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मिजोरम चुनाव 2018: ब्रू शरणार्थी शिविरों में प्रचार नहीं करने की अपील
चुनाव डेस्क, अमर उजाला
Updated Thu, 01 Nov 2018 06:48 PM IST
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ब्रू जनजाति की महिलाओं का फाइल फोटो
त्रिपुरा में रहने वाले ब्रू शरणार्थियों के संगठन मिडजोरम ब्रू डिस्पल्टेस्डपीपुल्स पोरम (एमबीडीपीएफ) ने तमाम राजनीतिक दलों से मिजोरम में अगले महीने होने वाले विधानसभा चुनावों के सिलसिले में राहत शिविरों में प्रचार से दूर रहने की अपील की है। संगठन के उपाध्यक्ष आर. लालडांगलियाना ने कहा कि राहत शिविरों में रहने वाले ब्रू शरणार्थी राजनीतिक रैलियों में हिस्सा लेने के इच्छुक नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि राहत शिविरों में चुनाव प्रचार करना सही नहीं है। यहां रहने वाले तमाम लोग विभिन्न समस्याओं से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर कोई राजनीतिक दल इलाके में चुनावी रैली करना चाहता है तो उसे पहले संगठन के नेताओं के साथ बातचीत करनी चाहिए। प्रतिद्वंद्वी दलों के चुनाव अभियान की वजह से हम नहीं चाहते कि राहत शिविरों में कानून व व्यवस्था की समस्या पैदा हो। संगठन के महासचिव ब्रूनो मसा ने कहा कि असंगठित चुनाव प्रचार से कानून व व्यवस्था की समस्या पैदा हो सकती है।
ध्यान रहे कि 1997 की जातीय हिंसा के बाद ब्रू जनजाति के हजारों लोगों ने मिजोरम से भाग कर पड़ोसी त्रिपुरा में शरण ली थी। यह लोग वहां बने राहत शिविरों में रह रहे हैं और इनमें से आठ हजार लोगों के नाम मिजोरम की मतदाता सूची में दर्ज हैं।
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उन्होंने कहा कि राहत शिविरों में चुनाव प्रचार करना सही नहीं है। यहां रहने वाले तमाम लोग विभिन्न समस्याओं से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर कोई राजनीतिक दल इलाके में चुनावी रैली करना चाहता है तो उसे पहले संगठन के नेताओं के साथ बातचीत करनी चाहिए। प्रतिद्वंद्वी दलों के चुनाव अभियान की वजह से हम नहीं चाहते कि राहत शिविरों में कानून व व्यवस्था की समस्या पैदा हो। संगठन के महासचिव ब्रूनो मसा ने कहा कि असंगठित चुनाव प्रचार से कानून व व्यवस्था की समस्या पैदा हो सकती है।
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ध्यान रहे कि 1997 की जातीय हिंसा के बाद ब्रू जनजाति के हजारों लोगों ने मिजोरम से भाग कर पड़ोसी त्रिपुरा में शरण ली थी। यह लोग वहां बने राहत शिविरों में रह रहे हैं और इनमें से आठ हजार लोगों के नाम मिजोरम की मतदाता सूची में दर्ज हैं।
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