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मेघालय खदान हादसा: जलस्तर में कमी, बचाव टीम ने कहा- बहुत चुनौतिपूर्ण है अभियान
Sat, 22 Dec 2018 10:22 AM IST
Sneha Baluni
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिलांग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिलांग
Published by: Sneha Baluni
Updated Sat, 22 Dec 2018 10:22 AM IST
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बचाव कार्य में जुटी एनडीआरएफ की टीम
- फोटो : ANI
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मेघालय के ईस्ट जयंतिया हिल्स जिले में अवैध खदान में फंसे 15 खनिकों तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि 370 फुट गहरी खान में भरे पानी में शुक्रवार को कुछ इंच की कमी आई है। अवैध कोयला खदान में पास की लितेन नदी से आया पानी भरने के बाद 13 दिसंबर से वह खनिक खदान फंसे हुए है।
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राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के कमांडेंट एसके शास्त्री ने बताया कि यह उनके लिए बहुत ही चुनौतिपूर्ण टास्क है। शास्त्री ने कहा, 'यह एनडीआरएफ के इतिहास में सबसे चुनौतिपूर्ण अभियान है। हमारे गोताखोर इस तरह की परिस्थिति के लिए प्रशिक्षित नहीं हैं। घटना को लेकर हमारे पास मौजूद सूचना पर्याप्त नहीं है। यह खदान बहुत गहरी है और भारी मात्रा में पानी इसमें भरता जा रहा है।' यह अवैध कोयला खदान 12 दिसंबर को धंस गई थी।
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फिलहाल बचावकर्मी खनिकों तक पहुंचने के लिये पंप के जरिये पानी को बाहर निकाल रहे हैं और केंद्रीय और एनडीआरएफ के 100 से ज्यादा कर्मचारी स्थानीय पुलिस के साथ बचाव अभियान में जुटे हुए हैं। मेघालय सरकार का कहना है कि खदान में फंसे खनिकों को बचाने का समय गुजरता जा रहा है। गोताखोर खनिकों की तलाश में जुटे हुए हैं।
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पूर्वी जयंतिया हिल्स जिले के पुलिस अधीक्षक एस नोन्टिंगर ने बताया, पंप के जरिये पानी बाहर निकालने से पानी का स्तर कम होने की उम्मीद है। एक डॉक्टर ने यहां कहा कि समय निकलता जा रहा है और अगर बचाव अभियान लंबा चला तो खनिकों की जान को बहुत ज्यादा खतरा हो सकता है। 'हमें बताया गया है कि उन्होंने कुछ खाया पिया नहीं है। हर एक लम्हा कीमती है और अधिकारियों को जल्द से जल्द इस समस्या से निपटना होगा।'
इससे पहले खनन मामलों के जानकार और पुरस्कार विजेता बचावकर्मी जसवंत सिंह गिल ने गुरुवार को घटनास्थल का दौरा कर राज्य सरकार को बचाव अभियान में कोल इंडिया से मदद मांगने का सुझाव दिया था। इस बीच राष्ट्रीय हरित अधिकरण की समिति ने राज्य सरकार से राज्य में खनन हादसों में मारे गए सभी लोगों के परिजनों को मुआवजा देने के लिये कहा है।
गुरुवार को समिति के सामने पेश हुए एक शीर्ष सरकारी अधिकारी ने कहा कि उन्होंने समिति को बताया है कि राज्य सरकार सभी 15 खनिकों के परिजनों को एक लाख रुपए मुआवजा देगी। उन्होंने समिति को यह भी बताया कि राज्य में ऐसे किसी भी हादसे का रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है।