बेनामी संपत्ति कानून को केंद्र सरकार ने 1 नवंबर 2016 को नोटबंदी के ऐलान से पहले लागू कर दिया था। इसके पहले सरकार ने बेनामी संपत्ति निरोधक कानून-1988 में भी संशोधन किया था। इसके बाद सबके सामने यह सवाल उठने लगा कि आखिर बेनामी संपत्ति क्या होती है जानिए बेनामी संपत्ति से जुड़ी प्रमुख बातें...
क्या होती है बेनामी संपत्ति, जानिए क्या हैं कानूनी प्रावधान
जब कोई संपत्ति खरीदने वाला अपने पैसे से किसी अन्य व्यक्ति के नाम से प्रॉपर्टी खरीदता है। तो वह संपत्ति बेनामी संपत्ति कहलाती है। लेकिन यहां शर्त यह है कि खरीद में लगा पैसा ज्ञात स्रोतों से बाहर का हो। भुगतान चाहे किसी भी तरह किया जाए।
क्या होती है बेनामी संपत्ति, जानिए क्या हैं कानूनी प्रावधान
यदि खरीददारी परिवार के किसी व्यक्ति या किसी करीबी के नाम पर भी की गई हो, बावजूद इसके संपत्ति को बेनामी ही कहा जाएगा।
क्या होती है बेनामी संपत्ति, जानिए क्या हैं कानूनी प्रावधान
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क्लास टू अधिकारियों के संपत्ति ब्योरे को सार्वजनिक किया जाना जरूरी है।
यदि सीधे शब्दों में कहा जाए तो बेनामी संपत्ति रखने वाला व्यक्ति कानूनी तौर पर संपत्ति का मालिक नहीं होता है लेकिन वह संपत्ति पर अपना कब्जा रखता है। जिस शख्स के नाम पर ऐसी संपत्ति खरीदी गई है, उसे बेनामदार कहा जाता है।
क्या होती है बेनामी संपत्ति, जानिए क्या हैं कानूनी प्रावधान
सरकार ने साल 1988 के बेनामी संपत्ति निरोधक कानून में संशोधन कर इसे 1 नवंबर से लागू कर दिया। इस कानून के तहत केंद्र सरकार के पास ऐसी संपत्ति को जब्त या कुर्क करने का अधिकार है।