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रणनीति: पीके की तीन दिन में दो बार सोनिया गांधी के आवास पर बैठक, राहुल-प्रियंका समेत कई कांग्रेसी नेता रहे मौजूद
Mon, 18 Apr 2022 09:50 PM IST
शिव शरण शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Mon, 18 Apr 2022 09:50 PM IST
सार
बैठक में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी सहित कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता मौजूद हैं। इससे पहले शनिवार को बैठक हुई थी।
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PK
- फोटो : ANI
विस्तार
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के साथ तीन दिनों के अंतराल में चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की सोमवार को दूसरी बैठक हुई। करीब पांच घंटे की बैठक में शामिल वरिष्ठ कांग्रेस नेता का भी अब दो दिनों के प्रेजेंटेशन के बाद पीके के जीत के फॉर्मूले पर विश्वास जमने लगा है। हालांकि, लोकसभा चुनाव में उनकी सेवाएं इस शर्त के साथ लेने को तैयार प्रशांत किशोर पहले हमारे बनें। प्रशांत कांग्रेस की सदस्यता लेने के बाद जो भी ताना बाना बुनेंगे पार्टी आसानी से उनके साथ खड़ी होगी।
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सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास पर हुई बैठक पार्टी प्रमुख द्वारा गठित एक छोटे समूह की थी, जिसमें प्रियंका गांधी वाड्रा, रणदीप सिंह सुरजेवाला, केसी वेणुगोपाल, जयराम रमेश, पी चिदंबरम, मुकुल वासनिक और अंबिका सोनी शामिल हैं। नेताओं ने गुजरात, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में आगामी विधानसभा चुनावों के लिए भविष्य की रणनीति पर चर्चा की।
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सूत्रों के मुताबिक पीके चाहते हैं कि कांग्रेस 350 से 370 सीटों पर सीधे लड़ाई में उतरे और शेष सीटों पर समर्थित राजनीतिक दलों की मदद करे। पीके बिहार और यूपी जैसे राज्यों में जहां कांग्रेस कमजोर और उसे गठबंधन को लाभ नहीं मिल रहा है वहां चुनिंदा सीटों पर अपने दम पर लडऩे की सलाह दे रहे हैं। कांग्रेस को दक्षिण भारत के राज्यों में बेहतर संभावनाएं बताई जा रही हैं।
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सूत्रों की मानें तो गांधी परिवार के तीनों सदस्य सोनिया, राहुल और प्रियंका पीके की चुनावी सेवाओं को लेकर लगभग अपना मन बना चुके हैं। दूसरे दिन के प्रेजेंटेशन में प्रियंका गांधी भी शामिल हुई। बावजूद सोनिया गांधी चाहती हैं कि प्रशांत किशोर को लेकर जो भी फैसला लिया जाए जिसमें सभी वरिष्ठ नेताओं की मुहर हो सामूहिकता दिखे। यही कारण है कि बैठक में पी.चिदंबरम, केसी.वेणुगोपाल, अंबिका सोनी, रणदीप सुरजेवाला, जयराम रमेश शामिल थे।
प्रशांत किशोर के साथ बैठक में अन्य नेताओं के साथ बिहार कांग्रेस के प्रभारी भक्त चरण दास की मौजूदगी को लेकर भी जो खबरें आ रही है उसके मुताबिक कांग्रेस का वहां नया अध्यक्ष चुनना है ऐसे में पार्टी इस काम में भी पीके की टीम की मदद लेकर फैसला लेना चाह रही है ताकि जमीनी स्तर से लोगों की राय के बाद किसी का जिम्मेदारी सौंपी जाए।
केवी थॉमस ने कांग्रेस पर उठाए सवाल
इस बीच केरल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केवी थॉमस ने सोमवार को कहा कि केपीसीसी की राजनीतिक मामलों की बैठक में आमंत्रित नहीं किया जाना उन्हें पार्टी से बाहर किए जाने के कदम का संकेत है। थॉमस हाल में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के 23वें सम्मेलन में भाग लेने के लिये अनुशासनात्मक जांच का सामना कर रहे हैं। थॉमस ने कहा कि 2018 से उन्हें पार्टी से बाहर करने के लिये कदम उठाए जाते रहे हैं और उन्हें केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) की बैठक में आमंत्रित नहीं किए जाने से यह स्पष्ट हो गया है।
52 स्लाइड का प्रेजेंटेशन दिया
चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर कांग्रेस में क्या जिम्मेदारी मिलेगी, इस पर एक-दो दिन में पार्टी फैसला लेगी। प्रशांत की बुधवार को कांग्रेस पार्टी के नेताओं के साथ हुई चौथे दौर की बैठक काफी अहम रही। इसमें राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत और छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने पीके पर अपनी राय रखी।
बुधवार को करीब पांच घंटे की बैठक के बाद महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रशांत किशोर को लेकर एक समिति बनाई है। उम्मीद है 48 घंटे में कमेटी अपनी रिपोर्ट दे देगी। सूत्रों के अनुसार बैठक में किशोर ने कांग्रेस नेताओं को 52 स्लाइड का प्रेजेंटेशन दिया, जिसमें 18 स्लाइड में कांग्रेस की संपर्क रणनीति के बारे में बताया गया।
यूपी, बिहार व ओडिशा में अकेले लड़ने का सुझाव
सूत्रों के अनुसार लोकसभा चुनाव में पार्टी 370 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है और कुछ राज्यों की सीटों पर मित्र दलों के साथ गठबंधन कर सकती है। पीके ने सुझाव दिया है कि कांग्रेस को यूपी, बिहार और ओडिशा में अकेले लड़ना चाहिए। जबकि तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र में गठबंधन करना चाहिए। उधर राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत का कहना है कि पीके देश में ब्रांड बन चुके हैं। पीके कांग्रेस को स्वीकार है।