Exclusive: दो पूर्व सीबीआई निदेशकों के लिए उगाही भी करता था मीट व्यापारी मोईन कुरैशी
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सीबीआई के नंबर 2 माने जाने वाले विशेष निदेशक राकेश अस्थाना विवादास्पद मीट व्यापारी मोईन कुरैशी से जुड़े मामलों के तीसरे शिकार हैं। इससे पहले सीबीआई के दो शीर्षस्थ अधिकारी पूर्व निदेशक रंजीत सिन्हा और एपी सिंह कुरैशी से नजदीकी और उसके साथ पैसे के लेनदेन के मामले में कानूनी कार्रवाई झेल रहे हैं।
कुरैशी के खिलाफ पीएमएलए की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अपनी चार्जशीट में लिखा है कि कुरैशी रंजीत सिन्हा और एपी सिंह के लिए आरोपियों से पैसों की उगाही किया करता था। एपी सिंह रंजीत सिन्हा से पहले सीबीआई निदेशक थे। कुरैशी जैसे दलाल की शीर्ष अधिकारियों से सांठगांठ सीबीआई के इमेज पर गंभीर धब्बा माना जा रहा है।
2014 में इनकम टैक्स ने कुरैशी पर की थी कार्रवाई
सीबीआई के वरिष्ठ सूत्रों ने बताया कि कुरैशी पर 2014 में इनकम टैक्स ने सघन कार्रवाई की थी। उस दौरान कुरैशी के एपी सिंह और रंजीत सिन्हा की नजदीकियों का खुलासा हुआ। अधिकारी ने हैरानी जताई कि इतने साल बाद भी कुरैशी की सीबीआई में पैठ वैसे ही बनी हुई है। एजेंसी ने 15 अक्टूबर को मौजूदा विशेष निदेशक अस्थाना के खिलाफ कुरैशी से जुड़े मामले को रफा-दफा करने के लिए पैसे लेने के आरोप में एफआईआर दर्ज की है।
इससे पहले सीबीआई ने पिछले साल अप्रैल में पूर्व निदेशक रंजीत सिन्हा के खिलाफ कोयला आवंटन घोटाला जांच में अड़चन पहुंचाने के आरोप में एफआईआर दर्ज की थी। आरोप है कि कुरैशी कोयला घोटाले के आरोपियों को सिन्हा के 2 जनपथ स्थित सरकारी बंगले पर ले जाया करता था और पैसे का लेनदेन तय करता था।
15 महीनों मे 70 बार आरोपियों से मुलाकात
सीबीआई रिकार्ड के मुताबिक सिन्हा के बंगले पर मेहमानों की इंट्री रजिस्टर में रक्षा सौदे से जुड़े आरोपी संजीव नंदा, एम्मार-एमजीएफ जमीन घोटाले के आरोपी कोनेरु प्रसाद समेत कोयला घोटाले के आरोपी थे। रिकॉर्ड के मुताबिक कुरैशी ने सिन्हा से 15 महीने में करीब 70 बार आरोपियों से मुलाकात कराई थी।
रिकॉर्ड में यह बात भी है कि सुकेश गुप्ता नाम के एक सीबीआई आरोपी को जेल से छुड़ाने के लिए कुरैशी ने सिन्हा को पेशगी के तौर पर एक करोड़ रुपये दिए था। इसके एवज में सिन्हा ने अपने अधिकारी को सुकेश की जमानत का विरोध नहीं करने का निर्देश दिया था।
अक्टूबर 2014 को तत्कालीन एटार्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि कुरैशी के पूर्व निदेशक एपी सिंह के साथ गहरे ताल्लुकात थे। ईडी चार्जशीट के मुताबिक कुरैशी एपी सिंह के लिए आरोपियों से पैसे की उगाही करता था। कुरैशी से बरामद बीबीएम मैसेंजर से सीबीआई के भीतर चल रहे यह गड़बड़झाले उजागर हुए।