई दिल्ली  Updated Wed, 11 Jul 2018 09:40 PM IST
विज्ञापन
Motor Vehicle Amendment Bill 2007 aim of better regulation of traffic systems

18 जुलाई से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र में अन्य बिलों के साथ ही मोटर व्हीकल (संशोधन) बिल-2017 भी पास होने के लिए कतार में है। इस बिल को पास कराने के लिए सरकार पर सभी दलों के सांसदों का दबाव है।

विज्ञापन


दूसरा कारण, पिछले साल 1.14 लाख लोगों की सड़क हादसों में मौत होना भी है।केंद्रीय भूतल परिवहन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भी सड़क सुरक्षा पर काम कर रहे गैर सरकारी संगठन सेव लाइफ फाउंडेशन को भरोसा दिलाया है कि अगर संसद का सत्र शांतिपूर्वक चला तो मोटर वाहन संशोधन बिल को पास करा दिया जाएगा।
विज्ञापन


अगर यह बिल पास हो जाता है तो सड़क यातायात नियमों का उल्लंघन करना बहुत महंगा पड़ेगा। नए एक्ट में सौ रुपये का कोई चालान नहीं है, कम से कम पांच सौ से एक हजार रुपये तक की राशि का चालान प्रस्तावित है।
विज्ञापन
विज्ञापन


बता दें कि कई वर्षों से नए एक्ट पर काम चल रहा है। संशोधन के कई दौर पूरे होने के बाद पिछले साल मानसून सत्र में यह उम्मीद बंधी थी कि यह बिल पास हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हो सका।

इस साल के बजट सत्र में भी इस बिल को पास कराने की बात कही गई थी, मगर पिछला संसद सत्र हंगामें की भेंट चढ़ने के कारण एक बार फिर यह बिल अधर में लटक गया।

लोकसभा इसे पहले ही अपनी मंजूरी दे चुकी है। सड़क सुरक्षा पर काम कर रहे सेव लाइफ फाउंडेशन के सीईओ पीयूष तिवारी का कहना है कि हमनें विभिन्न पार्टियों के सांसदों से मुलाकात कर उनसे इस बिल को पास कराने का आग्रह किया है।

करीब पचास सांसदों के हस्ताक्षर वाला एक पत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजा गया है। पत्र पर हस्ताक्षर करने वाले सांसदों में टीआरएस के एपी जितेंद्र रेड्डी, बीजेडी की अर्का केसरी देव, शिवसेना के अरविंद सावंत, एआईएमआईएम के असाद्दुदीन ओवेसी, टीआरएस के बी.विनोद कुमार, आईएनएलडी के दुष्यंत चैटाला, टीआरएस की बलका सुमन, आईएनसी के.आर. धुर्वनारायणा व डॉ शशि थुरूर, एनसीपी की सुप्रिया सुले, एसएडी के नरेश गुजराल और डीएमके के तिरुचि शिवा आदि शामिल हैं।

ये हैं नए प्रावधान

Motor Vehicle Amendment Bill 2007 aim of better regulation of traffic systems

पैदल यात्रियों के लिए 

मौजूदा मोटर व्हीकल एक्ट 1988 में पैदल यात्रियों की सुरक्षा को लेकर कुछ नहीं कहा गया है। नए एक्ट में राज्य सरकार को यह पावर दी गई है कि वह पैदल यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर राज्य सतर पर नियम बना सकती है।

बच्चों के लिए

पुराना एक्ट बच्चों की सुरक्षा पर भी मौन है, लेकिन नए एक्ट के सेक्शन 194-बी के तहत चार साल से बड़े बच्चें के लिए कार में सीट बेल्ट अनिवार्य कर दी गई है। अगर ऐसा नहीं होता है तो वाहन मालिक पर एक हजार रुपये तक का जुर्माना होगा। अगर वह बच्चा दुपहिया वाहन पर बैठा है तो उसे हेलमेट पहनाना होगा।

रिकॉल ऑफ व्हीकल

मौजूदा एक्ट में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है कि तय समय से पहले केंद्र सरकार पर्यावरण के नियमों का उल्लंघन करने वाली गाडियों को वापस बुला सकती है। अर्थात उन्हें सम्बंधित कम्पनी में वापस भिजवा सकती है। अब नए एक्ट के सेक्शन 110 ए और 110 बी में प्रावधान कर केद्र सरकार को रिकॉल ऑफ व्हीकल की पावर दे दी गई है।

गलत रोड इंजीनियरिंग की जवाबदेयी

फिलहाल रोड इंजीनियरिंग की वजह से अगर कोई हादसा होता है तो सीधे तौर पर इसके लिए संबंधित ठेकेदार या कंपनी को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाता। नए एक्ट में ऐसे केस के तहत सम्बंधित एजेंसी या ठेकेदार पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना किया जा सकता है।

बच्चों के हाथ में वाहन देना, पड़ेगा कितना भारी

मौजूदा एक्ट में एक हजार रुपये का जुर्माना और तीन माह तक की सजा का प्रावधान है, लेकिन नए एक्ट के सेक्शन-199 ए के तहत कसूरवार पर 25 हजार रुपये जुर्माना और तीन साल तक की सजा का नियम बना दिया गया है। इसके अलावा नाबालिग के खिलाफ भी जुवेनाइन जस्टिस एक्ट के तहत एक्शन लिया जाएगा।

हिट एंड रन

मौजूदा एक्ट के अंतर्गत ऐसे केस में यदि पीड़ित घायल है तो आरोपी वाहन चालक पर 12500 और पीड़ित की मौत होने पर 25 हजार रुपये का जुर्माना होता है। नए एक्ट में क्रमशः यह राशि पचास हजार और दो लाख रुपये रखी गई है। साल 2016 में हिट एंड रन के 55942 मामले सामने आए थे, जिनमें 22962 लोगों की जान चली गई थी।

रेसिंग करने पर

अभी पांच सौ रुपये और नए एक्ट में पांच हजार 
सीट बेल्ट-अभी सौ रुपये, नए एक्ट में एक हजार 
हेलमेट-अभी सौ रुपये और नए एक्ट में एक हजार 
बिना इंस्योरेंश-मौजूदा एक्ट में एक हजार रुपये, नए एक्ट में दो हजार

बिना डीएल-अभी पांच सौ रुपये और नए एक्ट में पांच हजार 
अयोग्य ठहराने के बाद भी ड्राइविंग करते पकड़े गए तो दस हजार रुपये का चालान होगा, जबकि अभी यह राशि पांच सौ रुपये है 

वाहन की गलत बनावट है, सुरक्षा के मापदंड पूरे नहीं होते हैं तो डीलर पर एक लाख और निर्मामा पर सौ करोड़ रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।
.....ओवर स्पीड पर अभी चार सौ रुपये और नए एक्ट में दो से चार हजार रुपये प्रस्तावित किया गया है 
खतरनाक ड्राइविंग-अभी एक हजार और नए एक्ट में पांच हजार रुपये 
ड्रंकन ड्राइविंग में अभी दो हजार और नए एक्ट में दस हजार रूपये तक का जुर्माना किया जा सकता है 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed