फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Modi govt started well but destination is too far

मोदी सरकार के दो साल: योजनाओं को लगे पंख, मगर मंजिल अभी दूर

Thu, 26 May 2016 12:03 AM IST
हिमांशु मिश्र/ अमर उजाला, दिल्ली
हिमांशु मिश्र/ अमर उजाला, दिल्ली Updated Thu, 26 May 2016 12:03 AM IST
सार

  • विदेश, वित्त और सड़क-परिवहन मंत्रालय ने दिखाया जलवा
  • असम ने भुला दी दिल्ली-बिहार के हार की टीस

विज्ञापन
Modi govt started well but destination is too far
मेक इन इंडिया - फोटो : Getty

विस्तार

मोदी सरकार के दो साल के कार्यकाल में नई योजनाओं और अभियानों को पंख तो लगे, मगर इन्हें मंजिल मिलना अभी बाकी है। इस दौरान भ्रष्‍टाचार के मोर्चे पर बेदाग रही मोदी सरकार के विदेश, सड़क परिवहन और वित्त जैसे कुछ मंत्रालयों ने उम्मीदों से बढ़कर प्रदर्शन किया तो कई मंत्रालय अपनी प्रतीकात्मक उपस्थिति ही दर्ज करा पाए।

विज्ञापन


खासतौर पर प्रधानमंत्री की रसोई गैस सब्सिडी छोड़ने की मुहिम को लोगों ने हाथों हाथ लिया तो स्वच्छ गंगा और स्वच्छ भारत अभियान बेहतर जागरुकता पैदा करने में कामयाब रहा। इसी क्रम में मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया और कौशल भारत योजना की ठोस शुरुआत ने इसके जमीन पर बेहतर प्रदर्शन की उम्मीदें जगाई हैं। भले ही विदेश से कालाधन लाने में सफल न रहने पर मोदी सरकार विपक्ष के निशाने पर रही हो, मगर काला धन के खिलाफ कानून बनाने के साथ ही भ्रष्टाचार के मामले में मोदी सरकार पर एक भी आरोप न लगना बड़ी उपलब्धि है।
विज्ञापन


इस दौरान विदेश नीति के मोर्चे पर मोदी सरकार ने उल्लेखनीय सफलता तो हासिल की, मगर पाकिस्तान और चीन के पैंतरे का जवाब नहीं ढूंढ पाई। दो साल के कार्यकाल के दौरान मोदी सरकार ने सियासी मोर्चे पर सफलता और असफलता के मिश्रित स्वाद चखे। दिल्ली के बाद बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे ने मोदी सरकार को सियासी झटका दिया। हालांकि इसके बाद असम में सरकार और केरल में आजादी के बाद पहली बार खाता खोलने में मिली सफलता ने इस सियासी टीस को कम कर दिया। बीते दो सालों में मोदी सरकार को दलितों और अल्पसंख्यकों पर हुए हमलों के कारण सियासी वार झेलने पड़े तो राज्यसभा में संख्या बल का तोड़ ढूंढने में नाकाम रही सरकार आर्थिक सुधारों को रफ्तार नहीं दे पाई।
विज्ञापन
विज्ञापन


दो साल के कार्यकाल में मोदी सरकार अपनी योजनाओं, अभियानों के साथ-साथ पार्टी और मंत्रियों के बिगड़े बोल के कारण लगतार चर्चा में रही। सरकार की मुद्रा, जनधन, दुर्घटना बीमा, पेंशन योजना सफल रही। जबकि हाल ही में घोषित प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की परीक्षा अभी बाकी है। बिल्डरों पर नकेल डालने के लिए रियल एस्टेट बिल, देश भर में सौ स्मार्ट शहर योजना, सभी गांवों में बिजली पहुंचाने की सफल मुहिम, रेलवे में पांच साल में 130 अरब डॉलर खर्च करने के प्रस्ताव ने भविष्य में देश की तस्वीर बदलने की उम्मीद पैदा की है।

आंतरिक सुरक्षा पर लगा पठानकोट का दाग

Modi govt started well but destination is too far
पठानकोट हमला - फोटो : PTI

मोदी सरकार के कार्यकाल में इन तीन मंत्रालयों का जलवा रहा। वित्त मंत्रालय चर्चा में रहा गरीब और ग्रामीण केंद्रित मुद्रा, जनधन, दुर्घटना बीमा, पेंशन जैसी योजनाएं लागू कर चर्चा में रहा। सड़क परिवहन मंत्रालय ने सड़क निर्माण में रिकार्ड तोड़ बढ़ोत्तरी कर नाम कमाया। इस कड़ी में विदेश मंत्रालय ने सीरिया और इराक में एतिहासिक बचाव कार्य चलाकर दुनिया का ध्यान खींचा।

इस्ट एक्ट पॉलिसी और ताकतवर देशों को साधने में मिली सफलता ने भी विदेश नीति को नई पहचान दी। हालांकि चीन और पाकिस्तान के मोर्चे पर लुकाछिपी का खेल जारी रहा। चीन ने संयुक्त राष्ट्र की स्थाई सदस्यता के साथ पाकिस्तान के एक आतंकी को अंतर्राष्ट्रीय आतंकवादी घोषित करने की योजना पर पानी फेरा। हालांकि दो साल में देश में कोई बड़ी आतंकी घटना नहीं हुई।

मगर साल की शुरुआत में पठानकोट एयर बेस पर हुए आतंकी हमले ने आतंरिक सुरक्षा पर दाग लगा दिया। इस दौरान पहली बार भारत के मुस्लिम युवकों की आतंकी संगठन आईएस में निभाई गई भूमिका ने नई चिंता पैदा की। अपने दो साल के कार्यकाल में मोदी सरकार को दलित और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के मामले में विपक्षी हमलों से परेशान होना पड़ा। खासतौर पर दादरी में गोमांस खाने के शक में मुसलमान युवक की हत्या और हैदराबाद विश्वविद्यालय के दलित छात्र रोहित वेमुला की आत्महत्या मामले में सरकार चौतरफा हमले का शिकार हुई।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed