फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Monsoon session to be remembered for uproar, suspension and boycott

हंगामा, निलंबन और बहिष्कार के लिए याद किया जाएगा मानसून सत्र

Thu, 24 Sep 2020 06:59 AM IST
Amit Mandal हिमांशु मिश्र, अमर उजाला, नई दिल्ली
हिमांशु मिश्र, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Amit Mandal Updated Thu, 24 Sep 2020 06:59 AM IST
विज्ञापन
Monsoon session to be remembered for uproar, suspension and boycott
Parliament - फोटो : पीटीआई

कोरोना काल में आयोजित संसद का मानसून सत्र बीते बजट सत्र की तरह ही निर्धारित समय से आठ दिन पहले ही समाप्त हो गया। पहले राज्यसभा और बाद में लोकसभा की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी गई। कोरोना महामारी के साये में आयोजित इस सत्र को सांसदों के निलंबन, हंगामा और विपक्ष के बहिष्कार के लिए जाना जाएगा। 10 दिन चले सत्र में 25 बिल पारित हुए। इनमें 13 बजट सत्र के बाद सरकार की ओर से जारी अध्यादेशों से संबंधित थे। इनमें से 10 बिल विपक्षी दलों की अनुपस्थिति में पारित हुए। जो बिल विपक्ष की अनुपस्थिति में पारित हुए उनमें श्रम कानूनों में बदलावों से जुड़े तीन अहम बिल भी शामिल हैं।

विज्ञापन


कृषि विधेयकों पर अभूतपूर्व हंगामा
राज्यसभा में कृषि क्षेत्र से जुड़े तीन बिलों को पारित कराने के मामले में अभूतपूर्व हंगामा हुआ। विपक्ष ने उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह पर नियमों की अनदेखी कर बिल पारित कराने का आरोप लगाया। इस दौरान वेल में प्रदर्शन के दौरान विपक्षी सांसदों ने नियमावली फाड़ दी। माइक तोड़ दिये। मार्शलों से बदसलूकी की। हंगामा करने वाले आठ सांसदों को पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया।
विज्ञापन


आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति
सरकार और विपक्ष में जमकर आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति हुई। उपसभापति हरिवंश पहले धरने पर बैठे निलंबित सांसदों को चाय पिलाई। फिर राष्ट्रपति को हंगामे व खुद के साथ हुए दुर्व्यवहार को लेकर मार्मिक पत्र लिखा। वहीं, कांग्रेस की अगुवाई में कई विपक्षी दलों ने राज्यसभा और लोकसभा की कार्यवाही का बहिष्कार किया। बुधवार को राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने राष्ट्रपति से मुलाकात कर उपसभापति की शिकायत की।
विज्ञापन
विज्ञापन




बदली परिस्थितियों में हुई बैठक
कोरोना संक्रमण के कारण मानसून सत्र में सब कुछ बदला हुआ था। पहली बार बैठकों के लिए संसद के दोनों सदनों और यहां तक कि सांसदों को बैठाने के लिए संसद दीर्घाओं तक का इस्तेमाल किया गया। सामाजिक दूरी के लिए कई अहम बदलाव किए गए। सांसदों, कर्मचारियों और मीडिया को कोरोना टेस्ट के बाद ही कार्यवाही में शिरकत करने की अनुमति मिली। दोनों सदनों की कार्यवाही अलग-अलग समय में आयोजित की गई।

अहम विधेयकों पर लगी मुहर
- राष्ट्रीय न्यायालयी विज्ञान विश्वविद्यालय विधेयक
- कंपनी (संशोधन) विधेयक
- बैंकिंग विनियमन (संशोधन) विधेयक
- आवश्यक वस्तु विधेयक
- प्रौद्योगिकी संस्थान विधियां विधेयक
- राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय विधेयक
- कराधान और अन्य विधि विधेयक
- जम्मू-कश्मीर राजभाषा विधेयक
- विनियोग (संख्या 3) विधेयक
- विनियोग (संख्या 4) विधेयक
- आजीविका सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्यदशा संहिता
- औद्योगिक संबंध संहिता
- सामाजिक सुरक्षा संहिता
- अर्हित वित्तीय संविदा द्विपक्षीय नेटिंग विधेयक
- विदेशी अभिदाय (विनियमन) संशोधन विधेयक
- कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) विधेयक
- कृषक (सशक्तीकरण व संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि करार विधेयक
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed