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अब बेनामी संपत्ति पर एक्शन में मोदी सरकार, दर्ज किए 235 मामले
टीम डिजिटल / अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 22 Feb 2017 11:15 PM IST
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मोदी सरकार ने नोटबंदी के बाद कड़ा कदम उठाते हुए काले धन पर हमला करते हुए बेनामी संपत्तियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही इसके बारे में इशारा कर चुके हैं। इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए आयकर विभाग ने नए बेनामी लेनदेन कानून के तहत 230 से अधिक मामले दर्ज किए हैं। इसके अलावा विभाग ने देशभर में 55 करोड़ से ज्यादा कीमत की संपत्ति भी कुर्क की है।
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सरकार ने बेनामी संपत्ति लेनदेन कानून 1 नवंबर को लागू कर दिया था। इस कानून का उल्लंघन करने पर भारी जुर्माने और 7 साल तक की जेल की सजा का प्रावधान है। पीटीई के रिपोर्ट के अनुसार आयकर विभाग ने इस साल फरवरी के मध्य तक इस कानून के तहत 235 मामल दर्ज किए हैं। 140 मामलों में संपत्ति की कुर्की के लिए कारण बताओ नोटिस( शो कॉज नोटिस) जारी किए गए हैं। इन मामलों में 200 करोड़ रुपये की संपत्ति शामिल है।
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सरकार ने बेनामी संपत्ति लेनदेन कानून 1 नवंबर को लागू कर दिया था। इस कानून का उल्लंघन करने पर भारी जुर्माने और 7 साल तक की जेल की सजा का प्रावधान है। पीटीई के रिपोर्ट के अनुसार आयकर विभाग ने इस साल फरवरी के मध्य तक इस कानून के तहत 235 मामल दर्ज किए हैं। 140 मामलों में संपत्ति की कुर्की के लिए कारण बताओ नोटिस( शो कॉज नोटिस) जारी किए गए हैं। इन मामलों में 200 करोड़ रुपये की संपत्ति शामिल है।
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55 करोड़ रुपये की संपत्ति अस्थाई रूप से कुर्क
आयकर विभाग
रिपोर्ट के मुताबिक, 124 मामलों में 55 करोड़ रुपये की संपत्ति अस्थाई रूप से विभाग ने कुर्क की है। आयकर अधिकारियों के मुताबिक कुर्क की गई संपत्तियों में बैंक खातों में जमा, कृषि व अन्य भूमि, फ्लैट व आभूषण शामिल हैं। बेनामी संपत्ति कानून के अनुसार बेनामी लेनदेन में शामिल या इस तरह के लिए प्रेरित करने वाला बेनामीदार, लाभान्वित व्यक्ति या अन्य कोई व्यक्ति 1 से 7 साल के सश्रम कारवास का भागी होगा। आयकर अधिकारियों ने बताया कि नोटबंदी के बाद बैंक खातों में जमा बेनामी राशि को जप्त किया जाएगा और दोषियों को जुर्माना भी देना होगा।