पाकिस्तान को आतंकवाद पर कड़ा संदेश, भारत-अफगानिस्तान के बीच तीन समझौते
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पाकिस्तान को सख्त संदेश देते हुए भारत और अफगानिस्तान ने बुधवार को आतंकवाद के प्रायोजन, समर्थन और सभी पनाहगाहों को खत्म करने की मांग की। साथ ही सुरक्षा और रक्षा सहयोग को और मजबूत करने का निर्णय लिया।
बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने क्षेत्र में राजनीतिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए आतंकवाद के लगातार इस्तेमाल पर गहरी चिंता जताई। दोनों नेताओं के बीच क्षेत्रीय और द्विपक्षीय मसलों पर विस्तार से चर्चा हुई।
एकीकृत, संप्रभु, लोकतांत्रिक, शांतिपूर्ण, स्थित और समृद्ध अफगानिस्तान के समर्थन के लिए भारत की प्रतिबद्धता दोहराई। साथ ही, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण, ऊर्जा, बुनियादी ढांचा और लोकतांत्रिक संगठनों के क्षमता विस्तार संबंधी अफगानिस्तान की जरूरतों के भारत एक अरब डॉलर की राशि आवंटित करेगा।
दोनों देशों के बीच हुए तीन समझौते
वार्ता के बाद दोनों देशों के बीच तीन समझौते - प्रत्यर्पण समझौता, नागरिक एवं वाणिज्यिक मामलों में सहयोग और वाह्य क्षेत्र के शांतिपूर्ण इस्तेमाल में सहयोग पर सहमति पत्र- पर हस्ताक्षर किए।
बुधवार को भारत और अफगानिस्तान ने क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए ईरान के चाबहार बंदगाह के इस्तेमाल के लिए जरिए त्रिपक्षीय समझौतों में तेजी लाने पर सहमति जताई।
प्रधानमंत्री मोदी और अफगानिस्तान के राष्ट्रपति ने अपनी चर्चा के दौरान इस बात पर बल दिया कि समझौते में तेजी लाने से तीनों देशों की कनेक्टिविटी बढ़ेगी।