मनी लॉन्ड्रिंग मामला : ईडी ने आठ घंटे तक की पूर्व उड्डयन मंत्री प्रफुल्ल पटेल से पूछताछ
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पूर्व उड्डयन मंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता प्रफुल्ल पटेल सोमवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सामने पेश हुए। यहां ईडी ने पटेल से आठ घंटे तक पूछताछ की। दरअसल, मनी लॉन्ड्रिंग केस में ईडी ने प्रफुल्ल पटेल को समन भेज पूछताछ के लिए बुलाया था। ईडी पटेल का बयान रिकॉर्ड कर रहा है। इस दौरान उनके साथ उनके वकील भी मौजूद हैं।
अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक पटेल दोपहर 10 बजे एजेंसी के समक्ष पेश हुए और शाम सात बजे से कुछ पहले वहां से निकले। जानकारी के अनुसार पटेल मंगलवार को फिर ईडी के सामने पेश हो सकते हैं, क्योंकि पूछताछ और उनके बयानों की रिकॉर्डिंग अभी चल रही है।
राज्यसभा सांसद पटेल का धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत बयान दर्ज किए गए। इससे पहले उन्होंने कहा था कि वो ईडी को जांच में सहयोग करेंगे और उड्डयन क्षेत्र की जटिलताओं के बारे में जांच एजेंसी को बताएंगे। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, मामले में गिरफ्तार किए गए लॉबिस्ट दीपक तलवार के खुलासों और एजेंसी द्वारा जुटाए गए सुबूतों के आधार पर पटेल से पूछताछ की जानी है।
बता दें कि करीब एक महीना पहले ईडी ने कतर एयरवेज, एमिरेट्स और एयर अरेबिया समेत विदेशी निजी एयरलाइंस के पक्ष में बातचीत करने और एयर इंडिया को नुकसान पहुंचाने से संबंधित करोड़ों रुपये के कथित घोटाले को लेकर अंतिम रिपोर्ट दाखिल की थी।
तलवार के खिलाफ एक मई को दाखिल किए गए आरोपपत्र में ईडी ने दावा किया था कि उसने एमिरेट्स और एयर अरेबिया की ओर से पटेल को संबोधित कई पत्रों को अंतिम रूप दिया था। ईडी तलवार को गिरफ्तार कर चुकी है और वह न्यायिक हिरासत में है।
एयर इंडिया घोटाले में पहली बार किसी राजनेता पर कार्रवाई
एयर इंडिया में कथित करोड़ों रुपये के घोटाले में किसी नेता के खिलाफ यह पहली बड़ी कार्रवाई है। जांच एजेंसी ने हाल ही में मामले में चार्जशीट दायर की थी, जिसमें कहा गया था कि तलवार लगातार पटेल के संपर्क में थे।
ईडी ने कोर्ट को बताया था कि पटेल और तलवार के बीच हुई बातचीत के पुख्ता सुबूत हैं, जिनमें ई-मेल भी शामिल हैं। चार्जशीट में तलवार पर अपने संपर्कों का इस्तेमाल कर निजी एयरलाइन को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाया गया है।
यह मामला मनी लॉन्ड्रिंग से भी जुड़ा हुआ है। ईडी ने इससे पहले अदालत को बताया था कि वह एयर इंडिया के लाभ देने वाले मार्गों और समय को कतर एयरवेज, अमीरात एंड एयर अरेबिया समेत विदेशी एयरलाइनों को देने का पक्ष लेने वाले नागर विमानन मंत्रालय, नेशनल एविएशन कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनएसीआईएल) और एयर इंडिया के अधिकारियों के नामों का पता लगाने की कोशिश कर रही है।
ईडी के अधिवक्ता एआर आदित्य ने अदालत को बताया था कि इसकी वजह से राष्ट्रीय एयरलाइंस को मार्केट शेयरों को भारी नुकसान हुआ तथा निजी घरेलू और विदेशी एयरलाइंस को जबरदस्त फायदा भी हुआ।