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कांग्रेस का बड़ा आरोप: कहा- मोहन भागवत के निर्देश पर देश को आर्थिक गुलामी में धकेल रही है मोदी सरकार 

Tue, 05 Oct 2021 07:57 PM IST
Amit Mandal पीटीआई, नागपुर
पीटीआई, नागपुर Published by: Amit Mandal Updated Tue, 05 Oct 2021 07:57 PM IST
सार

कांग्रेस प्रवक्ता ने भाजपा और संघ पर हमला बोलते हुए कहा कि महामारी बेरोजगारी का कारण बनी, लेकिन नोटबंदी (2016) के कारण जो हुआ उसके लिए कौन जिम्मेदार है?

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Modi govt taking country into economic slavery on RSS chief's directions: Congress
मोहन प्रकाश (file photo) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कांग्रेस ने मंगलवार को आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी सरकार आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के निर्देश पर देश को आर्थिक गुलामी में धकेल रही है। कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता मोहन प्रकाश ने कहा कि पिछले 18 महीनों में 14 करोड़ नौकरियों के नुकसान के लिए केंद्र जिम्मेदार है। उन्होंने सरकार पर छोटे व्यापारियों के कारोबार को खत्म करने का आरोप लगाते हुए अमेजन रिश्वत घोटाले की जांच की भी मांग की।

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प्रकाश ने संघ के मुख्यालय नागपुर में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए सवाल किया, हम समझ सकते हैं कि महामारी बेरोजगारी का कारण बनी, लेकिन नोटबंदी (2016) के कारण जो हुआ उसके लिए कौन जिम्मेदार है? क्या जीएसटी लागू होने के कारण छोटे व्यवसायों के सामने आने वाली समस्याओं के लिए कोई जिम्मेदार होगा। और उन लोगों का क्या होगा जिन्होंने अपनी नौकरियां गंवाई? 
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उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि मोहन भागवत के निर्देश पर मोदी सरकार देश को आर्थिक गुलामी में ले जा रही है। प्रकाश ने कहा कि मोदी सरकार के कारण पिछले डेढ़ साल में 14 करोड़ नौकरियां चली गईं। हम मोहन भागवत से इसके बारे में पूछना चाहते हैं क्योंकि एक स्वयंसेवक भारत का प्रधानमंत्री है। 
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मोहन प्रकाश ने कहा कि छोटे दुकानदार, छोटे व्यवसाय, एमएसएमई सभी मुश्किल में हैं क्योंकि इन क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों की आजीविका प्रभावित हो रही है। सनसनीखेज और घोटाले वासे तथ्यों ने करोड़ों दुकानदारों और छोटे व्यवसायों की आजीविका के नुकसान के पीछे की वजहों का खुलासा किया है। 


उन्होंने कहा कि अमेरिकी ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन ने कानूनी शुल्क के नाम पर 8,546 करोड़ रुपये का भुगतान किया था। जबकि कानून और न्याय मंत्रालय का वार्षिक बजट 1100 करोड़ रुपये है। अब खुलासा हुआ है कि यह राशि कथित रिश्वत के रूप में भुगतान की गई थी। यहां तक कि अमेजन ने भी इस रिश्वत कांड को आंशिक रूप से स्वीकार किया है। उन्होंने कहा कि इस मामले की सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा न्यायाधीश द्वारा जांच होनी चाहिए। 

 

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