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‘मेक इन इंडिया’ के ट्रैक पर दौड़ेगी मेट्रो
संतोष कुमार/ अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 24 Apr 2017 06:31 AM IST
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केंद्र सरकार ने मेट्रो नेटवर्क को मेक इन इंडिया के ट्रैक पर दौड़ाने के लिए कमर कस ली है। सरकार मेट्रो कोच समेत रोलिंग स्टॉक व सिग्नलिंग सिस्टम के भारत में उत्पादन को बढ़ावा देगी। केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने इसके लिए निविदा शर्तों में बदलाव किया है जिसे वेंकैया नायडू ने मंजूरी दे दी है।
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मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक, मेट्रो कोच सप्लाई करने वाली निजी कंपनियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि 75 फीसदी कोच मेक इन इंडिया थीम पर हों। कोच सप्लायर इसके लिए भारत में विनिर्माण कंपनी लगाएगा। 100 कोच से ज्यादा के टेंडर पर वह किसी भारतीय उद्यमी से समझौता कर सकता है। खास बात यह है कि मंत्रालय ने राज्यों को छूट दी है कि वे कोच से जुड़ी शर्तों में स्थानीय जरूरतों के हिसाब से बदलाव कर सकते हैं।
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इसके साथ ही मंत्रालय ने मेट्रो के बारीक उपकरणों की लिस्ट तैयार की है। इनका कम से कम 25 फीसदी उत्पादन भारत में ही करना होगा। मेट्रो के रोलिंग स्टॉक व सिग्नलिंग सिस्टम में भी मेक इन इंडिया को बढ़ावा दिया जाएगा। मेट्रो कंपनियों को निर्देश हैं कि वे स्थानीय स्तर पर क्षमता का निर्माण करें। इससे देश के भीतर विशेषज्ञता का विकास होने के साथ ही तकनीक पर भी काम हो सके। भारतीय विशेषज्ञता विकसित करने के लिए कंपनियां स्थानीय स्तर पर मेंटीनेंस गतिविधियों पर काम कर सकती हैं।
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मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल देश भर में 1,912 मेट्रो कोच चल रहे हैं। वहीं, जल्द ही 1,420 की जल्द जरूरत है। जबकि तीन साल में 1,600 अतिरिक्त कोच चाहिये। एक कोच को तैयार करने में करीब 10 करोड़ रुपये खर्च होते हैं। इससे बड़े पैमाने पर पूंजी निवेश होगा। नायडू ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सभी मेट्रो कंपनियों को नई शर्तों को भेज दिया जाए। ताकि वे इनके अनुसार निविदा का आवंटन कर सकें।