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MEA: 'युद्ध से दूर रहें भारतीय युवक', रूस की निजी सेना में शामिल होने की खबरों पर विदेश मंत्रालय की हिदायत

Fri, 23 Feb 2024 03:14 PM IST
आदर्श शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: आदर्श शर्मा Updated Fri, 23 Feb 2024 03:14 PM IST
सार

रूस स्थित निजी सेना में शामिल होने की खबरों के बीच विदेश मंत्रालय ने भारतीय युवकों को युद्ध से दूर रहने का आग्रह किया है। इस बीच, भारतीय दूतावास ने युवाओं को जल्द छुट्टी देने के लिए रूसी अधिकारियों के सामने मामला उठाया है। 

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MEA urges exercising caution as Indian youth trapped, drafted into private army in Russia
विदेश मंत्रालय - फोटो : ANI

विस्तार

रूस में निजी सेना में भर्ती किए गए भारतीय युवाओं की खबरों के बीच विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को भारतीय नागरिकों से यूक्रेन और रूस के बीच चल रहे युद्ध से दूर रहने की हिदायत दी है। गौरतलब है कि रूस में स्थित भारतीय दूतावास ने युवाओं को जल्द छुट्टी देने के लिए रूसी अधिकारियों के सामने मामला उठाया है। 
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एजेंटों के बहकावे में आकर भारतीय युवक बने शिकार
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक बयान में कहा कि हम जानते हैं कि कुछ भारतीय नागरिकों ने रूसी सेना के साथ सहायक नौकरियों के लिए हस्ताक्षर किए हैं। भारतीय दूतावास ने उनकी जल्द रिहाई के लिए नियमित रूप से संबंधित रूसी अधिकारियों के साथ इस मामले को उठाया है। इसमें कहा गया है कि हम सभी भारतीय नागरिकों से उचित सावधानी बरतने और इस युद्ध से दूर रहने की हिदायत देते हैं। हैदराबाद के मोहम्मद सुफियान उन कई युवाओं में से एक हैं, जिन्हें कथित तौर पर कुछ एजेंटों ने धोखा दिया था और यूक्रेन के खिलाफ चल रहे संघर्ष में रूस के लिए लड़ने के लिए तैयार किया था।
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केंद्र सरकार मामले पर रूसी सरकार से करें चर्चा- ओवैसी
हैदराबाद निवासी सुफियान के परिवार ने केंद्र सरकार के साथ-साथ विदेश मंत्रालय से रूस में फंसे युवकों को सुरक्षित निकालने और एजेंटों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। एआईएमआईएम के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने भी इस मुद्दे पर केंद्र से रूसी सरकार के साथ बातचीत करने का आग्रह किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट साझा करते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि मोदी सरकार को रूसी सरकार से चर्चा करनी चाहिए। रूस-यूक्रेन युद्ध में फंसे 12 युवाओं को वापस लाना चाहिए।
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झांसा देकर युवकों को रूस की निजी सेना में किया शामिल- इमरान
सुफियान के भाई इमरान ने मीडिया एजेंसी से पूरे घटनाक्रम पर बात करते हुए कहा कि मेरे भाई को एक कंपनी ने ले लिया था, जिसका कार्यालय दुबई, दिल्ली और मुंबई में है। इनका पहला बैच 12 नवंबर 2023 को निकला था, जिसमें 21 युवा शामिल थी। उन्हें 13 नवंबर को रूस में एक समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए कहा गया था। उन्होंने कहा कि एजेंटों ने युवाओं से कहा कि उन्हें सेना के सहायक के रूप में नौकरी मिलेगी, लेकिन उन्हें सेना में भर्ती कर लिया गया और यूक्रेन की सीमाओं के अंदर तैनात कर दिया गया।
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