पाकिस्तान को एमएफएन दर्जे पर होने वाली बैठक टली, पीएम को करनी थी शिरकत
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पाकिस्तान को दिया गया मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा वापस लेने संबंधी आज होने वाली समीक्षा बैठक फिलहाल टल गई है। अब इस बैठक के अगले हफ्ते होने की उम्मीद है। बैठक में प्रधानमंत्री मोदी के अलावा विदेश मंत्रालय और वाणिज्य मंत्रालय के अधिकारियों को भी शामिल होना था।
बता दें कि डब्लूटीओ के गठन के एक साल बाद ही भारत ने 1996 में पाकिस्तान को सर्वाधिक तरजीही राष्ट्र का दर्जा दे दिया था। जिसके बाद पाकिस्तान के साथ होने वाले व्यापार में पडोसी मुल्क को खासी छूट हासिल है। उड़ी हमले के बाद भारत इस दर्जे की समीक्षा करना चाहता है इसी कड़ी में आज प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में विदेश और वाणिज्य मंत्रालय के अधिकारियों की बैठक होनी थी।
उम्मीद की जा रही थी कि आज बैठक में पाकिस्तान से एमएफएन का दर्जा वापस लेने के फैसले पर मुहर लग सकती है। लेकिन इससे पहले ही बैठक टलने की खबर आ गई। हालांकि बैठक रद क्यों की गई इस संबंध में अभी कोई जानकारी नहीं मिल सकी है।
पाक ने भारत को अाज तक नहीं दिया तरजीही राष्ट्र का दर्जा
बता दें कि उड़ी हमले के बाद से भारत लगातार पाकिस्तान पर कूटनीतिक दबाव बढ़ा रहा है इसी कड़ी में सिंधु जल समझौता और मोस्ट फेवर्ड नेशन के दर्जे को लेकर समीक्षा जारी है। भारत की ओर से पाकिस्तान को दिए गए एमएफएन दर्जे के बाद से पाकिस्तान लगातार भारत के साथ व्यापार समझौते में फायदे की स्थिति में है।
भारत और पाकिस्तान के बीच एक अनुमान के मुताबिक 3 बिलियन डॉलर से ज्यादा का व्यापार होता है जिसमें एमएफएन दर्जे की वजह से पाकिस्तान को काफी रियायत हासिल है। दूसरी ओर खास बात ये है कि पाकिस्तान ने भारत को आज तक ऐसा कोई दर्जा नहीं दिया गया। कई बार आश्वासन के बाद भी पाकिस्तान इस मुद्दे पर टालमटोल करता आ रहा है।
इसी वजह से कई बार भारत के अंदर इस बात की आवाज उठती रही हैं कि पाकिस्तान से मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा वापिस ले लिया जाए, लेकिन तमाम गतिरोधों के बाद भी भारत ने अभी तक पाकिस्तान का यह दर्जा बरकरार रखा था।