भारत और चीन मौजूदा समझौतों के अनुसार मुद्दे सुलझाने पर सहमत: विदेश मंत्रालय
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विदेश मंत्रालय ने सीमा विवाद के बीच चीन के साथ हुई बैठक पर जानकारी दी। भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से गुरुवार को आयोजित एक प्रेसवार्ता में कहा गया, 'भारत-चीन वर्किंग मकेनिज्म फॉर कंसल्टेशन एंड कोऑर्डिनेशन (डब्ल्यूएमसीसी) की 18वीं बैठक आज आयोजित हुई। इस दौरान सीमावर्ती क्षेत्रों में मौजूदा स्थिति पर स्पष्ट और गहन चर्चा हुई।
दोनों पक्षों ने इस बात को दोहराया कि दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के बीच हुए समझौतों के अनुसार सीमा पर विवादित क्षेत्रों से विघटन की दिशा में काम करना जारी रखेंगे। दोनों देश मौजूदा समझौतों, प्रोटोकॉल के अनुसार, बकाया मुद्दों को तेजी से हल करने के लिए सहमत हुए।
श्रीवास्तव ने कहा, 'दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हुए कि सीमा क्षेत्र में शांति की बहाली द्विपक्षीय संबंधों के समग्र विकास के लिए बहुत आवश्यक है। दोनों देशों ने डब्ल्यूएमसीसी बैठकों सहित वर्तमान में चल रही साझा गतिविधियों को जारी रखने पर भी सहमति जताई।
कुलभूषण जाधव पर रुख साफ
पाकिस्तान की जेल में कैद भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी कुलभूषण जाधव को लेकर भारत ने कहा है कि इस मामले में उसका रुख स्पष्ट है। श्रीवास्तव ने कहा कि इस मामले में पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय अदालत के फैसले के अनुसार कार्रवाई करनी चाहिए। मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा है कि जाधव मामले को लेकर हम राजनयिक चैनलों के माध्यम से पाकिस्तान के संपर्क में हैं।
अनुराग श्रीवास्तव ने कहा, 'कुलभूषण जाधव मामले में हम अंतरराष्ट्रीय अदालत के फैसले को ध्यान में रखते हुए एक मुक्त और सही ट्रायल की उम्मीद करते हैं। हमने मांग की है कि जाधव का प्रतिनिधित्व एक भारतीय वकील को सौंपा जाए।'अनुराग श्रीवास्तव ने कहा, 'हालांकि, पाकिस्तान के लिए मूल मुद्दों को संबोधित करना जरूरी है। इन मुद्दों में प्रासंगिक दस्तावेजों का प्रावधान और कुलभूषण जाधव तक अप्रभावित राजनयिक पहुंच प्रदान करना शामिल है।'
However, it is important that Pakistan needs to address the core issues; these issues involve the provision of relevant documents & providing unimpeded consular access to Kulbhushan Jhadav: Anurag Srivastava, MEA https://t.co/FIk8MDcbRR
— ANI (@ANI) August 20, 2020
भारत-नेपाल बैठक में द्विपक्षीय परियोजनाओं की समीक्षा हुई
प्रेस वार्ता के दौरान मंत्रालय ने भारत और नेपाल के बीच चल रहे क्षेत्रीय विवाद को लेकर हुई बैठक पर भी बात की। 17 अगस्त को हुई भारत और नेपाल के बीच निरीक्षण तंत्र की बैठक को लेकर विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह बैठक हमारे नियमित परामर्श का एक हिस्सा थी। अनुराग श्रीवास्तव ने कहा, 'इस विशेष तंत्र के जनादेश के के हिस्से के रूप में बैठक के दौरान हमारी सभी द्विपक्षीय परियोजनाओं की व्यापक समीक्षा हुई।'