मोदी के अधूरे वादों पर लिखी किताब को बैन करने की मांग
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केंद्र की सत्ता में आई मोदी सरकार को दो साल हो चुके हैं, सरकार इन दो वर्षों की अपनी उपलब्धियां भी गिना रही हैं। लेकिन गुजरात में मोदी के अधूरे वादों को लेकर एक किताब लिखी गई है। किताब का टाइटल और सामग्री ऐसी है कि मोदी समर्थकों की नींद उड़ी हुई है।
इस किताब नाम है 'फेकू जी हैव दिल्ली मा', हिंदी में इसका अनुवाद है 'फेकू जी अब दिल्ली में हैं'।
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक किताब में मोदी के उन सभी वादों का लेखा-जोखा है, जो अभी तक पूरे नहीं हुए।
पीएम मोदी के एक गुजराती समर्थक नरसिंह भाई सोलंकी ने स्थानीय अदालत में किताब को बैन करने की याचिका दी है। सोलंकी ने इस मामले में पीएम मोदी को भी एक पक्ष बनाया है।
किताब पालड़ी के रहने वाले जे.आर. शाह नाम के शख्स ने गुजराती में लिखी है और इसे खुद की जे.आर इंटरप्राइजेज फर्म से प्रकाशित किया है।
किताब पर बवाल मचने की आशंका
किताब पर बैन की मांग करने वाले सोलंकी खुद को सामाजिक कार्यकर्ता बताते हैं और बहरामपुरा इलाके के रहने वाले हैं। शहर के सिटी कोर्ट में सोलंकी ने किताब के बैन करने की याचिका दाखिल की, जिसमें कहा गया है कि किताब का टाइटल और उसके अंदर छपी बातें आपत्तिजनक हैं, इसलिए इस पर तुंरत बैन लगना चाहिए।
सोलंकी के वकील एमएस भवसार ने बताया कि किताब पूरी तरह से मोदी के अधूरे वादों पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि ''हम इस किताब को बैन करने की मांग इसलिए कर रहे हैं, क्योंकि किताब का टाइटल अपमानजनक है, जो पीएम मोदी के समर्थकों को आहत कर सकता है।''
वकील ने आगे कहा ''पीएम मोदी को अभी केंद्र की सत्ता में आए दो ही वर्ष हुए हैं, और इतने कम समय में सभी वादों के पूरे होने की उम्मीद नही की जा सकती हैं, सरकार का कार्यकाल अभी बाकी है, इसलिए बहुत संभावना है कि सरकार के किए वादों पर आने वाले वर्षों में अमल हो सके, ऐसे में वक्त से पहले ही पीएम के खिलाफ अपमानजनक टाइटल से किताब लिखना जायज नहीं है, इसे तुरंत बैन कर देना चाहिए।''