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'असहमति जताना कोई अपराध नहीं': प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई से नाराज स्टालिन, कहा- आवाज दबाना लोकतंत्र के खिलाफ

Sat, 10 Oct 2026 01:18 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी पीटीआई, चेन्नई
पीटीआई, चेन्नई Published by: अस्मिता त्रिपाठी Updated Sat, 10 Oct 2026 01:18 PM IST
सार

डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन ने दिल्ली में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई पर केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि असहमति अपराध नहीं है और विरोध की आवाज दबाना लोकतंत्र के खिलाफ है। इसके साथ मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।

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MK  Stalin upset over action against protesters; says stifling voices goes against democracy.
 एम.के. स्टालिन, पूर्व मुख्यमंत्री, तमिलनाडु - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले, डीएमके अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने  ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने शनिवार को कहा कि असहमति जताना कोई अपराध नहीं है और लोकतंत्र उन लोगों की आवाज दबाकर जिंदा नहीं रह सकता। जो इसकी रक्षा के लिए आगे आते हैं।

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एमके स्टालिन ने क्या कहा? 
एमके स्टालिन ने एक्स पर कहा, 'आज दिल्ली में जो हो रहा है और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर जिस तरह से दमन किया जा रहा है। उससे मुझे इमरजेंसी के वे दर्दनाक दिन याद आ गए, जिन्हें मैंने खुद देखा था। दिल्ली और देश भर में हिरासत में लिए गए सभी राजनीतिक नेताओं, छात्रों और युवा प्रदर्शनकारियों को तुरंत रिहा किया जाना चाहिए।'
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असहमति जताना कोई अपराध नहीं
पूर्व मुख्यमंत्री ने आगे कहा, 'मैं तमिलनाडु में टीवीके सरकार की कड़ी निंदा करता हूं क्योंकि वह भाजपा के विस्तार के तौर पर काम कर रही है। इसके साथ ही विरोध कर रहे छात्रों पर पुलिस का दमन ढा रही है। केंद्र सरकार को उन युवाओं के खिलाफ कार्रवाई तुरंत बंद करनी चाहिए, जो शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करने के अपने लोकतांत्रिक अधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं। असहमति जताना कोई अपराध नहीं है, और लोकतंत्र उन लोगों की आवाज दबाकर जिदा नहीं रह सकता जो उसकी रक्षा के लिए आगे आते हैं।'
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ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा की मांग
वहीं, उन्होंने आगे लिखा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा अनिवार्य है। उनके इस्तीफे के अलावा, चुनाव आयोग के संस्थागत ढांचे को हुए सभी नुकसान की भरपाई की जानी चाहिए और इसकी स्वतंत्रता व निष्पक्षता को बहाल किया जाना चाहिए।


बता दें कि यह बयान तब आया है जब विपक्ष वोटर लिस्ट के 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (एसआईआर) को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसीी) ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग कर रहा है। शनिवार को नई दिल्ली में होने वाले 'जंतर-मंतर 2.0' विरोध प्रदर्शन से पहले, कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के कार्यकर्ता अभिजीत दीपके ने मुंबई से दिल्ली रवाना होते समय कहा कि वे जेल जाने को तैयार हैं और कथित तौर पर वोट हटाए जाने के मुद्दे पर अपना अभियान जारी रखेंगे।उन्होंने कुमार के इस्तीफे की भी मांग की। लेकिन दीपके को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर विमान के अंदर से हिरासत में लिए गया।

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