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स्वच्छता सर्वे: कोरोना के तनाव ने बिगाड़ी महिलाओं की सेहत, मासिक धर्म हुआ अनियमित

Mon, 31 May 2021 02:11 AM IST
Jeet Kumar एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली। Published by: Jeet Kumar Updated Mon, 31 May 2021 02:11 AM IST
सार

  • एवरटीन के छठे सालाना माहवारी स्वच्छता सर्वे की रिपोर्ट 
  • कोरोना और लॉकडाउन का महिलाओं की माहवारी पर असर का विशेष तौर पर अध्ययन हुआ

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Menstrual Hygiene, Corona affected the health of women
सांकेतिक तस्वीर.... - फोटो : social media

विस्तार

कोरोना ने केवल अर्थव्यवस्था को ही प्रभावित नहीं किया है बल्कि इसने महिलाओं की सेहत को भी खासा प्रभावित किया है। कोरोना के तनाव के कारण भारतीय महिलाओं का माहवारी चक्र अनियमित हो गया है।

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माहवारी स्वच्छता दिवस (28 मई) के पूर्व महिला हाइजीन से जुड़ी एवरटीन ने अपने छठे सालाना माहवारी स्वच्छता सर्वे की रिपोर्ट में इसका खुलासा किया है। इसके तहत देश के बड़े शहरों दिल्ली, मुंबई, बंगलूरू, हैदराबाद और कोलकाता में 18 से 35 आयु वर्ग के बीच करीब 5000 महिलाओं का सर्वे किया गया था। 
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41 फीसदी महिलाओं में अनियमितता की शिकायत
इस साल कोरोना और लॉकडाउन का महिलाओं की माहवारी पर असर का विशेष तौर पर अध्ययन किया गया। जिसके तहत 41 फीसदी महिलाओं ने इस दौरान मासिक धर्म में अनियमितता की बात कही। जबकि इस सर्वे में भाग लेने वाली महिलाओं में से महज 13.7 प्रतिशत महिलाएं ही कोरोना संक्रमित थीं। 
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64.5 फीसदी महिलाओं में बढ़ा तनाव 
सर्वे में 64.5 प्रतिशत महिलाओं ने कहा कि कोरोना और उससे पैदा हुए हालात ने उनमें तनाव और चिंता बढ़ाई है। संभवत: इसकी वजह से भी महिलाओं का मासिक चक्र में अंतर बढ़ा है।

सर्वे में शामिल महिलाओं में से 34.2 प्रतिशत ने कहा कि उन्होंने स्राव में बदलाव पाया, वहीं, 20 फीसदी ने कहा कि कोरोना काल में उन्हें एक माहवारी नहीं हुई। 29.2 प्रतिशत महिलाओं ने इस दौरान अधिक दर्द बढ़ने की शिकायत की। वहीं, 28.8 प्रतिशत महिलाओं ने कहा कि उन्हें असामान्य माहवारी हुई। 

पैन हेल्थकेयर के सीईओ चिराग पैन ने कहा कि हमारे समाज में मासिक धर्म की अनदेखी की जाती है। इस दिशा में भारत और दुनियाभर में गहराई से शोध किए जाने की जरूरत है।


वहीं, वेट एंड ड्राय पर्सनल केयर के सीईओ हरिओम त्यागी ने कहा कि इस सर्वे से यह साफ है कि महिलाएं अब पहले के मुकाबले अपनी बात रखने में ज्यादा मुखर हुई हैं।

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