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सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बनी सब कमेटी ने सौंपी रिपोर्ट, 343 तरह की दवाओं पर रोक लगाने की तैयारी
ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 26 Jul 2018 10:05 PM IST
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मरीजों के लिए अनुपयोगी करीब 343 तरह की दवाओं पर केंद्र सरकार जल्द ही रोक लगा सकती है। इसके बाद देश की कई नामचीन फॉर्मा कंपनियों को झटका लग सकता है।
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एक दिन पहले हुई ड्रग टेक्रिनिकल एडवाइजरी बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव पर सहमति जताते हुए अंतिम मंजूरी के लिए इसे स्वास्थ्य मंत्रालय भेज दिया है।
बताया जा रहा है कि 349 तरह की दवाओं पर प्रतिबंध लगाने के लिए मंत्रालय ने कुछ समय पहले निर्णय लिया था, लेकिन निजी कंपनियों ने इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में शरण ली।
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कोर्ट के निर्देश पर बनी सब कमेटी ने इन दवाओं की समीक्षा करने के बाद बोर्ड बैठक में अपनी रिपोर्ट पेश की है। सूत्रों की मानें तो कमेटी ने इनमें से 343 दवाओं पर मंत्रालय के फैसले को सही करार करते हुए दवाओं पर प्रतिबंध को उचित ठहराया है।
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मंत्रालय के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि बोर्ड अगले सप्ताह तक अपनी रिपोर्ट स्वास्थ्य मंत्रालय को सौंपेगा। मार्च 2016 में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने चंद्रकांत कोकटे समिति की सिफारिशों के आधार पर 349 तरह की दवाओं पर प्रतिबंध लगा दिया था। समिति ने पाया था कि ये दवाएं अव्यावहारिक हो गई हैं और स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हैं।
बोर्ड के एक सदस्य ने बताया कि समीक्षा के दौरान सभी दवाओं की गुणवत्ता का आंकलन किया गया था। इस दौरान महज छह दवाएं ही ऐसी सामने आईं, जिन्हें मरीजों के लिए फिलहाल दिया जा सकता है, लेकिन बाकी सभी दवाएं गुणवत्ता की कसौटी पर खरा नहीं उतर सकीं।
उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य मंत्रालय को अब अंतिम फैसला लेना है। उम्मीद है कि मंत्रालय ने इन दवाओं पर तत्काल प्रतिबंध लगाएगा। ताकि मरीजों के स्वास्थ्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ नहीं हो सके।