डिजिटल इंडिया के ट्विटर हैंडल पर 'गोली मारने' का संदेश
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कविता में कहा गया है:
दरवाजे पे कुंडी मारो, कोई ना बचके जाने पाये,
आर्मी को समझा दो फायरिंग गलती से भी रुक ना जाय,
दबा दबा जो फील करें वो जाके बम, गोली गटक ले.
और जिसको नहीं रहना यहॉ पे वो पाकिस्तान में भैस चरायें..
कविता में आगे लिखा गया है
बस आज की बात हैं
कल सें नयी शुरूआत हैं
जी भर के ठोक लो भाईयों
ना घरवालें इनकें बाप हैं।।
यहॉ पर पर अपना राज हैं
डरनें की क्या बात हैं
ये तो बस शुरूआत हैं..
ये तो बस शुरूआत हैं...
अरें अभी तो गोली शुरू हुई हैं....
अरें अभी तो गोली शुरू हुई हैं....
28 जुलाई को ही तारीख को इस नाम के फेसबुक पन्ने पर एक और कविता पोस्ट की गई है जिसमें लिखा गया है। "सेना को अब आतंकियों की छाती पे चढ़ जाने दो, साथ निभाने वालों पर भी अब गोली बरसाने दो..." सवाल पूछे जा रहे हैं कि क्या सरकार इस तरह की देशभक्ति का समर्थन कर रही है? इस पर अभी तक डिजिटल इंडिया या सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।