मोदी- शाह मौजूदा राजनीति की सबसे मजबूत जोड़ी
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उत्तर प्रदेश में भाजपा की ऐतिहासिक जीत ने जता दिया है कि पीएम मोदी और अमित शाह की जोड़ी देश की वर्तमान राजनीति में सबसे मजबूत जोड़ी है। यूपी में नारायण दत्त तिवारी के नेतृत्व में 273 सीटों की जीत के साथ किसी दल का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन का रिकार्ड था। लेकिन मोदी के करिश्मे ने न सिर्फ पिछले जीत के सभी रिकार्ड तोड़े हैं बल्कि ऐसा कीर्तिमान बना दिया है जिसके टूटने में शायद लंबा वक्त लग जाएगा। यही वजह है कि सामान्य कार्यकर्ताओं से लेकर पार्टी के शीर्ष नेताओं ने भी यूपी की जीत के लिए मोदी और शाह की जोड़ी को ही श्रेय दिया है।
गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि चुनाव परिणामों ने देश की राजनीतिक सोच बदली है। भाजपा की जीत जनता में पीएम मोदी के प्रति विश्वास की जीत है। उनके कुशल नेतृत्व और सुशासन की प्रतिबद्धता को जनता ने सिर आंखों पर बिठाया है। वहीं अमित शाह की संगठन क्षमता और कार्यकर्ताओं की कड़ी मेहनत का भी यह परिणाम है। सरकार के एक अन्य वरिष्ठ मंत्री रविशंकर प्रसाद ने भी यूपी की जीत का श्रेय पीएम मोदी को दिया है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी गरीबों के मसीहा बनकर उभरे हैं।
वैसे यूपी के पूरे चुनाव अभियान पर नजर डालें तो अकेले पीएम मोदी कई रूप में नजर आए। सुरक्षा चुनौतियों को धत्ता बताते हुए बनारस में खुले में रोड शो करना उनकी निडर छवि को निखारती है। बिहार की हार के बावजूद उन्होंने खुद को प्रचार में सबसे आगे रखकर उसकी जिम्मेदारी उठाई। इससे वह बाजीगर और कुशल योद्धा के रूप में भी नजर आए।
अमित शाह ने यूपी में भाजपा को जीत दिलाकर दिया करारा जवाब
बनारस में उनके रोड शो को लेकर तमाम सवाल उठे थे। मगर मोदी बिना विचलित हुए शेर की तरह अकेले गरजते रहे। विरोधियों के जरिये गधे वाले बयान का तंज हो या बाहरी करार दिए जाने का मामला, मोदी ने खुद ही पलटवार कर अपना पक्ष रखा। यूपी में 2014 जैसी जीत दिलाकर मोदी ने जता दिया है कि फिलहाल वह वर्तमान भारतीय राजनीति के अजातशत्रु हैं।
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने यूपी में भाजपा को एक और ऐतिहासिक जीत दिलाकर बिहार के बाद अपनी रणनीति पर सवाल उठाने वालों को करारा जवाब दिया है। पार्टी अध्यक्ष रहते हुए भी उन्होंने चुनाव रणनीति की कमान अपने हाथों में ली। वह भी ऐसे समय में जब विपक्ष ने उन पर बाहरी का आरोप लगाया। इस बार वह चुनाव प्रबंधन तक ही सीमित नहीं रहे, बल्कि कई चुनावी रैलियों को संबोधित कर वह एक जननेता के रूप में उभरे।
शाह को अब तक प्रबंधन का ही मास्टर माना जाता था। लेकिन इस बार यूपी में वह एक दिन में 4 से 5 चुनावी रैलियां भी करते रहे। मोदी के बाद जनता में उनकी सर्वाधिक मांग रही। सियासी गलियारे में पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव को लोकसभा 2019 के सेमीफाइनल के तौर पर देखा जा रहा है। भाजपा को ऐतिहासिक जीत दिलाकर मोदी और शाह की जोड़ी इस सेमीफाइनल को जीतने में कामयाब रही।