कोरोना से जंग जीतने का मेगा प्लान, 11 राज्यों के 27 जिलों में झोंकी जाएगी पूरी ताकत
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कोरोना वायरस महामारी से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने मेगा प्लान तैयार किया है। सरकार की योजना अगले एक हफ्ते में देश के 11 राज्यों के 27 जिलों में पूरी ताकत झोंक देने की है। ये वे जिले हैं, जहां देश के करीब 70 फीसदी कोरोना संक्रमित मरीज हैं। इन जिलों के लिए खास रणनीति बनाने के बाद ही सरकार ने लॉकडाउन में धीरे-धीरे छूट देने की प्रक्रिया शुरू की है।
सरकार के कोरोना से संबंधित कुछ आंकड़े राहत लेकर आए हैं। कोरोना वायरस का दुष्प्रभाव देश के कुछ खास हिस्सों में है। देश के कुल 26000 से अधिक कोरोना मरीजों में से 70 फीसदी (करीब 18000 मरीज) देश के 11 राज्यों के 27 जिले तक ही सीमित हैं। इस आंकड़े ने सरकार को अन्य अप्रभावित या कम प्रभावित क्षेत्रों में लॉकडाउन में छूट देने का हौसला दिया है।
सूत्रों ने बताया कि कंटेनमेंट इलाकों को छोड़कर देश के सभी हिस्सों में सीमित संख्या में दुकानें खोलने की अनुमति इन्हीं आंकड़ों को देखने के बाद दी गई। प्रधानमंत्री द्वारा गठित रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाले मंत्री समूह (जीओएम) ने इसी आधार पर लॉकडाउन में छूट की सिफारिश की थी। सूत्रों का कहना है कि तीन मई को खत्म हो रहे लॉकडाउन के दूसरे चरण के बाद कई और बड़ी राहतों की घोषणा की जाएगी। इन जिलों को छोड़कर अन्य जिलों में कड़ी शर्तों के बाद सरकार बड़ी छूट देगी।
यह है रणनीति
सरकार की रणनीति इन 27 जिलों की घेराबंदी करने की है। इन जिलों में लॉकडाउन का बेहद सख्ती से पालन कराने के साथ ही कोरोना जांच की रफ्तार भी बढ़ाई जाएगी। सरकार की योजना तीन मई के बाद इन जिलों में संक्रमितों की संख्या को हर हाल में बढ़ने से रोकने की है। सरकार को उम्मीद है कि मई के पहले हफ्ते के बाद देश में कोरोना मरीजों की संख्या स्थिर होने के संकेत मिलने लगेंगे।
अहमदाबाद-मुंबई की सर्वाधिक चिंता
सरकार गुजरात के तीन जिलों अहमदाबाद, सूरत और वडोदरा और महाराष्ट्र के तीन जिलों मुंबई, पुणे और ठाणे को लेकर बेहद चिंतित है। यहां कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ने की रफ्तार खतरनाक स्तर पर है। सरकार की योजना इन जिलों को पूरी तरह सील कर पूरे जिले को लगातार सैनिटाइज करने, स्वास्थ्य सुविधाएं युद्ध स्तर पर बढ़ाने और कोरोना जांच व्यापक स्तर कराने की है।
सरकार के सूत्रों का मानना है कि अहमदाबाद में अगर तीन-चार दिन में हालात नहीं संभले तो कोरोना के कहर को रोकना मुश्किल हो जाएगा। सरकार की परेशानी की बड़ी वजह का दूसरा कारण यह है कि ये सभी शहर आर्थिक गतिविधियों को बहाल करने की दृष्टि से भी बहुत महत्वपूर्ण हैं।
कौन से जिले और कितने फीसदी मरीज
| राज्य | जिले | राज्य प्रतिशत | देशव्यापी प्रतिशत |
| आंध्र प्रदेश | गुंटूर, कुरनूल | 47 फीसदी | 2 फीसदी |
| दिल्ली | दक्षिणी दिल्ली, उत्तर पूर्वी | 80 फीसदी | 11फीसदी |
| गुजरात | अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा | 84 फीसदी | 11 फीसदी |
| कर्नाटक | बंगलूरू | 25 फीसदी | 0.6 फीसदी |
| केरल | कुन्नूर, कासरगोड | 50 फीसदी | 1.6 फीसदी |
| मध्य प्रदेश | इंदौर | 70 फीसदी | 6 फीसदी
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| महाराष्ट्र | मुंबई, पुणे, ठाणे | 66 फीसदी | 20 फीसदी |
| राजस्थान | अजमेर, जयपुर, भरतपुर
कोटा, जोधपुर, टोंक |
77 फीसदी | 7.7 फीसदी |
| तमिलनाडु | चेन्नई, कोयंबटूर, तिरुपुर | 38 फीसदी | 3.5 फीसदी
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| तेलंगाना | हैदराबाद | 56 फीसदी | 2.8 फीसदी
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| उत्तर प्रदेश | आगरा, लखनऊ, गौतमबुद्ध नगर | 42 फीसदी | 3.1 फीसदी |