Mizoram: WEP चैप्टर स्थापित करने वाला पूर्वोत्तर का पहला राज्य बना मिजोरम, सीएम लालदुहोमा ने किया उद्घाटन
मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने कहा कि मिजोरम को उत्तर-पूर्व भारत में डब्ल्यूईपी चैप्टर स्थापित करने वाला पहला राज्य बना है। मुझे पूरी उम्मीद है कि इसके सकारात्मक परिणाम निकलेंगे। मिजोरम की महिलाएं अत्यंत मेहनती और सक्षम हैं, जो राज्य की आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
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मिजोरम विश्वविद्यालय ऑडिटोरियम में नीति आयोग राज्य समर्थन मिशन की पहल के तहत महिला नेतृत्व में विकास के लिए उद्यमिता पर एक राज्य कार्यशाला आयोजित की गई। मुख्यमंत्री लालदुहोमा इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। उन्होंने महिला उद्यमिता प्लेटफार्म (डब्ल्यूईपी) मिजोरम चैप्टर का औपचारिक शुभारंभ किया। इस मौके पर नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल उपस्थित थे।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने नीति आयोग का आभार व्यक्त किया कि उसने मिजोरम को उत्तर-पूर्व भारत में डब्ल्यूईपी चैप्टर स्थापित करने वाला पहला राज्य चुना है। उन्होंने कहा कि डॉ. वीके पॉल का इस कार्यक्रम में उपस्थित होना हमारे लिए उत्साहवर्धक है। मुझे पूरी उम्मीद है कि इसके सकारात्मक परिणाम निकलेंगे। मिजोरम की महिलाएं अत्यंत मेहनती और सक्षम हैं, जो राज्य की आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। युवा और उभरते हुए उद्यमियों का समर्थन करने के लिए राज्य सरकार ने 'बाना कैह' योजना शुरू की है। वर्तमान में इस योजना के पायलट चरण में हम 517 प्रगति भागीदारों को चयनित कर चुके हैं, जिनमें से 140 (27%) महिलाएं हैं। हम उम्मीद करते हैं कि और महिलाएं इस योजना से लाभान्वित होंगी। हम नीति आयोग के साथ मिलकर बाना कैह और अन्य योजनाओं पर सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने इस कार्यक्रम की पहल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए ललनघिंगलोवा हमार और मंत्री का भी आभार व्यक्त किया।
डॉ. वीके पॉल ने अपने भाषण में मिज़ोरम की महिलाओं की उद्यमिता भावना और वित्तीय स्वतंत्रता की सराहना की। उन्होंने कहा कि आज मुख्यमंत्री द्वारा लॉन्च किया गया महिला उद्यमिता प्लेटफ़ॉर्म (डब्ल्यूईपी) महिला सशक्तीकरण और आर्थिक विकास के लिए एक महत्वपूर्ण सहायक उपकरण होगा। उन्होंने महिला उद्यमियों से डब्ल्यूईपी के साथ पंजीकरण करने और इसके अवसरों का पूरा लाभ उठाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं का सशक्तीकरण भारत के समग्र विकास के लिए महत्वपूर्ण है और प्रधानमंत्री स्वयं इस उद्देश्य को प्राथमिकता देते हैं। नीति आयोग इस मिशन का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध है और डब्ल्यूईपी के माध्यम से हम परिवर्तनकारी बदलाव लाने का लक्ष्य रखते हैं। इस मौके पर सचिव योजना लालमल्सवमा पाचुआ ने उपस्थित सभी लोगों का आभार व्यक्त किया, जबकि ललनघिंगलोवा हमार, मंत्री, मुख्य सचिव खिली राम मीना, प्रमुख सलाहकार और मिशन निदेशक डब्ल्यूईपी पी अन्ना रॉय, और संस्थापक, लेबल लेलेन रिनी राल्टे, ने भी महिला नेतृत्व में उद्यमिता के महत्व पर अपने विचार प्रस्तुत किए।
मुख्यमंत्री ने इन पहलों का किया उद्घाटन
मुख्यमंत्री ने डब्ल्यूईपी की विभिन्न पहलों का उद्घाटन किया, उनमें डब्ल्यूईपी. राज्य चैप्टर मिज़ोरम, यशस्विनी कार्यक्रम (एमएसएमई मंत्रालय के सहयोग से), स्वावलंबिनी कार्यक्रम (कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय के सहयोग से), डब्ल्यूईपी पुरस्कार से पुरस्कार कार्यक्रम (न्यू शॉप के साथ), डब्ल्यूईपी ऐप (बीटा संस्करण लॉन्च) और महिला उद्यमियों को पुरस्कार शामिल हैं। उद्घाटन सत्र के बाद, क्षेत्रीय प्रमुख, उत्तर-पूर्व, नीति आयोग डॉ. प्रिसिला सी. ङ्गाइते ने सबका धन्यवाद किया। इसके बाद महिला नेतृत्व में उद्यमिता के माध्यम से विकास कार्यशाला जारी रही। इस ऐतिहासिक पहल से महिलाओं की उद्यमिता में भागीदारी को बढ़ावा देने की उम्मीद है, जिससे मिज़ोरम की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया जा सके और यह विकसित भारत के दृष्टिकोण के साथ मेल खाती है।
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