{"_id":"5c414ab0bdec2273554f4040","slug":"meghalaya-navy-and-rov-spotted-skeletons-in-rat-hole-mine","type":"story","status":"publish","title_hn":"मेघालय: कोयला खदान में फंसे मजदूरों की तलाश जारी, नौसेना को मिले कुछ कंकाल","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
मेघालय: कोयला खदान में फंसे मजदूरों की तलाश जारी, नौसेना को मिले कुछ कंकाल
Fri, 18 Jan 2019 09:10 AM IST
Shilpa Thakur
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिलांग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिलांग
Published by: Shilpa Thakur
Updated Fri, 18 Jan 2019 09:10 AM IST
विज्ञापन
निरंतर एक्सेस के लिए सब्सक्राइब करें
सार
- 200 फीट की गहराई से एक मजदूर का शव बरामद।
- नौसेना को आरओवी के जरिए मिले कुछ कंकाल।
- 13 दिसंबर से कोयला खदान में फंसे हैं 15 मजदूर।
- बचाव अभियान अभी भी जारी है।
आगे पढ़ने के लिए लॉगिन या रजिस्टर करें
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ रजिस्टर्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ सब्सक्राइब्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
फ्री ई-पेपर
सभी विशेष आलेख
सीमित विज्ञापन
सब्सक्राइब करें
meghalaya mine
विस्तार
मेघालय में करीब एक महीने से कोयला खदान में फंसे 15 मजदूरों की तलाश के दौरान नौसेना और आरओवी (पानी के अंदर चलने वाले रिमोट वाहन) को कुछ कंकाल मिले हैं। इस बात की जानकारी नौसेना से जुड़े सूत्रों ने दी है। बात दें 370 फुट गहरी अवैध खदान में एक नदी का पानी आ जाने के कारण 15 लोग 13 दिसंबर से फंसे हुए हैं। उन लोगों को निकालने के लिए कई एजेंसियां काम कर रही हैं। मजदूरों को बचाने के लिए बचाव अभियान अभी भी जारी है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि खदान में अधिक सल्फर होने के कारण शवों का अपघटन हो गया है। फॉरेंसिर एक्सपर्ट्स को डीएनए टेस्ट के लिए बुलाया गया है ताकि मजदूरों की पहचान हो सके। इस टीम के शाम तक आने की संभावना है।
#WATCH: Search operations underway in a mine at Ksan near Lyteiñ River in East Jaintia Hills for miners who are trapped since December 13. Today morning one body was recovered. (Visuals of Navy's underwater remotely operated vehicle) #Meghalaya. pic.twitter.com/gg1NwtjFOY
— ANI (@ANI) January 17, 2019
वहीं गुरुवार को ही राज्य की ईस्ट जयंतिया हिल्स स्थित इस गैरकानूनी कोयला खदान से 200 फीट की गरहाई से एक मजदूर का शव भी मिला है। इस जॉइंड रेस्क्यू ऑपरेशन में स्थानीय कर्मियों के अलावा, एनडीआरएफ, भारतीय नौसेना भी शामिल है। खदान से पानी निकालने के लिए हाई पावर पंपों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
अडिश्नल डिप्टी कमिश्नर ने बताया, नौसेना द्वारा संचालित आरओवी ने एक शव बरामद किया है। बचावकर्ताओं ने खदान से पानी निकालने की कोशिश की, इसके लिए हाई पावर वाले पंप का इस्तेमाल किया गया, लेकिन अधिक सफलता नहीं मिल पाई। इसके बाद नौसेना ने पानी के भीतर रिमोट से संचालित होने वाले वाहन का प्रयोग किया। करीब 200 बचावकर्ता इस काम में लगे हुए हैं।
इससे पहले बीते हफ्ते सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से बचाव अभियान जारी रखने को कहा था। कोर्ट ने केेंद्र और राज्य सरकार से कहा था कि मजदूरों को बचाने के प्रयास लगातार किए जाएं और विशेषज्ञों की सहायता भी ली जाए।
सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से पूछा था कि जो लोग अवैध खदान चला रहे थे उनके खिलाफ और जिन अधिकारियों ने अवैध खदान को इजाजत दी उनपर कार्रवाई हुई? जस्टिस एके सीकरी के नेतृत्व वाली बेंच ने कहा, 'अपने बचाव कार्य को जारी रखें। क्या होगा अगर उनमें से कुछ या सभी अभी भी जिंदा हुए तो? चमत्कार होते रहते हैं।'