हज यात्रा के लिए अब नहीं मिलेगी सब्सिडी, मोदी सरकार यहां खर्च करेगी कोटे की रकम
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अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने मंगलवार को कहा कि सब्सिडी के मद में खर्च होने वाली 700 करोड़ रुपये की रकम अब अल्पसंख्यक समुदाय की लड़कियों की शिक्षा और उनके सशक्तीकरण पर खर्च होगी। सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2012 में चरणबद्ध तरीके से हज सब्सिडी खत्म करने का आदेश दिया था।
नई हज नीति के तहत अकेली महिला को बिना मेहरम (पुरुष रिश्तेदार) के हज यात्रा की इजाजत देने के बाद दूसरा बड़ा फैसला लेते हुए सरकार ने हज के लिए रियायत पूरी तरह खत्म कर दी है।
नकवी ने कहा कि मोदी सरकार का लक्ष्य तुष्टिकरण नहीं, सशक्तीकरण है। इसलिए तय किया गया है कि सब्सिडी के पैसे का उपयोग अल्पसंख्यकों के सशक्तीकरण पर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वैसे भी सब्सिडी का लाभ गरीबों को नहीं, एजेंट और कंपनियां को ही मिलता था।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा था
शीर्ष अदालत की संविधान पीठ ने वर्ष 2012 में कांग्रेस सरकार को 10 सालों में चरणबद्ध तरीके से हज सब्सिडी खत्म करने का निर्देश दिया था। तब सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि हज के लिए सब्सिडी देना अल्पसंख्यक समुदाय को लालच देने जैसा है, इसलिए सरकार को इस नीति को समाप्त कर देना चाहिए।
गरीबों की हज यात्रा नहीं होगी प्रभावित
इस फैसले से गरीबों की हज यात्रा पर विपरीत असर पड़ने की संभावना के बारे में पूछे जाने पर नकवी ने कहा कि सरकार इस दिशा में भी काम कर रही है। भारत से हाजियों को समुद्री मार्ग से हज यात्रा पर भेजने के प्रस्ताव को सऊदी अरब की सरकार ने सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। हवाई मार्ग की तुलना में समुद्री मार्ग से यात्रा कई गुना सस्ता होगा, इससे यह गरीबों की समस्या भी दूर हो जाएगी।
हम अल्पसंख्यक समुदाय का तुष्टिकरण के जरिये नहीं, सम्मान के साथ सशक्तीकरण करना चाहते हैं। यह मोदी सरकार की नीति है। नई नीति के तहत हम हज सब्सिडी को समाप्त कर रहे हैं। - मुख्तार अब्बास नकवी, अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री