फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Mos G Kishan Reddy in rajyasabha says once naxalite violence spread in 90 districts is now reduced to 46

कभी 90 जिलों में फैली नक्सली हिंसा अब 46 जिलों तक सिमटी: केंद्र सरकार

Mon, 21 Sep 2020 03:17 PM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Sneha Baluni Updated Mon, 21 Sep 2020 03:17 PM IST
विज्ञापन
Mos G Kishan Reddy in rajyasabha says once naxalite violence spread in 90 districts is now reduced to 46
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी (फाइल फोटो) - फोटो : PTI

गृह मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि कभी देश के 90 जिलों को अपने कब्जे में ले चुकी नक्सली हिंसा अब 46 जिलों तक सिमट गई है। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने राज्यसभा को बताया कि समझा जाता है कि 11 राज्यों के 90 जिले वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित हैं और इन जिलों को गृह मंत्रालय की सुरक्षा संबंधी व्यय (एसआरई) योजना के तहत रखा गया।

विज्ञापन


उन्होंने बताया कि सरकार के विभिन्न प्रयासों के फलस्वरूप 2019 में नक्सली हिंसा की घटनाओं की खबर 61 जिलों से आई और अब साल 2020 के शुरुआती छह माह में वामपंथी उग्रवाद की घटनाओं की खबरें केवल 46 जिलों से आईं। रेड्डी ने यह भी बताया कि नक्सल प्रभावित इलाकों में 2015 से 15 अगस्त 2020 तक 350 सुरक्षा कर्मियों और 963 आम नागरिकों के साथ 871 नक्सलियों की मौत हुई है।
विज्ञापन



उन्होंने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह भी बताया कि इस अवधि में 4,022 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। इसके अलावा उन्होंने बताया कि पांच अगस्त 2019 से 31 अगस्त 2020 तक जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी घटनाओं में 45 नागरिकों और 49 सुरक्षाकर्मियों को अपनी जान गंवानी पड़ी है।
विज्ञापन
विज्ञापन



 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed