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अंतरिम बजट में खर्च बढ़ने से वित्तीय लक्ष्य पाना मुश्किल : मूडीज
Sat, 02 Feb 2019 06:26 AM IST
संदीप भट्ट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: संदीप भट्ट
Updated Sat, 02 Feb 2019 06:26 AM IST
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वैश्विक रेटिंग एजेंसी मूडीज का कहना है कि सरकार की ओर से पेश किए गए अंतरिम बजट में विभिन्न योजनाओं के लिए खर्च बढ़ाने का सीधा असर उसके वित्तीय घाटे पर होगा। एजेंसी ने चेतावनी देते हुए कहा है कि राजस्व बढ़ाने की किसी नई योजना के जिक्र का अभाव और खर्च का बोझ बढ़ने से लगातार चौथे साल राजकोषीय लक्ष्य की विश्वसनीयता नकारात्मक रहेगी।
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अंतरिम बजट पेश होने के तत्काल बाद मूडीज ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि सरकार ने वित्त वर्ष 2020 के लिए राजकोषीय घाटे का लक्ष्य जीडीपी का 3.4 फीसदी रखा है, जो बढ़ते खर्च को देखते हुए काफी मुश्किल लग रहा है। सरकार ने अपनी आय बढ़ाने के लिए कोई नई योजना पेश नहीं की है, जबकि खर्च में इजाफा होने से वित्तीय बोझ और बढ़ेगा ही। बजट में यह भी स्वीकार किया गया कि सरकार चालू वित्त वर्ष में अपने वित्तीय घाटे के लक्ष्य से 10 आधार अंक पीछे रह जाएगी।
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यानी पूर्व में तय लक्ष्य 3.3 फीसदी को 3.4 फीसदी किया जाएगा। सरकार इससे पहले भी लगातार दो वर्षों लक्ष्य से चूकती रही है। इस तरह आगामी चौथे साल भी वित्तीय घाटे का लक्ष्य पाना काफी मुश्किल लग रहा है। रेटिंग एजेंसी ने कहा कि प्रत्यक्ष आयकर योजनाओं का सरलीकरण और किसानों को सालाना न्यूनतम आय उपलब्ध कराने जैसी योजनाएं सरकार की विश्वसनीयता के लिए सकारात्मक हैं लेकिन ये वित्तीय घाटे को दांव पर लगाकर हासिल होंगी।
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