फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   misbehave with indian journalist on saarc meeting

SAARC में पाकिस्तान ने ऐसे कराया था ब्लैक आउट, जानें पूरी कहानी

Sun, 07 Aug 2016 05:56 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 07 Aug 2016 05:56 PM IST
विज्ञापन
misbehave with indian journalist on saarc meeting
राजनाथ सिंह
पाकिस्तान के इस्लामाबाद में हाल ही में हुए सार्क देशों के गृहमंत्रियों के सम्मेलन से राजनाथ सिंह के नाराज होकर लौटने की बात सामने आई थी। बताया जा रहा है कि इस दौरान पाकिस्तानी अधिकारियों ने भारतीय पत्रकारों के साथ बुरा व्यवहार किया। मीटिंग को कवर करने गए छह भारतीय पत्रकारों को उद्घाटन समारोह में जाने से भी मना कर दिया गया। वहीं, जहां से गृहमंत्री अतिथियों का स्वागत कर रहे थे उस एंट्री गेट पर भी जाने से रोक दिया। 
विज्ञापन


बताया जा रहा है कि पाकिस्तानी गृह मंत्री चौधरी निसार अली खान सार्क देशों से आए अतिथियों की एंट्री गेट पर अगवानी कर रहे थे। इस दौरान जैसे ही भारतीय पत्रकारों ने राजनाथ सिंह के आने पर उनकी तस्वीरें लेनी चाही तो उन्हें रोक दिया गया। वहीं पाकिस्तानी फोटोग्राफर ने आराम से फोटो क्लिक किया। इसके बाद अधिकारियों ने उन्हें गेट के बाह खड़े होने की अनुमति नहीं दी और वहां से जाने के लिए कह दिया।
विज्ञापन


'भाषा' के मुताबिक, जब पाकिस्तानी अधिकारियों ने दूरदर्शन के फटॉग्रफर आर. जयश्री पुरी और एएनआई के अजय कुमार शर्मा से उनके कैमरे हटाने को कहा तो एक वरिष्ठ भारतीय राजनयिक ने हस्तक्षेप करने की कोशिश की। इसके बाद भारतीय पत्रकारों ने विरोध जताया। हालांकि, पाकिस्तानी अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि भारतीय पत्रकारों को तुरंत वहां से जाना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तानी अधिकारियों ने अपने जूनियर्स को इस तरह खड़े होने के लिए कहा कि भारतीय पत्रकार फोटोज न ले सकें और जल्द ही भारतीय पत्रकारों और फटॉग्रफर्स को कई व्यक्तियों ने इस तरह से घेर लिया कि उनके लिए कोई भी तस्वीर लेना नामुमकिन हो गया। घेरने वाले व्यक्ति सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी लग रहे थे। 

misbehave with indian journalist on saarc meeting
राजनाथ सिंह
सार्क प्रोटोकॉल के अनुसार, मेजबान देश के उद्घाटन भाषण को मीडिया द्वारा कवर किया जाता है, जबकि बाकी की कार्रवाई बंद कमरे में होती है। यह भी खबर फैलाई रहे है कि राजनाथ सिंह बैठक के दौरान दिल्ली फोन करने के लिए आठ बार वॉशरूम गए। हालांकि, हकीकत यह है कि वॉशरूम उस ऑडिटोरियम के बाहर था जहां बैठक हुई। गृह मंत्री ने इसका उपयोग दो बार किया। एक बार तब जब सिंह और उनके सार्क समकक्षों ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री से सद्भावनावश मुलाकात की और मंत्रियों की बैठक औपचारिक रूप से शुरू होने से पहले। दूसरी बार तब जब बैठक खत्म हो गई।

इसके अलावा गृह मंत्री अपने साथ कोई सेलफोन नहीं रखते। यहां तक कि भारत में भी जब जरूरत पड़ती है, तो वह अपने सहायकों के सेलफोन का उपयोग करते हैं।

misbehave with indian journalist on saarc meeting
Home Minister Rajnath Singh's SAARC speech - फोटो : pti
दूसरी ओर भारत सरकार ने ब्लैक आउट मुद्दे पर सफाई देते हुए कहा है कि सार्क की बैठकों में मीडिया को अलग रखा जाता है। 'यह दक्षेस की मानक नीति है कि मेजबान देश सत्र का उद्घाटन भाषण प्रसारित करने की अनुमति मीडिया को है और वह सार्वजनिक होता है, लेकिन बाकी कार्यवाही बंद कमरे में होती है। इसका मकसद मुद्दों पर स्पष्ट एवं विस्तृत चर्चा के लिए उपयुक्त वातावरण तैयार करना है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed