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गांधी जयंती पर देश को मिलेगा 'मोदीकेयर' का तोहफा, हर साल खर्च होंगे 10 हजार करोड़ रुपये

Fri, 02 Feb 2018 08:41 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 02 Feb 2018 08:41 PM IST
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Modicare world's largest health protection scheme implemented from Gandhi Jayanti

दुनिया की सबसे बड़ी हेल्थ केयर स्कीम मानी जा रही केंद्र सरकार की राष्ट्रीय स्वास्थ्य संरक्षण योजना (आयुष्मान भारत) 2 अक्टूबर से लागू होगी। न्यूज एजेंसी एएनआई ने यह जानकारी दी है। 

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खास बात यह है कि 2 अक्टूबर को लागू हो रही इस योजना को गांधी जयंती पर देश को समर्पित किया जा रहा है। 

जिसके तहत गरीब और कमजोर परिवारों को हर साल पांच लाख रुपये का बीमा मिलेगा। इस लिहाज से देखें तो देश की करीब 1.30 अरब आबादी में करीब 40 प्रतिशत के लिए बड़े स्वास्थ्य सुरक्षा योजना का ऐलान इस बजट में किया है। इस आयुष्मान भारत कार्यक्रम को दुनिया की सबसे बड़ी सरकारी योजना बताया जा रहा है।  
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गुरुवार को लोकसभा में वित्त वर्ष 2018-19 का बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि यह योजना आम आदमी के लिए बड़ी राहत देने वाली है। 

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दस हजार करोड़ रुपये प्रतिवर्ष खर्च

Modicare world's largest health protection scheme implemented from Gandhi Jayanti

बता दें कि सरकार को इस स्कीम में दस हजार करोड़ रुपये प्रतिवर्ष खर्च करने होंगे। इसमें से छह हजार करोड़ रुपये केंद्र सरकार वहन करेगी जबकि चार हजार करोड़ का योगदान राज्य सरकारों का होगा।

इस योजना को बनाने से जुड़े अधिकारियों के अनुसार बीमा कंपनियों से निविदा मंगाई जाएगी और सबसे कम दाम पर बीमा करने वाली कंपनी को ही ठेका दिया जाएगा। फिलहाल तीस हजार रुपये प्रति परिवार वाली राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना में सालाना प्रीमियम पांच सौ से साढे़ छह सौ रुपये आ रहा है। 

पांच लाख रुपये प्रति परिवार के स्वास्थ्य बीमा वाली राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा योजना का प्रीमियम एक हजार रुपये आने की उम्मीद है। इस योजना का दुरुपयोग न किया जा सके इसलिए इसे परिवार के मुखिया के पैन नंबर और आधार कार्ड से जोड़ा जाएगा।
 
हालांकि केंद्रीय बजट में इस योजना के लिए सिर्फ दो हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली का कहना है कि यह धनराशि योजना की नींव तैयार करने के लिए दी गई है। जितने और पैसे की जरूरत होगी, उतना धीरे धीरे रिलीज किया जाएगा। 

सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती इस योजना को जमीनी स्तर तक पहुंचाने की है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक पिछले बारह सालों से गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले 30 करोड़ लोगों के लिए चल रही राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ दस फीसदी से भी कम लोग उठा पाए थे।

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