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झोलाछाप डॉक्टर नहीं दे पाएंगे धोखा, अब एक क्लिक में मिलेगी उनकी पूरी जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Updated Sat, 20 Aug 2016 04:19 AM IST
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मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया ने डीएमएम प्रोजेक्ट की शुरुआत की
- फोटो : getty
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नकली चिकित्सकों पर नकेल कसने और आपके चिकित्सक की पूरी जानकारी आपको एक क्लिक पर मिल जाए इसके लिए मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) की ओर से डिजिटल मिशन मोड प्रोजेक्ट (डीएमएमपी) लांच किया गया। प्रोजेक्ट के तहत देश भर के चिकित्सकों और मेडिकल कॉलेज की विस्तृत जानकारी एक क्लीक पर उपलब्ध होगी। प्रोजेक्ट पर एमसीआई की ओर से 45 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया गया है।
मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया की प्रेसिडेंट प्रो. डॉ.जयश्री मेहता ने बताया कि काउंसिल की ओर से इंडियन मेडिकल रजिस्टर (आईएमआर) को डिजिटल रूप देने पर काम शुरू कर दिया है। इसके तहत एमबीबीएस करते ही चिकित्सक को रेडियो फ्रीक्वेंसी आईकार्ड (आरएफआईडी) की जाएगी जिससे कि उसका पूरा ब्यौरा एक क्लीक पर सामने आ जाएगा। इसे आधार कार्ड से भी लिंक किया जाएगा।
एमसीआई की प्रेसिडेंट ने बताया कि मेडिकल संस्थानों में होने वाले फर्जीवाड़े और फर्जी चिकित्सकों पर नकेल कसने में मिशन मोड प्रोजेक्ट से मदद मिलेगी। इसके लिए आईएमआर और आरएफआईडी को डिजिटल रुप दिया जाएगा। इस पूरे प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए 45 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वर्ष-2017 तक इस प्रोजेक्ट को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
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एमसीआई के डिजिटल मिशन के चेयरमैन डॉ. अजय कुमार ने बताया कि देश के करीब 450 मेडिकल कॉलेजों के फैकल्टी को भी आरएफआईउी उपलब्ध कराये जाएंगे। इसके जरिये उनकी सैलरी, अवकाश, कक्षाओं में उपस्थिति आदि की भी ऑनलाइन जानकारी उपलब्ध हो जाएगी।
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मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया की प्रेसिडेंट प्रो. डॉ.जयश्री मेहता ने बताया कि काउंसिल की ओर से इंडियन मेडिकल रजिस्टर (आईएमआर) को डिजिटल रूप देने पर काम शुरू कर दिया है। इसके तहत एमबीबीएस करते ही चिकित्सक को रेडियो फ्रीक्वेंसी आईकार्ड (आरएफआईडी) की जाएगी जिससे कि उसका पूरा ब्यौरा एक क्लीक पर सामने आ जाएगा। इसे आधार कार्ड से भी लिंक किया जाएगा।
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एमसीआई की प्रेसिडेंट ने बताया कि मेडिकल संस्थानों में होने वाले फर्जीवाड़े और फर्जी चिकित्सकों पर नकेल कसने में मिशन मोड प्रोजेक्ट से मदद मिलेगी। इसके लिए आईएमआर और आरएफआईडी को डिजिटल रुप दिया जाएगा। इस पूरे प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए 45 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वर्ष-2017 तक इस प्रोजेक्ट को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
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एमसीआई के डिजिटल मिशन के चेयरमैन डॉ. अजय कुमार ने बताया कि देश के करीब 450 मेडिकल कॉलेजों के फैकल्टी को भी आरएफआईउी उपलब्ध कराये जाएंगे। इसके जरिये उनकी सैलरी, अवकाश, कक्षाओं में उपस्थिति आदि की भी ऑनलाइन जानकारी उपलब्ध हो जाएगी।