जम्मू-कश्मीर पर तुर्की के बयान को भारत ने बताया गैरजरूरी, पाक को भी लगाई लताड़
आजादी के बाद से ही भारत और पाकिस्तान के बीच विवाद का मसला रहे जम्मू-कश्मीर पर बीते दिनों तुर्की की ओर से दिए गए बयान को भारत ने तथ्यात्मक रूप से गलत, पक्षपातपूर्ण और गैजरूरी बताया है। गुरुवार को हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय विदेश मंत्रालय ने यह बात कही। इस दौरान मंत्रालय ने पाकिस्तान के नए नक्शे और कुलभूषण जाधव मामले में पाक को लताड़ भी लगाई।
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बीते दिनों तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोआन के कश्मीर की तुलना फलस्तीन से करने के साथ भारत पर कोरोना संकट के दौरान कश्मीर में अत्याचार करने का आरोप भी लगाया था। ईद उल अजहा के मौके पर एर्दोआन ने पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी और प्रधानमंत्री इमरान खान से बात की थी और कश्मीर के मामले में पाक को समर्थन देने की बात कही थी।
तुर्की सरकार ने कहा था कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाने का क्षेत्र में शांति स्थापित करने में कोई योगदान नहीं है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा, 'यह तथ्यात्मक रूप से गलत, भेदभावपूर्ण और गैरजरूरी है। हम तुर्की सरकार से अनुरोध करेंगे कि वह जमीनी हालात को ठीक से समझें और भारत के आंतरिक मामलों में दखल देने से बचें।'
जाधव मामले में अभी तक पाक से कोई संवाद नहीं मिला
वहीं, कुलभूषण जाधव के मामले में विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस संबंध में पाकिस्तान से अभी तक कोई संवाद प्राप्त नहीं हुआ है। श्रीवास्तव ने कहा कि पाकिस्तान को उन्हें निर्बाध और बिना रोक टोक के काउंसलर पहुंच मुहैया कराने की जरूरत है। हाल में ही इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने पाक सरकार को निर्देश दिया था कि जाधव के लिए वकील नियुक्त करने का भारत को एक और मौका दें।
श्रीवास्तव ने इस मामले में कहा कि पाकिस्तान को बुनियादी मुद्दों को संबोधित करने की जरूरत है। ये मुद्दे अंतरराष्ट्रीय अदालत (आईसीजे) के फैसले की प्रभावी समीक्षा, पूर्ति और क्रियान्वयन से संबंधित हैं। उन्होंने कहा कि ये मुद्दे हमें संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने और कुलभूषण जाधव तक अप्रभावित, बिना शर्त और बिना शर्त के काउंसलर पहुंच प्रदान करने से संबंधित हैं।
'नए नक्शे से सीमापार आतंक बढ़ाना चाहता है पाक'
पाकिस्तान की ओर से नया राजनीतिक नक्शा जारी किए जाने को लेकर श्रीवास्तव ने कहा, 'इस प्रकार के बेतुके दावों से पता चलता है कि पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद का उपयोग करके अधिक क्षेत्रों पर नियंत्रण करना चाहता है।' बता दें कि अपने नए राजनीतिक नक्शे में पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और पश्चिमी गुजरात के हिस्सों पर अपना दावा जताया है।
इससे पहले भारत सरकार पहले ही इस नक्शे को हास्यास्पद करार दे चुकी है। भारत सरकार ने इसे लेकर कहा था, 'इन हास्यास्पद दावों की न तो कानूनी वैधता है और न ही अंतरराष्ट्रीय विश्वसनीयता। वास्तव में, यह नया प्रयास केवल सीमा पार आतंकवाद द्वारा समर्थित क्षेत्रीय आंदोलन को लेकर पाकिस्तान के रुख की वास्तविकता की पुष्टि करता है।'
बता दें कि पाक के प्रधानमंत्री इमरान खान ने यह नक्शा पेश करते हुए कहा था, 'पाकिस्तान का नया राजनीतिक नक्शा पाकिस्तान की जनता की उमंगों का प्रतिनिधित्व करता है। पाकिस्तान कश्मीर के लोगों की सैद्धांतिक विचारधारा का समर्थन करता है। भारत ने पिछले साल पांच अगस्त को कश्मीर में जो गैरकानूनी कदम उठाया था, यह राजनीतिक नक्शा उसे नकारता है।'
'लेबनान हादसे में किसी भारतीय नागरिक की मौत नहीं'
चार अगस्त की रात को लेबनान की राजधानी बेरूत में हुए भीषण धमाके को लेकर विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस घटना में किसी भारतीय नागरिक की मौत नहीं हुई है। केवल पांच लोग मामूली रूप से घायल हुए हैं। उन्होंने कहा, 'हमने लेबनान से नुकसान का आकलन करने की मांग की है, इसके आधार पर हम सहायता की प्रकृति तय करेंगे और उसका विस्तार करेंगे।'
बता दें कि बीते मंगलवार को एक बंदरगाह में अमोनियम नाइट्रेट में आग लगने के बाद हुए बेरूत में भीषण धमाका हुआ था। इसमें कम से कम 135 लोगों की मौत हुई है जबकि पांच हजार से अधिक लोग घायल हो गए। पहले ही गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे लेबनान को इस धमाके ने झकझोर कर रख दिया है। लगभग तीन लाख लोग बेघर हो गए हैं। बेरूत का बंदरगाह भी बर्बाद हो गया है।