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Hindi News ›   India News ›   More Rain in September-October instead of Sawan: 125 times heavy rainfall, Meteorological Department told this reason

सावन से ज्यादा क्वार-कार्तिक में वर्षा: 125 बार हुई भारी बारिश, मौसम विभाग ने बताई यह वजह

Tue, 02 Nov 2021 08:48 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Tue, 02 Nov 2021 08:48 PM IST
सार

मौसम विभाग के अनुसार सितंबर में 89 बार रिकॉर्ड बारिश हुई, जबकि पिछले साल सितंबर में 61 मर्तबा भारी वर्षा हुई थी।

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More Rain in September-October  instead of Sawan: 125 times heavy rainfall,  Meteorological Department told this reason
SYMBOLIC IMAGE - फोटो : iStock

विस्तार

देश में इस बार सावन माह से ज्यादा बारिश क्वार व कार्तिक यानी सितंबर-अक्तूबर में हुई। मौसम विभाग के अनुसार देश के विभिन्न हिस्सों में सितंबर अक्तूबर में 125 बार भारी बारिश हुई। मौसम विभाग ने मंगलवार को इसकी वजह विस्तार से बताई। 

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मौसम विभाग के अनुसार सितंबर में 89 बार रिकॉर्ड बारिश हुई, जबकि पिछले साल सितंबर में 61 मर्तबा भारी वर्षा हुई थी। वर्ष 2019 में 59 बार,  2018 में 44 बार और 2017 में 29 बार भारी बारिश हुई थी। अक्तूबर में भी इस साल 36 बार भारी वर्षा हुई, जबकि 2020 में इस माह  10 बार बारिश हुई थी। इससे पहले 2019 में 16 बार और वर्ष 2018 में 17  बार बारिश हुई थी। 
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इसलिए हुआ ऐसा
मौसम विभाग के अनुसार सितंबर व अक्तूबर में ज्यादा वर्षा की वजह मानसून की देर से वापसी, कम दबाव का क्षेत्र सामान्य से ज्यादा बार बनना, अक्तूबर में कम दबाव प्रणाली बनना, पश्चिमी विक्षोभ का सक्रिय होना  जैसी वजहें खास हैं। इसके अलावा इस दौरान दो चक्रवात, एक गहरे दबाव का क्षेत्र और छह निम्न दबाव सहित नौ कम दबाव क्षेत्र बनना भी वजह बने। 
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देश में वर्षकाल एक जून से 30 सितंबर तक रहता है। कुछ राज्यों से मानसून की बिदाई 15 अक्तूबर तक होती है, लेकिन इस साल 25 अक्तूबर को मानसून की बिदाई हुई। मानसून के सक्रिय रहने और चक्रवात व कम दबाव क्षेत्रों के कारण सतत नमी रहने से वर्षा का दौर लंंबा चला। 

उत्तराखंड में अक्तूबर मध्य में बरपा कहर
उत्तराखंड में 18 और 19 अक्तूबर को भारी वर्षा ने कहर ढा दिया। 79 लोगों की मौत हो गई। इसी माह हिमाचल प्रदेश में आठ इंच से ज्यादा रिकॉर्ड वर्षा हुई। पश्चिमी विक्षोभ और कम दबाव का क्षेत्र बनने से 17-19 अक्तूबर को राज्य में भारी बारिश हुई थी। बाढ़ और भू-स्खलन भी हुआ। 


1975 के बाद सातवीं बार सबसे देरी से लौटा मानसून
मौसम विभाग ने 25 अक्तूबर को बयान जारी कर कहा था कि देश से दक्षिण-पश्चिमी मानसून 2021 की वापसी 1975 के बाद सातवीं बार सबसे देरी से हुई है। आईएमडी डाटा के अनुसार 2010 से 2021 के बीच मानसून की वापसी 25 अक्तूबर या इसके बाद पांच बार हुई। ऐसा 2010, 2016, 2017, 2020 और 2021 में हुआ है। यह छह अक्तूबर को पश्चिमी राजस्थान और उससे सटे गुजरात से घटने लगा था, जिससे यह 1975 के बाद से दूसरा सबसे अधिक देरी वाला मानसून बन गया था।
 

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