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Manipur Voilence: मिजोरम के गृहमंत्री का दावा, मणिपुर से विस्थापित लोगों के लिए केंद्र से नहीं मिली कोई सहायता
Mon, 10 Jul 2023 04:16 PM IST
देव कश्यप
पीटीआई, आइजोल (मिजोरम)।
पीटीआई, आइजोल (मिजोरम)।
Published by: देव कश्यप
Updated Mon, 10 Jul 2023 04:16 PM IST
सार
मिजोरम के गृह मंत्री लालचामलियाना ने कहा, यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि केंद्र आज तक मणिपुर के आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों को मानवीय सहायता के रूप में 10 करोड़ रुपये जारी करने में असमर्थ है।
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लालचामलियाना, मिजोरम के गृह मंत्री।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
मिजोरम के गृह मंत्री लालचामलियाना (Lalchamliana) ने सोमवार को कहा कि राज्य सरकार को हिंसा प्रभावित मणिपुर के 12,300 से अधिक आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों (आईडीपी) को राहत देने के लिए केंद्र से कोई सहायता नहीं मिली है। मिजोरम सरकार ने अपने राज्य में जातीय हिंसा के कारण शरण लेने वाले पड़ोसी राज्य मणिपुर के लोगों को सहायता प्रदान करने के लिए केंद्र से 10 करोड़ रुपये की मांग की थी।
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लालचामलियाना ने कहा, यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि केंद्र आज तक मणिपुर के आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों को मानवीय सहायता के रूप में 10 करोड़ रुपये जारी करने में असमर्थ है।
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उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जोरमथांगा ने मई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दोनों को पत्र लिखकर विस्थापित लोगों के लिए 10 करोड़ रुपये की राहत की मांग की थी। उन्होंने कहा कि पर्यटन मंत्री रॉबर्ट रोमाविया रॉयटे (Robert Romawia Royte) के नेतृत्व में राज्य के एक प्रतिनिधिमंडल और गृह आयुक्त और सचिव एच लालेंमाविया सहित अन्य अधिकारियों ने पिछले महीने इस मुद्दे पर केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला से भी मुलाकात की थी।
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लालचामलियाना ने कहा, हालांकि केंद्रीय गृह सचिव ने दिल्ली में रॉयटे और अन्य अधिकारियों के साथ अपनी बैठक के दौरान हमें मदद का आश्वासन दिया था, लेकिन आज तक न तो हम तक कोई मदद पहुंची है और न ही केंद्र से कोई संदेश आया है। उन्होंने कहा कि मिजोरम सरकार विदेशियों के लिए नहीं बल्कि भारतीय नागरिकों के लिए मानवीय सहायता की मांग कर रही है।
लालचामलियाना आईडीपी पर एक उच्च-स्तरीय पैनल के प्रमुख भी हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने मंत्रियों, विधायकों, केंद्र और राज्य सरकारों के कर्मचारियों, राज्य पीएसयू, वाणिज्यिक बैंकों और नगरसेवकों से सार्वजनिक दान जुटाना शुरू कर दिया है। लेकिन राहत और पुनर्वास उपाय प्रदान करने के लिए राज्य के वित्तीय संसाधन पर्याप्त नहीं हैं। उन्होंने दिल्ली से मणिपुर के विस्थापित लोगों को तुरंत राहत देने का भी आग्रह किया।
मिजोरम गृह विभाग के अनुसार, मणिपुर के कुल 12,344 लोग वर्तमान में राज्य में शरण ले रहे हैं। इसमें कहा गया है कि उत्तरी मिजोरम के कोलासिब जिले में सबसे अधिक 4,383 आईडीपी हैं, इसके बाद आइजोल जिले में 4,167 और सैतुअल जिले में 2,940 हैं। गृह विभाग ने कहा कि सरकार और ग्रामीण अधिकारियों ने आइजोल, कोलासिब और सैतुअल जिलों में 37 राहत शिविर स्थापित किए हैं। अधिकारियों ने कहा कि 12,344 लोगों में से 2,884 लोग राहत शिविरों में रहते हैं, जबकि बाकी 9,460 लोग राहत शिविरों के बाहर (रिश्तेदार घरों या किराए के घरों में) रह रहे हैं।