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राज्यसभा सांसद मिथुन चक्रवर्ती का टीएमसी से इस्तीफा
ब्यूरो/ अमर उजाला, कोलकाता
Updated Mon, 26 Dec 2016 11:12 PM IST
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- फोटो : getty
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राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस की ओर से राज्यसभा में भेजे जाने के महज 20 महीने बाद ही अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती ने सोमवार को औपचारिक रूप से इस्तीफा दे दिया है।
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हालांकि अपने इस्तीफे में उन्होंने खराब स्वास्थ्य को इसकी वजह बताया है, लेकिन राजनीति से उनका मोहभंग तो बीते साल शारदा चिटफंड घोटाले में नाम आने के बाद ही होने लगा था।
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तृणमूल कांग्रेस सूत्रों ने भी इस बात की पुष्टि की है कि पार्टी को मिथुन के इस्तीफे का अंदेशा तो पहले से ही था। पार्टी प्रमुख और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भी राजनीति से उनके मोहभंग की जानकारी थी। मिथुन शारदा समूह के ब्रांड एंबेस्डर थे।
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लेकिन घोटाले के सामने आने के बाद इसकी जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उन्हें कई बार पूछताछ के लिए बुलाया था। इस अभिनेता ने बीते साल शारदा समूह से अपनी फीस के तौर पर मिली 1.19 करोड़ की रकम भी ईडी को लौटा दी थी।
मिथुन को राजनीति शुरू से ही रास नहीं आई
बांग्ला फिल्मों के अमिताभ बच्चन कहे जाने वाले मिथुन को राजनीति शुरू से ही रास नहीं आई। लेकिन फिल्मी सितारों और खिलाड़ियों को राजनीति में लाने की मुहिम चलाने वाली दीदी ने बीते साल मिथुन को राज्यसभा में भेजने का फैसला किया। सांसद के तौर पर शपथ लेने के कुछ दिनों बाद ही मिथुन को ईडी का बुलावा आया।
उसके बाद उन्होंने तृणमूल कांग्रेस से दूरी बना ली थी। अपने कामकाज और कारोबार में उलझे मिथुन ने बार-बार ईडी के बुलावे से तंग आकर बीते साल ही राजनीति से नाता तोड़ने का मन बना लिया था, लेकिन फैसले को अमली जामा पहनाने में उनको कई महीने लग गए।
उसके बाद उन्होंने तृणमूल कांग्रेस से दूरी बना ली थी। अपने कामकाज और कारोबार में उलझे मिथुन ने बार-बार ईडी के बुलावे से तंग आकर बीते साल ही राजनीति से नाता तोड़ने का मन बना लिया था, लेकिन फैसले को अमली जामा पहनाने में उनको कई महीने लग गए।