बड़ा कदम: मंत्रिमंडल विस्तार से पहले मोदी सरकार का फैसला, अलग से सहकारी मंत्रालय का किया गठन
सहकारी मंत्रालय सहकारिता आंदोलन को मजबूत करने के लिए अलग प्रशासनिक, कानूनी, नीतिगत ढांचा उपलब्ध कराएगा।
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विस्तार
केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने कैबिनेट विस्तार से पहले एक नए मंत्रालय के गठन का फैसला किया है। सरकार ने 'सहकार से समृद्धि' के नजरिए के साथ अलग से सहकारिता मंत्रालय का गठन किया है। सहकारी मंत्रालय सहकारिता आंदोलन को मजबूत करने के लिए अलग प्रशासनिक, कानूनी, नीतिगत ढांचा उपलब्ध कराएगा। सहकारी मंत्रालय सहकारिता के लिए कारोबार को आसान बनाने की प्रक्रिया को कारगर करने का काम करेगा।
A separate ‘Ministry of Co-operation’ has been created by PM Narendra Modi-led Central Government for realizing the vision of ‘Sahkar se Samriddhi’. This ministry will provide separate administrative, legal & policy framework for strengthening cooperative movement in the country. pic.twitter.com/SfeS6eACCa
— ANI (@ANI) July 6, 2021विज्ञापन
सहकारी समितियों का होगा विस्तार
नए मंत्रालय के माध्यम से सहकारी समितियों का जमीनी स्तर तक विस्तार हो सकेगा। एक सच्चे जन आधारित आंदोलन को विस्तार देने में भी मदद मिलेगी। देश में सहकारिता आधारित आर्थिक विकास मॉडल बहुत प्रासंगिक है जहां प्रत्येक सदस्य जिम्मेदारी की भावना के साथ काम करता है। मंत्रालय सहकारी समितियों के लिए कारोबार में सुगमता के लिए प्रक्रियाओं को कारगर बनाने और बहु-राज्यीय सहकारी समितियों (एमएससीएस) के विकास लिए काम करेगा।
बजट में की गई थी घोषणा
केंद्र सरकार समुदाय आधारित विकास साझेदारी के प्रति वचनबद्ध है। पृथक मंत्रालय के गठन से बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा की गई एक और घोषणा भी पूरी हो सकेगी। इस कदम को किसानों को सशक्त करने के एक कदम के रूप में भी देखा जा रहा है। मोदी सरकार ने इससे पूर्व जल शक्ति मंत्रालय के रूप में एक नए व पृथक मंत्रालय का गठन किया था।
सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक पीएम मोदी बुधवार को कैबिनेट का पहला व बड़ा विस्तार करने जा रहे हैं। इसमें कई युवा चेहरों को जगह मिल सकती है। फिलहाल कई मंत्रियों के पास दो-दो मंत्रालय हैं। उनका भी भार कम हो सकता है।