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Big News: ओडिशा में आक्रोशित भीड़ ने थाना फूंका, गांजा तस्करी में पुलिस की संलिप्तता का कर रहे थे विरोध

Sun, 06 Aug 2023 01:27 AM IST
गुलाम अहमद एजेंसी, फुलबनी (ओडिशा)
एजेंसी, फुलबनी (ओडिशा) Published by: गुलाम अहमद Updated Sun, 06 Aug 2023 01:27 AM IST
सार

दक्षिणी रेंज आईजी सत्यब्रत भोई ने बताया कि भीड़ ने थाने में तोड़फोड़ की और कई दस्तावेज जला दिए। फिरिंगिया थाने में हुई इस घटना में कुछ पुलिसकर्मी घायल हो गए।
 

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Mob Torch Police Station In Kandhamal Odisha Over Cops Involvement In Ganja Smuggling latest News in Hindi
Mob Torch Police Station In Kandhamal - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

ओडिशा के कंधमाल जिले में शनिवार को गुस्साई भीड़ ने गांजा की तस्करी में पुलिसकर्मियों की संलिप्तता के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान एक पुलिस थाने में आग लगा दी। फिरिंगिया थाने में हुई इस घटना में कुछ पुलिसकर्मी घायल हो गए। दक्षिणी रेंज आईजी सत्यब्रत भोई ने बताया कि भीड़ ने थाने में तोड़फोड़ की और कई दस्तावेज जला दिए।

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स्थानीय लोगों ने थाना प्रभारी और अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ गांजा तस्करी मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर फुलबनी-फिरिंगिया-बालीगुड़ा सड़क को भी घंटों जाम किया। पुलिस ने उन्हें हटाने की कोशिश की तो भीड़ ने खदेड़ दिया। आईजी ने कहा कि थाना प्रभारी और दो अन्य पुलिसवालों पर लगे आरोपों की जांच कराई जाएगी।

भोई ने कहा कि लोगों का एक समूह फिरिंगिया पुलिस स्टेशन में घुस गया, वहां फर्नीचर में तोड़फोड़ की और थाने में आग लगा दी। घटना में कुछ पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस की एक बड़ी टुकड़ी वहां भेजी गई है और कंधमाल के एसपी पुलिस बल के साथ फिरिंगिया पहुंच रहे हैं। अब स्थिति नियंत्रण में है। भोई ने कहा कि फिरिंगिया पुलिस थाने में हुई हिंसा में कुछ गांजा तस्करों के शामिल होने का संदेह है।

वहीं, ग्रामीणों ने दावा किया कि गांजा तस्करी में पुलिसकर्मियों की संलिप्तता को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत की थी। लेकिन प्रभारी निरीक्षक और दो अन्य पुलिस कर्मियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई,जिन्हें कम्बागुड़ा के ग्रामीणों ने पुलिस वैन से तस्करी के गांजे के साथ पकड़ा था।

मामले के एक दिन बाद पुलिस ने रविवार को 15 लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने तीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू की, जो कथित तौर पर गांजा की तस्करी में शामिल थे। डीएसपी रैंक के एक अधिकारी घटना की जांच कर रहे हैं।

चंद्रबाबू नायडू की यात्रा में हिंसा करने के आरोप में 50 गिरफ्तार
इधर, आंध्र प्रदेश के चित्तूर में तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) के प्रमुख चंद्रबाबू नायडू की यात्रा के दौरान पथराव और आगजनी करने के आरोप में लगभग 50 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने शनिवार को बताया कि इसके अलावा, दंगों में शामिल 200 अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस हिंसा में शामिल लोगों की पहचान करने के लिए सीसीटीवी फुटेज देख रही है। पूर्व सीएम नायडू की शुक्रवार की यात्रा के दौरान पथराव और आगजनी में कम से कम 20 पुलिसकर्मी और विपक्षी दल तेदेपा के साथ-साथ सत्तारूढ़ वाईएसआरसीपी के कई समर्थक घायल हो गए थे। चित्तूर जिले के पुलिस अधीक्षक वाई रिशांत रेड्डी ने बताया, हमारे पास वीडियो फुटेज है और हम 150 से 200 और लोगों को पकड़ सकते हैं।

देश ने 1.5 साल में शुरू किया 38 एपीआई का उत्पादन 
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने शनिवार को कहा कि भारत ने दवा क्षेत्र में उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना के तहत पिछले डेढ़ साल में 38 सक्रिय दवा सामग्री (एपीआई) का उत्पादन शुरू कर दिया है। इनके लिए भारत पहले आयात पर निर्भर था। वह भारतीय प्रबंधन संस्थान अहमदाबाद (आईआईएमए) में आयोजित हेल्थकेयर शिखर सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में बोल रहे थे। मंडाविया ने कहा, डोकलाम में चीन के साथ 2017 के सीमा विवाद ने भारत को दवाओं के निर्माण के लिए जरूरी घटकों को लेकर आत्मनिर्भरता की रणनीति पर पुनर्विचार करने के लिए प्रेरित किया। इसके पहले भारत दवा उद्योग के फॉर्मूलेशन के लिए 95 प्रतिशत तक एपीआई के आयात के लिए चीन पर निर्भर था। पीएलआई योजना के माध्यम से हमने देश में ही 54 एपीआई के उत्पादन को सुनिश्चित करने का प्रयास किया है।


वित्त मंत्री सीतारमण ने पुरातत्व संग्रहालय की रखी आधारशिला
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को तमिलनाडु के तूतीकोरिन जिले के आदिचनल्लूर में एक पुरातत्व संग्रहालय की आधारशिला रखी। इस दौरान सीतारमण के साथ तूतीकोरिन की सांसद कनिमोझी और अन्य लोग भी मौजूद रहे। उनके कार्यालय ने ट्वीट कर कहा, आदिचनल्लूर उन पांच पुरातात्विक स्थलों में से एक था, जिन्हें 2020-21 के केंद्रीय बजट में प्रतिष्ठित स्थलों के रूप में विकसित करने की घोषणा की गई थी। संग्रहालय में आदिचनल्लूर से जुड़ी दक्षिणी भारत में लौह युग की संस्कृति के इतिहास से जुड़ी वस्तुओं को स्थान दिया जाएगा।

गिरिपार के हाटी समुदाय को मिला जनजाति का दर्जा
हिमाचल प्रदेश के सिरमौर के गिरिपार क्षेत्र के हाटी समुदाय के जनजाति दर्जे पर राष्ट्रपति की मुहर लग गई। राज्यसभा से बिल पारित होने के आठ दिन बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी 4 अगस्त को हस्ताक्षर कर मंजूरी दे दी। क्षेत्र की 154 पंचायतों की दो लाख की आबादी को जनजाति का लाभ मिलेगा। साथ ही हाटी जनजाति को हिमाचल की जनजातियों की सूची में दसवें स्थान के बाद 11वें स्थान पर शामिल करने की गजट अधिसूचना भी जारी हो गई है।
 

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