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केंद्रीय अर्धसैनिक बलों से छिनी हवाई यात्रा सुविधा: कश्मीर से उत्तर पूर्व तक के जोखिम भरे क्षेत्रों में करना होगा सड़क मार्ग से सफर

Jitendra Bhardwaj जितेंद्र भारद्वाज
Updated Mon, 04 Apr 2022 04:43 PM IST
सार

दो साल पहले 'पुलवामा' में हुए आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे। उसके बाद जम्मू-कश्मीर और उत्तर-पूर्व के जोखिम भरे क्षेत्रों में सड़क मार्ग से आवाजाही करने वाले जवानों के 'काफिले' पर रोक लगा दी गई थी। सुरक्षा बलों को सड़क मार्ग की बजाए हवाई मार्ग से आने-जाने की सुविधा प्रदान की गई थी...

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MHA suspends Air courier service for ferrying paramilitary personnel
केंद्रीय अर्धसैनिक बल - फोटो : Agency (File Photo)

विस्तार

केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के जवानों से हवाई यात्रा सुविधा छीन ली गई है। उत्तर पूर्व के राज्यों और जम्मू कश्मीर के जोखिम भरे क्षेत्रों में जवानों को अब रेल या सड़क मार्ग के जरिए आवाजाही करनी होगी। सभी बलों को भेजे गए संदेश में लिखा है कि एयर कूरियर सर्विस (सस्पेंशन) तत्काल प्रभाव से रोक दी गई है। यह आदेश एक अप्रैल से लागू किया गया है। सीएपीएफ के लिए एयर कूरियर सर्विस को अचानक क्यों बंद कर दिया गया है, इसे लेकर कोई जानकारी नहीं दी गई। जोखिम वाले क्षेत्रों में आईईडी, हैंड ग्रेनेड, ड्रोन और आत्मघाती हमले का अंदेशा बना रहता है।  

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कश्मीर से लेकर उत्तर पूर्व के राज्यों में केंद्रीय सुरक्षा बल तैनात हैं। कश्मीर में आतंकियों द्वारा सीआरपीएफ जैसे बड़े केंद्रीय बल पर हैंड ग्रेनेड से हमला कर दिया जाता है। इसी तरह उत्तर पूर्व के राज्यों में उग्रवादियों और केंद्रीय बलों के बीच मुठभेड़ की खबरें आती रहती हैं। इन क्षेत्रों में सीआरपीएफ व बीएसएफ जैसे बड़े केंद्रीय अर्धसैनिक बल तैनात हैं। दो साल पहले 'पुलवामा' में हुए आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे। उसके बाद जम्मू-कश्मीर और उत्तर-पूर्व के जोखिम भरे क्षेत्रों में सड़क मार्ग से आवाजाही करने वाले जवानों के 'काफिले' पर रोक लगा दी गई थी। सुरक्षा बलों को सड़क मार्ग की बजाए हवाई मार्ग से आने-जाने की सुविधा प्रदान की गई थी।
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पिछले साल भी केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा 31 अगस्त के बाद 'दिल्ली-श्रीनगर-दिल्ली' और 'श्रीनगर-जम्मू-श्रीनगर' रूट पर एयर कूरियर सर्विस (सस्पेंशन) रोक दी गई थी। तब केंद्रीय सुरक्षा बलों की हवाई यात्रा सेवा को 31 अगस्त 2021 के बाद जारी रखने की मंजूरी नहीं मिल सकी थी। खास बात है कि संबंधित नोडल एजेंसी यानी बीएसएफ ने इस बाबत केंद्रीय गृह मंत्रालय को पहले ही अवगत करा दिया था। मंत्रालय को बताया गया था कि सीएपीएफ में हवाई सेवा की पांच माह की मंजूरी अवधि एक अप्रैल 2021 से 31 अगस्त 2021 को खत्म हो रही है। 31 अगस्त के बाद एयर कूरियर सर्विस बंद हो जाएगी।
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यह एक्सटेंशन सात महीने की अवधि के लिए यानी एक सितंबर से लेकर 31 मार्च 2022 तक दिया जाना था। अगर टेंडर प्रक्रिया की अवधि पहले खत्म हो जाती है तो एयर कूरियर सर्विस भी उसी समय से बंद मानी जाएगी। केंद्रीय बलों में इस बाबत रोष देखा गया। मीडिया में भी एयर कूरियर सर्विस बंद होने की खबर छपी थी। दस दिन बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस सेवा को दोबारा से शुरू करने का आदेश जारी किया था।

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