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मेघालय में आज से NDA सरकारः राजनाथ-अमित शाह की उपस्थिति में कोनराड संगमा बने मुख्यमंत्री
ब्यूरो, अमर उजाला, शिलांग
Updated Tue, 06 Mar 2018 05:59 PM IST
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Conrad K Sangma
- फोटो : PTI
नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के अध्यक्ष कोनराड संगमा ने मंगलवार को यहां मेघालय के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली। इसके साथ ही भाजपा के पास महज दो विधायक होने के बावजूद एनपीपी के सहारे राज्य में एनडीए की सरकार सत्ता में आ गई।
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राजभवन में आयोजित एक समारोह में राज्यपाल गंगा प्रसाद ने कोनराड संगमा के अलावा 11 अन्य मंत्रियों को भी पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह और भाजपा प्रवक्ता नलिन कोहली भी मौजूद थे। संगमा फिलहाल राज्य के तूरा संसदीय क्षेत्र से सांसद हैं।
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बता दें कि एनपीपी अध्यक्ष कोनराड संगमा ने रविवार को राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार गठन का दावा पेश किया था। उन्होंने 60 सदस्यीय विधानसभा में 34 विधायकों के समर्थन का दावा किया था। हाल में हुए विधानसभा चुनावों में किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिला था। लेकिन 21 सदस्यों के साथ सत्तारूढ़ कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरी थी।
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इतना ही नहीं पूर्व मुख्यमंत्री मुकुल संगमा ने भी सरकार बनाने का दावा पेश किया था। लेकिन एनपीपी ने भाजपा के अलावा क्षेत्रीय दलों व निर्दलीय के समर्थन से बहुमत का आंकड़ा जुटा लिया था। ज्ञात हो कि नेशनल पीपुल्स पार्टी केंद्र सरकार एवं मणिपुर में भाजपा की सहयोगी है।
सीएम बनने के बाद कोनराड ने कहा- हम अच्छे शासन के अपने एजेंडे को लेकर स्पष्ट हैं। बहुत सारे क्षेत्रों पर नजर रखने की जरूरत है। असल चुनौती और काम आज से शुरू होता है। हम अपने राज्य को आगे ले जाने के लिए काम करेंगे। वहीं कोनराड के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद राजनाथ सिंह ने कहा कि मैं कोनराड संगमा को बधाई देता हूं। पहले यह धारणा थी कि सिर्फ कांग्रेस ही पूर्वोत्तर राज्यों में शासन कर सकती हैं लेकिन अब भाजपा को यहां जीत मिली है तो इससे धारणा में बदलाव आएगा।
राजनाथ सिंह
बता दें कि राज्य में पिछले 10 सालों से कांग्रेस का शासन था। चुनाव नतीजों में वह सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी लेकिन भाजपा ने महज तीन घंटे में उसके सत्ता में दोबारा आने की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। 21 सीटें जीतने वाली कांग्रेस ने मेघालय में सरकार बनाने का दावा किया था और इसके लिए उन्होंने राज्य के गवर्नर गंगा प्रसाद से भी मुलाकात की थी। मगर बाद में भाजपा ने दूसरे दलों के साथ मिलकर 34 नवनिर्वाचित उम्मीदवारों की परेड गवर्नर के सामने करवा दी और सरकार बनाने का दावा पेश किया। जिसके बाद भाजपा और उसकी सहयोगी पार्टियों को राज्य में सरकार बनाने के लिए न्यौता दिया।
मेघालय के हाथ से निकलने के बाद राहुल गांधी ने ट्विटर पर अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की। गांधी ने कहा- महज 2 सीट के साथ भाजपा ने छल से मेघालय में सत्ता हड़प ली। यह ठीक उसी तरह है जैसे मणिपुर और गोवा में किया गया था। जहां भाजपा ने जनादेश की अनदेखी कर पावर और पैसों के दम पर अवसरवादी गठबंधन बना लिया था। बता दें कि बीते साल गोवा और मणिपुर चुनाव में सबसे ज्यादा सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी थी, लेकिन इसके बावजूद सरकार बनाने से चूक गई थी। तब कांग्रेस के बहुमत जुटाने से पहले ही भाजपा ने बाजी मार ली थी।
मेघालय के हाथ से निकलने के बाद राहुल गांधी ने ट्विटर पर अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की। गांधी ने कहा- महज 2 सीट के साथ भाजपा ने छल से मेघालय में सत्ता हड़प ली। यह ठीक उसी तरह है जैसे मणिपुर और गोवा में किया गया था। जहां भाजपा ने जनादेश की अनदेखी कर पावर और पैसों के दम पर अवसरवादी गठबंधन बना लिया था। बता दें कि बीते साल गोवा और मणिपुर चुनाव में सबसे ज्यादा सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी थी, लेकिन इसके बावजूद सरकार बनाने से चूक गई थी। तब कांग्रेस के बहुमत जुटाने से पहले ही भाजपा ने बाजी मार ली थी।
I congratulate Conrad Sangma. There was a perception that only Congress party can survive in the north-east but now that BJP has gained victory here that perception will change: Union Minister Rajnath Singh in Shillong pic.twitter.com/jlecHyAquu
— ANI (@ANI) March 6, 2018
टीआर जेलियांग
जहां आज मेघालय में कोनराड ने सीएम पद की शपथ ले ली है वहीं राज्य के निवर्तमान मुख्यमंत्री टीआर जेलियांग ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने से मना कर दिया है। उनका कहना है कि नई सरकार के गठन की उनकी कोशिश जारी है। उनकी पार्टी नगालैंड पीपुल्स पार्टी का कहना है कि उन्होंने गवर्नर को चुनाव पूर्व गठबंधन का पत्र सौंपा था। उसके साथ नेशनल पीपल्स पार्टी (एनपीपी) और जेडीयू ने चुनाव से पहले ही गठबंधन किया था। हालांकि जेडीयू ने चुनाव नतीजों के बाद बीजेपी का समर्थन करने का फैसला लिया। एनपीएफ की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि सरकार के गठन के लिए जरूरी संख्या जुटाने का प्रयास किया जा रहा है। इसलिए फिलहाल जेलियांग के इस्तीफे का सवाल ही नहीं उठता है।