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नोटबंदी के बाद संदिग्ध लेनदेन में हुआ इजाफा, पकड़ी गई सबसे ज्यादा नकली करेंसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 20 Apr 2018 07:32 PM IST
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नोटबंदी के बाद देश के बैंकों ने अब तक की सबसे ज्यादा नकली करेंसी पकड़ी है। यही नहीं नोटबंदी के बाद संदिग्ध लेनदेन में भी 480 फीसदी का भारी इजाफा दर्ज किया गया है। संदिग्ध डिपोजिट पर तैयार की गई एक सरकारी रिपोर्ट से यह खुलासा हुआ है।
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केंद्रीय वित्त मंत्रालय की फाइनेंशियल इंटेलीजेंस यूनिट (एफआईयू) द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट में कहा गया है कि प्राइवेट, सरकारी और कोऑपरेटिव क्षेत्रों सहित सभी बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों ने संयुक्त रूप से 2016-17 के दौरान 400 फीसदी ज्यादा संदिग्ध लेनदेन की रिपोर्ट दर्ज की है। इन संदिग्ध लेन-देन की संख्या 4.73 लाख से अधिक है।
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रिपोर्ट के मुताबिक, बैंकिंग एवं अन्य वित्तीय चैनलों में जाली करेंसी के लेनदेन में पिछले साल की तुलना में 2016-17 के दौरान 3.22 लाख मामले अधिक सामने आए हैं। वित्त वर्ष 2015-16 में जाली मुद्रा के कुल 4.10 लाख मामले रिपोर्ट हुए थे जबकि 2016-17 में इनकी संख्या बढ़कर 7.33 लाख हो गई। नकली करेंसी पर यह ताजा आंकड़ा अभी तक का सर्वोच्च आंकड़ा है। बता दें कि नकली करेंसी के लिए रिपोर्ट के आंकड़ों को संकलित करने का काम सबसे पहले वित्त वर्ष 2008-09 में शुरू किया गया था।
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संदिग्ध वित्तीय लेनदेन से आतंकवाद को पहुंचाई गई मदद
फाइनेंशियल इंटेलीजेंस यूनिट की रिपोर्ट के मुताबिक, संदिग्ध वित्तीय लेनदेन से आतंकवाद को मदद पहुंचाई गई। वित्त वर्ष 2016-17 में संदिग्ध लेन देन के 4,73,006 मामले दर्ज किए गए। यह संख्या वित्त वर्ष 2015-16 की तुलना में चार गुना अधिक है।