30,000 करोड़ रुपये के पैकेज से 4.07 करोड़ गरीब महिलाओं की मदद, जनधन खाते में पहुंची पहली राहत किस्त
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कोरोना वायरस महामारी के कारण पैदा हुए हालातों के खिलाफ केंद्र सरकार ने अपना एक्शन शुरू कर दिया है। दरअसल लॉकडाउन के चलते कारोबार ठप्प पड़ चुके हैं, जिसका सबसे बुरा असर गरीब परिवारों पर देखने को मिल रहा है। ऐसे में भारत सरकार की तरफ से 4.07 करोड़ गरीब महिलाओं के जनधन खातों में शुक्रवार को 30,000 करोड़ रुपये बतौर राहत पैकेज के रूप में भेजे गए हैं। वहीं, उज्ज्वला योजना के तहत एलपीजी कनेक्शन वाले आठ करोड़ गरीब परिवारों के लिंक खातों में केंद्र सरकार की तरफ से 5,000 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक केंद्र सरकार ने 4.07 करोड़ गरीब महिलाओं के जनधन खाते में पहली किस्त के तौर पर 500-500 रुपये भेजे हैं। इस दौरान सरकार की तरफ से बैंकों को साफ कहा गया है कि इस योजना में आने वाला कोई भी व्यक्ति बच न जाए। सूत्रों का कहना है कि नौ अप्रैल तक यह राशि महिलाओं के जनधन खातों में पहुंच जाएगी।
दरअसल भारत में कोरोना वायरस के बढ़ते मामले को देखते हुए केंद्र सरकार ने देशभर में 21 दिनों का लॉकडाउन किया गया है। ऐसे में वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण की तरफ से 26 मार्च को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना की घोषणा की गई थी। इसमें सामाजिक दूरी (सोशल डिस्टेंसिंग) का ध्यान रखते हुए सरकार ने लभार्थियों के खाते के आखिरी अंक के आधार पर भुगतान सूची बनाई है।
केंद्र सरकार ने उज्ज्वला योजना के तहत आठ करोड़ गरीब परिवारों के लिंक खातों में 5000 करोड़ रुपये का फंड भेजा है। इसके तहत लॉकडाउन के दौरान गरीब परिवार तीन गैस सिलिंडरों को मुफ्त में खरीद सकेंगे। बता दें कि इसके तहत उज्ज्वला उपभोक्ता के पास 14.2 किलोग्राम वजन के तीन सिलिंडर या 5 किलोग्राम वजन के आठ सिलिंडर खरीदने का विकल्प होगा। इसके अलावा अगर उज्ज्वला उपभोक्ता जून तक इन तीन सिलिंडरों को नहीं लेता है, तो वह मार्च 2021 तक कभी भी इन पैसों का इस्तेमाल सिलिंडर खरीदने के लिए कर सकता है।