मदर्स डे स्पेशल: स्तनपान में श्रीलंका की माएं सबसे आगे, भारत पहले तीन देशों से काफी पीछे
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भगवान का दूसरा रूप मां होती है जो बच्चे को पैदा कर खुद दूसरा जन्म लेती है। मां के इसी प्यार को आदर देने के लिए हर साल 13 मई को मातृ दिवस मनाया जाता है। बच्चे को जन्म देने के बाद मिलने वाला मां का दूध बच्चे के लिए जीवन रक्षक का काम करता है। वहीं जो बच्चे इससे महरूम रह जाते हैं वह अनेक बीमारियों से तो घिर ही जाते हैं। साथ ही कई बार अपना जीवन तक खो देते हैं। इससे हम आसानी से अंदाजा लगा सकते हैं कि मां का दूध केवल दूध ही नहीं बल्कि जीवन का सबसे बड़ा वरदान भी होता है।
संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनिसेफ) ने विभिन्न देशों में स्तनपान की स्थिति बताते हुए कुछ आंकड़े जारी किए हैं। आंकड़ों के मुताबिक दुनिया के 8.20 लाख बच्चे ऐसे हैं जो मां का दूध ना मिलने के कारण हर साल मौत का शिकार हो जाते हैं। वहीं दुनिया में 76 लाख बच्चे ऐसे हैं जो मां का दूध नसीब नहीं होता।
इसलिए मां का दूध है अमृत
कहा जाता है कि बच्चे को मां का दूध 6 माह तक देना चाहिए। यह बच्चे को कुपोषण से बचाता है और उनमें रोग प्रतिरोधक क्षमता पैदा करता है। जिससे बच्चे को रोगों से लड़ने की शक्ति मिलती है। मां के दूध में मौजूद लेक्टोफोर्मिन बच्चे की आंत में लौह तत्व पैदा करती है जिससे बच्चे की आंत में रोग के कीटाणु नहीं पनपते।
इसके अलावा मां के दूध में पानी की भी पर्याप्त मात्रा होती है। जिस कारण बच्चे को अलग से पानी देने की आवश्यकता नहीं पड़ती। साथ ही ये दूध बच्चे को उसी तापमान में मिलता है जो उसके शरीर में होता है। इससे बच्चे को ना तो सर्दी लगती है और ना गर्मी।
भारत में बच्चों को मां का दूध मिलने में आई कमी
स्तनपान में इन देशों की मां सबसे आगे
बच्चों को स्तनपान कराने के लिए सरकार भी कई तरह के अभियान चलाती है। जिसमें लोगों को स्तनपान के प्रति जागरुक करना मुख्य उद्देश्य होता है। यूनिसेफ की इस सूची में पहले स्थान पर श्रीलंका है जहां 99.4 फीसदी बच्चों को मां का दूध मिलता है। वहीं दूसरे स्थान पर भूटान है जहां 99.3 फीसदी बच्चे मां का दूध पीते है। इसके अलावा 99.1 फीसदी के साथ नेपाल इस सूची में तीसरे पायदान पर है।
इन तीन देशों में सबसे कम स्तनपान
दुनिया के कुछ देश ऐसे भी हैं जहां स्तनपान की दर सबसे कम हैं। जिसमें पहले स्थान पर आयरलैंड है जहां स्तनपान की दर 55 फीसदी है। दूसरे स्थान पर फ्रांस है जहां 63 फीसदी बच्चों को ही मां का दूध पीने को मिलता है। तीसरे स्थान पर अमेरिका है जहां 74 फीसदी बच्चे मां का दूध पी पाते हैं।
भारत में स्तनपान का दर
भारत में स्तनपान की दर 95.5 फीसदी है। जिससे पता चलता है कि भारत की स्थिति इस मामले में ठीक है। लेकिन सरकार का अगला लक्ष्य इस दर को 100 फीसदी करने पर होगा। जिसमें कुछ ऐसे उपाय भी किए जाएंगे जिससे देश के हर बच्चे को ये अमृत मिल पाएगा।