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मुस्लिम-सिख छात्रों के साथ ‘नरमी’ बरतें सुरक्षाकर्मी, दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग ने जारी किया आदेश

Thu, 18 Oct 2018 09:16 PM IST
हरेन्द्र, अमर उजाला, नई दिल्ली
हरेन्द्र, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 18 Oct 2018 09:16 PM IST
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minority commission Says security guards Softening with Muslim and Sikh students
zafarul islam khan
हिजाब पहनने वाली मुस्लिम महिलाओं और कृपाणधारी सिखों को परीक्षा केंद्रों, एयरपोर्ट और मेट्रो स्टेशन पर सुरक्षा जांच के दौरान अकसर दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग ने ऐसी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए सभी विभागों को आदेश जारी कर कहा है कि सुरक्षा के नाम पर अल्पसंख्यकों के हितों का भी ध्यान रखा जाए।
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दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन जफरुल इस्लाम खान ने अमर उजाला को बताया कि कई बार इस तरह के ‘उत्पीड़नों’ से अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। यहां तक कि कई बार उनकी ट्रेन, फ्लाइट और परीक्षा भी छूट जाती हैं। उन्होंने बताया कि काफी समय से इस तरह की शिकायतें लगातार आ रही थीं।
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आयोग में शिकायत करने वाली एक मुस्लिम लड़की ने अपना नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जुलाई में उसका दिल्ली अधिनस्थ चयन सेवा का एग्जाम था, लेकिन एग्जाम सेंटर पर महिला सुरक्षा अधिकारी के ठीक से जांच करने के बावजूद उन्हें स्कार्फ उतारने के लिए कहा गया। बाद में उन्हें अंदर जाने से यह कहते हुए रोक दिया गया कि बिना हिजाब के ही उन्हें परीक्षा देनी होगी। उसने बताया कि मुस्लिम होने के नाते यह उनके धर्म का हिस्सा है और इसके बिना वे असहज महसूस करती हैं। लेकिन गिड़गिड़ाने के बाद भी उन्हें परीक्षा से वंचित कर दिया गया।  
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वहीं शिकायत करने वाले एक सिख छात्र सनमीत ने बताया कि कुछ माह पहले उन्हें नई दिल्ली रेलवे स्टेशन जाने के लिए एयरपोर्ट मेट्रो पकड़नी थी। लेकिन सीआईएसएफ सिक्योरिटी ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया और कहा कि वे कृपाण लेकर अंदर नहीं जा सकते। जिसके चलते उनकी काफी देर तक स्टाफ से बहस भी हुई, बाद में मेट्रो अधिकारियों के बीच-बचाव के बाद उन्हें जाने दिया गया। लेकिन इस सब के बाद उनकी ट्रेन मिस हो गई। जिसके बाद उन्होंने आयोग को पत्र लिखा।  

आयोग के चेयरमैन जफरुल इस्लाम ने बताया कि इस तरह की शिकायतों पर वे संबंधित अथॉरिटी को नोटिस भी जारी करते हैं, लेकिन इन प्रक्रियाओं में 4-5 माह का वक्त लग जाता है। लेकिन इस बार ऑर्डर ही जारी करने का फैसला किया गया। उन्होंने बताया कि उन्होंने सीबीएसई समेत दिल्ली के सभी विभागों को आदेश जारी किया है कि सुरक्षा संबंधी जांच की जानी जरूरी हैं लेकिन अल्पसंख्यकों के हितों को नुकसान न पहुंचाया जाए। उन्होंने छात्रों के लिए खासतौर पर विशेष सावधानी बरतने का आदेश दिया है, ताकि उनकी परीक्षाएं न छूटने पाएं। साथ ही शिक्षण संस्थानों से कहा कि वे अल्पसंख्यक छात्रों को पहले ही निर्देश जारी करें कि वे सामान्य वक्त से आधा घंटे पहले परीक्षा केंद्र पहुंचें।


उन्होंने बताया कि संविधान की धारा 25 का हवाला देते हुए कहा कि देश के संविधान ने सिखों को कृपाण रखने का अधिकार दिया है। वहीं हिजाब के मामले में केरल हाईकोर्ट ने 21 जुलाई, 2015 को दिए आदेश का हवाला दिया है, जिसमें मुस्लिम महिलाओं को पूरी आस्तीन के साथ हिजाब पहनने की इजाजत दी गई है और कहा है कि उनकी सुरक्षा जांच भी केवल महिला सुरक्षा अधिकारी ही करेंगी।
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